पर्यटन के माध्यम से भगवान श्रीराम को जानें

सुधीर जोशी

26th March 2021

श्रीराम से जुड़े धाॢमक पर्यटन स्थलों के दर्शन और पर्यटन दोनों का ही आनंद लेना चाहते हैं तो आईआरसीटीसी के स्पेशल ट्रेन 'श्री रामायण एक्सप्रेस' में टिकट कराइए और भारत ही नहीं श्रीलंका और नेपाल में भी श्रीराम से जुड़े धार्मिकस्थलों के दर्शन करिए।

पर्यटन के माध्यम से भगवान श्रीराम को जानें

भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। प्राचीन भारतीय ग्रंथ रामायण तथा गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस के अलावा विभिन्न चैनलों में दिखाये जाने वाले धारावाहिकों के माध्यम से भगवान श्रीराम को जाना तथा समझा गया है, लेकिन अगर आप से कहा जाए कि पर्यटन के माध्यम से भी भगवान श्रीराम को जाना तथा समझा जा सकता है तो आपको आश्चर्य होगा। पर्यटन भी और भगवान श्रीराम के बारे में जानकारी भी। तो चलिए एक पंथ दो काज, की कहावत को चरितार्थ करते हुए पर्यटन के माध्यम से भगवान श्री राम को जानें। 

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन की तरफ से भगवान श्री राम से जुड़े स्थलों का आईआरसीटीसी के भारत दर्शन पैकेज का हिस्सा कही जाने वाली इस यात्रा में भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े व रामायण में उल्लेख किए गए विभिन्न तीर्थस्थलों के दर्शन कराये जाते हैं। भारतीय रेल की ओर से इस यात्रा के लिए जो पैकेज तय किया गया है, उस पैकेज में यात्रियों को शुद्ध शाकाहारी भोजन, ठहरने के लिए उचित स्थान, दर्शनीय स्थलों के लिए पर्यटक बसें, घोषणाओं और सूचनाओं के लिए टूर एस्कॉर्ट्स की व्यवस्था और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की जाती है। रामायण एक्सप्रेस उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम में अलग-अलग स्थानों से चलेगी ताकि देशभर के लोग इसकी सेवा का लाभ उठा सकें। यह भी उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से भगवान राम से जुड़े स्थलों के दर्शन के लिए कुछ और रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू हो जाए।

भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों का दर्शन

श्री रामायण एक्सप्रेस की यात्रा के दौरान भगवान श्री राम से जुड़े सभी स्थलों का दर्शन होता है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे कैटेरिंग एवं टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) रामायण से जुड़े महत्त्वपूर्ण स्थलों से गुजरने वाली विशेष पर्यटन ट्रेन श्री रामायण एक्सप्रेस चलायी जा रही है। श्री रामायण एक्सप्रेस भारत में भगवान राम से जुड़े हर महत्त्वपूर्ण स्थलों के साथ-साथ श्रीलंका के चार स्थलों की भी यात्रा कराई जाती है। इस सामूहिक पैकेज में आईआरसीटीसी द्वारा भोजन, धर्मशाला, पर्यटन स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था के साथ-साथ एक टूर मैनेजर की व्यवस्था भी पूरी यात्रा के दौरान दर्शनार्थियों को मुहैया कराई जाती है। 

भारत, श्रीलंका व नेपाल तक का सफर

रामायण यात्रा-श्रीलंका नाम के इस तीर्थाटन को दो भागों में बांटा गया है, जिसका एक हिस्सा भारत में और दूसरा हिस्सा श्रीलंका और नेपाल तक की यात्रा है। श्रीलंका में पांच रात और छह दिन वाले इस टूर पैकेज के लिए आईआरसीटीसी ने प्रति व्यक्ति (कुल मिलाकर) 55,000 रुपये रखी है, जिसमें कैंडी, नुवारा एलिया, कोलंबो, नेगोंबो की यात्रा करवाई जाती है। 

राजधानी दिल्ली से लेकर कई राज्यों का कराती है सफर

भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े सभी महत्त्वपूर्ण पड़ाव का दर्शन कराने वाली इस यात्रा के दौरान देश की राजधानी के साथ-साथ कई राज्यों का दर्शन होता है। 

श्री रामायण एक्सप्रेस की ऑनलाइन बुकिंग संबंधी सुविधा आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ट्रेन की बुकिंग आईआरसीटीसी के देश में 27 टूरिज्म फैसिलिटेशन सेंटर से भी हो गई है।

दो हिस्सों में विभाजित है यात्रा

भगवान श्री राम से जुड़े स्थलों की यात्रा को दो हिस्‍सों में विभक्त किया गया है। यात्रा के पहले हिस्से में भारत में स्थित भगवान श्री राम से जुड़े स्थलों की यात्रा करायी जाती है और यात्रा के दूसरे हिस्से में श्रीलंका में स्थित भगवान श्री राम से जुड़े हिस्सों का दर्शन कराया जाता है।

पांच रातें और छह दिन

श्रीलंका में 5 रात और 6 दिन के पैकेज की कीमत प्रति व्यक्ति 36,970 रुपये होगी। श्रीलंका की यात्रा करने वालों को 36,950 रुपये अलग से देने होंगे, क्योंकि रामेश्वरम से श्रीलंका की यात्रा हवाई जहाज से कराई जाएगी। श्री रामायण यात्रा और रामायण एक्सप्रेस में ऑनलाइन सीट बुकिंग के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म की वेबसाइट www.irctctourism.com लॉगिन  किया जा सकता सकता है।

दस कोचों की है ट्रेन

भगवान राम से जुड़े स्थलों की तीर्थ यात्रा पर जाने के इच्छुक लोगों के लिए रेलवे ने विशेष पर्यटक ट्रेन चलाने की भी व्यवस्था की है। 10 कोचों वाली श्री रामायण एक्सप्रेस में पांच स्लीपर क्लास के गैर-वातानूकूलित कोच और पांच एसी के थ्री टीयर कोच हैं। ट्रेन में बुकिंग पूरी तरह से पहले आओ पहले पाओ के आधार पर की जा सकती है।

गाड़ी पर रामायण से जुड़े चित्र

रामायण एक्सप्रेस रेलगाड़ी के कोच के बाहर रामायाण से जुड़े तमाम चित्र बने होंगे। सफर के समय ट्रेन में कोच के भीतर भगवान राम से जुड़े भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा का पाठ जारी रहता है, इससे सैकड़ों तीर्थयात्रियों को ट्रेन में चलते-फिरते मंदिर की मौजूदगी का एहसास होता है। ट्रेन की बाहरी और आंतरिक साज-सज्जा तथा स्वरूप रामायण पर केंद्रित है।

इन राज्यों की कराती है सैर

1. राजस्थान (जययुर)- श्री रामायण यात्रा ट्रेन जयपुर से दिल्ली होते हुए लखनऊ अयोध्या, सीतामढ़ी, वाराणसी, चित्रकूट, नासिक, हम्पी, रामेश्वरम, मदुरई पहुंचती है। दिल्ली से चलते हुए इस ट्रेन का पहला पड़ाव अयोध्या में है, इसके बाद यह ट्रेन हनुमान गढ़ी की ओर रवाना होती है।

2. दिल्ली (सफदरजंग)- राजस्थान से अपने गंतव्य की ओर रवाना होने वाली श्रीरामायण ट्रेन दिल्ली से सफदरजंग, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली और लखनऊ से भी यात्रा की जा सकती है। इस यात्रा के लिए रवाना होने वाले यात्री अगर अपने साथ श्री रामचरित मानस की प्रति रखें तो यह उनकी इस यात्रा के लिए एक बहुत बड़ी मार्गदर्शिका साबित होगी। 

3. उत्तर प्रदेश- इस यात्रा में उत्तर प्रदेश के सबसे ज्यादा स्थल आते हैं। आइए जानें कि उत्तर प्रदेश के वे कौन-कौन से स्थल हैं, जो इस यात्रा का हिस्सा बनते हैं-

अयोध्या (श्री राम जन्मभूमि तथा हनुमानगढ़ी)

अपने आप में एक अलग तरह का एहसास कराने वाली इस रेलयात्रा के दौरान अयोध्या के अंतर्गत दो महत्त्वपूर्ण पड़ाव पर इस गाड़ी के ठहराव मिलता है। ये ठहराव हैं- श्री राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी। इन दोनों स्थानों पर गाड़ी को लंबा ठहराव दिया जाता है। श्री रामजन्मभूमि को देखने की उत्सुकता के बीच हनुमानगढ़ी का महत्त्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि हनुमानगढ़ी से पूरी अयोध्यानगरी का दर्शन किया जा सकता है।

प्रयागराज (त्रिवेणी संगम)

हनुमान मंदिर और भारद्वाज आश्रम। इस यात्रा के दौरान श्री रामायण एक्सप्रेस यात्रियों को प्रयागराज में स्थित त्रिवेणी संगम का दर्शन कराती है। यही नहीं इस दौरान यात्रियों की नेत्रों का वहां विराजित शयनस्थ हनुमान के दर्शन का अवसर भी दिया जाता है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं का भारद्वाज आश्रम के भी दर्शन होते हैं। 

वाराणसी (तुलसी मानस मंदिर और संकट मोचन मंदिर)

इस यात्रा के महत्त्वपूर्ण पड़ाव में वाराणसी दर्शन का अवसर भी श्रद्धालुओं को होता है। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को तुलसी मानस मंदिर, मानस मंदिर तथा संकटमोचन मंदिर का दर्शन कराया जाता है। 

 

चित्रकूट (रामघाट और सती अनसुइया मंदिर)

श्री रामायण एक्सप्रेस रामभक्त यात्रियों को चित्रकूट का भी दौरा कराती है। इस दौरे में श्रद्धालुओं को रामघाट और अनसुइया मंदिर के दर्शन का अवसर मिलता है। चित्रकूट मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन से जुड़ा एक महत्त्वपूर्ण स्थल है, इसलिए चित्रकूट देखने के प्रति लोगों में विशेष चाहत रहती है। धार्मिक मान्यतानुसार श्रीराम वनवास के दौरान चित्रकूट के घने जंगलों में ठहरे थे।

4. बिहार (सीतामढी, दरभंगा, सीता माता मंदिर)

इस यात्रा में बिहार के सीतामढ़ी और दरभंगा में भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े स्थलों का दर्शन करने का अवसर लोगों को मिलता है।

5. महाराष्ट्र (पंचवटी, नासिक)

इस यात्रा में सिंहस्थ कुंभ नगरी यानि महाराष्ट्र के नासिक में भगवान श्रीराम से जुटे पंचवटी का भी दर्शन करने का अवसर यात्रियों को मिलता है। नासिक नगरी की पहचान सिंहस्थ कुंभ की नगरी के रूप में है, यहां के त्रयंबकेश्वर में सिंहस्थ कुंभ का सदियों से आयोजित किया जाता है। त्रयंबकेश्वर में ब्रह्मï, विष्णु, महेश की सम्मलित मूर्ति की स्थापना की गई है, इसीलिए यहां के मंदिर को त्रयंबकेश्वर नाम दिया गया है।

6. नंदीग्राम (उ.प्र.)

अयोध्या से कुछ कि.मी. की दूरी पर है नंदीग्राम, जहां से राजा भरत ने 14 वर्षों तक अयोध्या का राज-काज चलाया और तप किया। इस यात्रा के दौरान एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है नंदीग्राम। इस स्थल को देखने की भी लोगों में जबर्दस्त उत्सुकता रहती है।

7. कर्नाटक (अंजनाद्री हिल, हंपी)

इस स्थल का दर्शन करने का अवसर भी इस यात्रा के दौरान यात्रियों को मिलता है। हंपी भी भगवान श्री राम से जुड़ा एक महत्त्वपूर्ण स्थल है।

8. तमिलनाडु (मदुरई, रामेश्वरम)

इस यात्रा के दौरान यात्रियों को भगवान श्रीराम के दक्षिण भारत के महत्त्वपूर्ण केंद्रों के दर्शन करने का भी अवसर मिलता है। इस यात्रा में तमिलनाडु के रामेश्वरम् में भगवान श्री राम से जुड़े केंद्रों का दर्शन करने का अवसर मिलता है।

विदेश दर्शन

1. श्रीलंका- इस टूर पैकेज में कैंडी, नुवारा एलिया, कोलंबो और नेगोंबो जैसे स्थलों का दर्शन कराया जाता है। भारतीय तीर्थस्‍थलों के दर्शन करवाने की पहल के तहत रेलवे श्री रामायण एक्सप्रेस ट्रेन दिल्‍ली से रवाना होकर श्रीलंका तक के तीर्थ स्‍थलों की यात्रा करती है। श्री रामायण यात्रा के दौरान श्रीलंका जाने का विकल्प चुनने वाले यात्री चेन्नई से कोलम्बो के लिए उड़ान ले सकते हैं। फिलहाल ढ्ढक्रष्टञ्जष्ट श्रीलंका के लिए पांच रात/छह दिन का टूर पैकेज पेश कर रही है, जिसका न्यूनतम दाम 47,600 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है।

2. नेपाल- भगवान श्री राम के जीवन के जुड़े महत्त्वपूर्ण पड़ाव में उत्तर प्रदेश के महत्त्वपूर्ण पड़ाव के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से करीब स्थित नेपाल के सीतामढ़ी में सीता माता से जुड़े केंद्रों का दर्शन भी इस यात्रा का हिस्सा है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्म स्थली अयोध्या के साथ-साथ उनकी ससुराल जनकपुरी (नेपाल) का दर्शन इस यात्रा के दौरान लोगों को करने का अवसर मिलता है। 

यह भी पढ़ें -इन राज्यों में है ट्रेवलिंग का प्लान, तो लेना न भूलें फूड एक्सपीरियेंस

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