छींक बंद करने के आसान और नैचुरल उपाय

Spardha Rani

6th April 2021

छींक आना एक सामान्य घटना है। लेकिन जब यह छींक बंद नहीं होती, लगातार आती रहती है तो यह जरूर डिस्कम्फर्ट महसूस कराती है। हम कुछ होम रेमेडीज की मदद से ही छींक को बंद कर सकते हैं।

छींक बंद करने के आसान और नैचुरल उपाय

छींक आना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन तब जब यह एकाध बार आए। अगर यह छींक बार- बार आती रहे तो यह बहुत इरिटेटिंग लगने लगता है। जरूरी नहीं है कि छींक सर्दी के मौसम में ही आए, यह किसी भी मौसम में हो सकता है। छींक मूलतः एक एलर्जी है, जो किसी विशेष गंध या किसी अन्य चीज के ट्रिगर से शुरू हो जाती है। जिसे छींक आनी शुरू हो जाती है और तुरंत रूकती नहीं, उसे यह डिस्कम्फर्ट महसूस कराती है। दरअसल जब भी हमारी नाक में कोई बाहरी चीज जैसे धूल, गंदगी, धुआं का प्रवेश होता है तो नाक में इरिटेशन होती है और छींक आनी शुरू हो जाती है। नाक के एयर पैसेज को साफ करने और बाहरी चीज को बाहर निकालने के लिए छींक आती रहती है। सीधे सरल शब्दों में कहें तो छींक आना किसी भी बाहरी बैक्टीरिया के खिलाफ़ हमारी बॉडी द्वारा लिया गया पहला कदम होता है। यह जिस तरह से अपने आप शुरू होता है, वैसे ही बंद भी हो जाता है। लेकिन कुछ मामलों में, लगातार छींक आने से अनकम्फर्ट महसूस होता है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।

पहचानें ट्रिगर को

जब भी आपको लगातार छींक आती है या बार- बार छींक आ रही है तो उससे बचने का सबसे पहला तरीका यह है कि आप ट्रिगर को पहचानें। कोई भी चीज जो नाक में चली जाए, आपकी नाक को इरिटेट कर सकती है। धूल, गंदगी, पेट के रोएं, परफ्यूम, मसालेदार खाना, मिर्च, वायरस आदि ट्रिगर हैं, जिनसे छींक आनी शुरू हो सकती है। यदि आप ट्रिगर को नहीं पहचान पा रहे हैं तो अपने डॉक्टर से मिलें।

होम रेमेडीज से छींक को रोकना

एक बार आपने अपने ट्रिगर को पहचान लिया तो निम्न आसान और नैचुरल तरीकों से आप छींक आने को रोक सकती हैं।

शहद

कई स्टडीज बताते हैं कि फ्लू की वजह से आने वली छींक को कम करने में श्श्द अहम भूमिका निभाता है। हां, एलर्जिक रिएक्शन में शहद शायद काम न आए लेकिन अपनाने में कोई हर्ज तो नहीं है। कहा जाता है कि शहद बॉडी को आस- पास मौजूद एलर्जन को ग्रहण करने के लिए तैयार करता है। इसके एक चम्मच का सेवन ही इन्फ्लेमेशन को कम करने की क्षमता रखता है और तुरंत राहत प्रदान करता है। इसे एलर्जिक रैशेज पर भी लगाया जा सकता है।

स्टीम

छींक दूर करने का एक प्रभावी तरीका स्टीम लेना है। इसके लिए आपको एक बड़े बर्तन में पानी गर्म करके अपने सिर को तौलिए से ढक कर स्टीम को अंदर लेना है। इससे नेजल पैसेज खुल जाता है। साथ ही अगर आपको सर्दी है तो वह भी ठीक हो जाती है। यह कोल्ड और फ्लू का बढ़िया इलाज है। स्टडीज बताते हैं कि नियमित तौर पर स्टीम लेने से आप बीमारी से एक सप्ताह जल्दी रीकवर हो सकते हैं।

कुछ अजीब कहना

यह कई फिल्मों में भी दिखाया जा चुका है कि अगर आपको लगातार छींक आ रही है तो कुछ अजीब कहने से आपका अटेंशन कहीं और जाता है और आपकी छींक बंद हो जाती है। इसको लेकर कोई रिसर्च तो नहीं है लेकिन आप इसे छींक आने पर ट्राई जरूर कर सकती हैं।

मुंह के ऊपरी हिस्से पर जीभ फेरना

एक और पुरानी मान्यता के अनुसार, मुंह के अंदर के ऊपरी हिस्से पर बार- बार जीभ फेरने से गुदगुदी सी महसूस होती है। यह गुदगुदी छींक आने को कम करती है। इसे आप आप कई सेकेंड तक कर सकते हैं। यह कानों में हो रही अजीब सी फीलिंग को भी ठीक करता है।

अचानक से रोशनी की ओर नहीं देखना

कई बार जब आप अंधेरे कमरे से रोशनी वाली जगह की ओर जाते हैं तो भी छींक आने लगती है। छींक आने वालों में से करीब एक- तिहाई लोगों को यह समस्या होती है। इसे फोटिक स्नीजिंग कहा जाता है और यह परिवार के एक सदस्य से दूसरे को हो जाती है। इससे बचने के लिए आपको पोलराइज्ड सनग्लासेज पहनने चाहिए।

नाक ब्लो करें

अगर आपनी नाक में धूल चली गई है तो उसे निकालने का सबसे बढ़िया तरीका नाक साफ करना है। एक बार नाक से धूल का कण निकल गया तो आप रैश वाली जगह पर क्रीम लगा सकती हैं।

नाक को करें पिंच

कई बार ऐसा होता है कि छींक आने से तुरंत पहले हमें पता चल जाता है। जैसे ही आपको महसूस हो कि आप छींकने वाले हैं, तुरंत अपने नाक के निचले हिस्से पर पिंच कर लें मानो कोई बदबू आ रही हो।

विटामिन सी का सेवन  

ऑरेंज, नींबू जैसे खट्टे फलों में फ्लेवोनॉयड्स नामक केमिकल्स होते हैं, जो पावरफुल एंटी- ऑक्सीडेंट हैं। फ्लेवोनॉयड्स इम्युनिटी बनाने में मदद करते हैं और अनचाहे बैकीरिया से भी लड़ते हैं। आप चाहें तो अपनी डाइट में विटामिन सी सप्लीमेंट भी जोड़ सकती हैं। विटामिन सी आपको तुरंत आराम भले न दे लेकिन समय  के साथ छींक आने की समस्या से दूर जरूर कर सकता है। आंवला को भी आप जरूर अपनी डाइट में शामिल करें। इसमें भी विटामिन सी और एंटी- ऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होता है।

यूक्लिप्टस ऑयल

डस्ट एलर्जी है तो यूक्लिप्टस ऑयल जरूर काम करेगा। इस एसेंशियल ऑयल में सिट्रोनेला नामक कम्पाउंड होता है, जो एयर पैसेज से स्पटम के निकलने में सहायक है। साथ ही इसमें एंटी- इन्फ्लेमेट्री और एनेल्जेसिक गुण होते हैं। यूक्लिप्टस ऑयल की कुछ बूंद को आप रुमाल पर डालें और इसे सूंघते रहें। इससे नेजल पैसेज साफ होगा और धूल कण बाहर निकल जाएगा। छोटे बच्चों की सर्दी, नाक बंद होने की समस्या और छींक में भी यूक्लिप्टस ऑयल बहुत काम आता है।

निष्कर्ष

छींक आना एक टेम्पररी समस्या है, जो अपने आप शुरू होकर अपने आप खत्म भी हो जाती है। यह बस आपकी बॉडी में बाहरी चीजों को प्रवेश करने से रोकने का प्राकृतिक तरीका है। यह फेफड़ों में खतरनाक चीजें नहीं घुसने देती है और गंभीर समस्याओं से बॉडी की सुरक्षा करती है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इसमें दवा लेने की कोई जरूरत नहीं है। यदि आप इससे बहुत परेशान हो रही हैं तो इन होम रेमेडीज को अपनाएं। यदि यह दो दिनों बाद भी ठीक नहीं हो रहा तो अपने डॉक्टर से जरूर मिलें।

 

ये भी पढ़ें - 

क्या है गोलो डाइट , क्या इससे होता है वजन कम 

आम की गुठली के इतने हेल्थ बेनेफिट्स कि जानकार आप चौंक जाएंगे 

 

स्वास्थ्य संबंधी यह लेख आपको कैसा लगा? अपनी प्रतिक्रियाएं जरूर भेजें। प्रतिक्रियाओं के साथ ही स्वास्थ्य से जुड़े सुझाव व लेख भी हमें ई-मेल करें-  editor@grehlakshmi.com

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

मौसमी एलर्जी...

मौसमी एलर्जी से निबटें

हर घर का आम ...

हर घर का आम रोग वायरल फीवर

जब हो सर्दी ...

जब हो सर्दी जुकाम से परेशान

फर्स्ट एड कि...

फर्स्ट एड किट क्यों जरूरी है

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

घर पर वाइट ह...

घर पर वाइट हैड्स...

वाइट हैड्स से छुटकारा पाने के लिए 7 टिप्स

बच्चे पर मात...

बच्चे पर माता-पिता...

आपकी यह कुछ आदतें बच्चों में भी आ सकती हैं

संपादक की पसंद

तोहफा - गृहल...

तोहफा - गृहलक्ष्मी...

'डार्लिंग, शुरुआत तुम करो, पता तो चले कि तुमने मुझसे...

समझौता - गृह...

समझौता - गृहलक्ष्मी...

लेकिन मौत के सिकंजे में उसका एकलौता बेटा आ गया था और...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription