7 पीरियड बंद होने के लक्षण जिन्हें आपको इग्नोर नहीं करना चाहिए

मोनिका अग्रवाल

4th April 2021

पीरियड्स हर महिला को अलग अलग समय अवधि के लिए और अलग अलग लक्षणों के साथ होते हैं। हो सकता है इन दिनों में आपको कुछ ऐसे लक्षण देखने को मिल जाएं जो आपके लिए एक चिंता का कारण हो सकता है और यह लक्षण आपको नजर अंदाज नहीं करने चाहिए।

7 पीरियड बंद होने के लक्षण जिन्हें आपको इग्नोर नहीं करना चाहिए

हर महिला के पीरियड्स अलग अलग होते हैं। कुछ को केवल 2 दिन की अवधि के लिए होते हैं तो कुछ को पूरे हफ्ते के लिए। बहुत सी महिलाओं को बिल्कुल दर्द नहीं सहन करना पड़ता है तो बहुत सी महिलाओं को करना पड़ता है और यह दर्द कम से ज्यादा हो सकता है। अगर आपको अपनी मेंस्ट्रुअल साइकिल में कोई बदलाव देखने को मिलते हैं तो आपको उन्हें बिल्कुल भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। तो आइए जानते हैं क्या है ऐसे लक्षणों के बारे में जो आपको इग्नोर नहीं करने चाहिए।

 

पीरियड्स का स्किप हो जाना :औसत महिलाओं को पीरियड्स लगभग 28 दिनों बाद होते हैं और अगर आपके पीरियड्स एकदम से रुक गए हैं तो उनके बहुत से कारण हो सकते हैं जिनमे से मुख्य गर्भ धारण होता है लेकिन अगर यह कारण नहीं है तो इसके निम्न कुछ कारण हो सकते हैं जैसे : 

 

अचानक से वजन कम कर लेना: अगर आप अधिक एक्सरसाइज कर लेते हैं तो इससे आपके कुछ हार्मोन्स प्रभावित होते हैं जिससे आपके पीरियड्स स्किप हो सकते हैं। अगर आप किसी एक्सरसाइज को या डाइट को फॉलो करके अपना वजन कम करते हैं तो उसकी वजह से भी आपके पीरियड्स स्किप हो सकते हैं।

अचानक से वजन बढ़ना:अगर आपका अचानक से बहुत अधिक वजन बढ़ जाता है तो भी आपकी साइकिल डिस्टर्ब हो सकती है।

बर्थ कंट्रोल पिल्स का नियमित प्रयोग करना: कुछ बर्थ कंट्रोल पिल्स आपको बहुत से हार्मोन्स का डोज दे देती हैं जिस वजह से भी आपके पीरियड्स रुक जाते है।

पीसीओएस: इस स्थिति के दौरान आपके हार्मोन्स इंबेलेंस हो जाते हैं जिसके कारण आपके पीरियड्स अनियमित हो जाते है।

अधिक स्ट्रेस के कारण: अगर आप अधिक स्ट्रेस लेते हैं तो यह भी आपके पीरियड्स बंद होने का एक कारण हो सकता है।

हैवी ब्लीडिंग: वैसे तो हर महिला में फ्लो अलग अलग होता है लेकिन अगर आपको एकदम से अपने फ्लो में एक तेजी महसूस होती है जोकि असामान्य है तो आपको इसके कारणों के बारे में पता होना चाहिए। इसके कुछ कारण निम्न हैं

हार्मोन्स का अनियमित होना :पीसीओएस और अंडर एक्टिव थायरॉयड ग्लैंड के कारण आपके हार्मोन्स अनियमित हो जाते है। इससे आपकी यूटरीन लाइनिंग और अधिक पतली हो जाती है जिस कारण आपको हैवी फ्लो महसूस करने को मिल सकता है।

फाइब्रॉइड्स: यह नॉन कैंसर्स ग्रोथ होती हैं जोकि आपके यूटरस में बढ़ जाती है और आपके हैवी फ्लो का एक कारण बन सकती हैं।

एंडोमीटरओसिस :यह एक प्रकार की ऐसी स्थिति होती है जब आपकी यूटरस की लाइनिंग पेल्विस में चली जाती है। यह टिश्यू हर महीने सूज जाता है और इसे बाहर कहीं जाने का भी रास्ता नहीं मिल पाता है।

ब्लीडिंग डिसऑर्डर: आपको कुछ इन्हेरिटेड स्थिति भी हो सकती हैं जिनसे आपकी ब्लड क्लोटिंग प्रभावित होती है। इसके कारण भी आपका हैवी फ्लो हो सकता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान आने वाली समस्याएं: अगर आपका फ्लो हैवी होता है तो यह मिस कैरेज या प्रेग्नेंसी से जुड़ी अन्य समस्याओं का भी एक कारण हो सकती है।

कैंसर: कई बार हैवी फ्लो कैंसर का भी एक कारण हो सकता है जो ज्यादातर मेनोपॉज के समय होता है।

असामान्य लंबे या छोटे पीरियड्स होना: औसत पीरियड्स साइकिल 2 से 7 दिन तक के बीच में होती है और अगर आपको कम समय के लिए पीरियड्स होते हैं तो इसमें डरने वाली कोई बात नहीं है लेकिन अगर आपको अचानक से इस समय अवधि में बदलाव देखने को मिलता है तो आपको अपने डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए। कुछ कारण जिनकी वजह से आपको हैवी फ्लो होता है, के कारण भी आपके पीरियड्स लंबे समय तक हो सकते हैं।

अधिक क्रैंप्स होना: पीरियड्स के दौरान क्रैंप्स होना बहुत आम बात है लेकिन अगर आपको अचानक से इनमें अधिक दर्द होता है तो इसके पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं जिनमें से मुख्य कारण निम्न हैं : 

  • फाइब्रॉयड
  • आईयूडी
  • एसटीडी
  • स्ट्रेस
  • एंडोमेटेरियसीस

पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होना: अगर आपको अपने पीरियड्स के बाद या बीच में कोई धब्बा देखने को मिलता है तो उसके कुछ कारण हो सकते हैं। इसके भी कुछ मुख्य कारण निम्न हैं : 

  • बर्थ कंट्रोल पिल्स में बदलाव करना या बीच में उन्हे छोड़ देना।
  • एसटीडी
  • पीसीओएस
  • वेजाइना में कोई चोट आना।
  • फाइब्रॉयड
  • गर्भवती होना

ब्रेस्ट पेन होना: पीरियड्स के दौरान आपको ब्रेस्ट में भी थोड़ा बहुत दर्द हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस समय आपके हार्मोन्स में थोड़ा बदलाव होता है। लेकिन अगर यह दर्द अधिक हो जाता है जो आपके पहले कभी देखने को नही मिला है तो आपको इसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

डायरिया या उल्टियां होना: बहुत सी महिलाओं को पीरियड्स के दौरान डायरिया होता है या उनकी उल्टियां आती है। लेकिन अगर यह लक्षण सामान्य नहीं है तो आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। 

निष्कर्ष: अगर आपको ऊपर लिखित में से कोई लक्षण असामान्य है तो आपको उसके बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए या अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करना चाहिए। इन लक्षणों को इग्नोर न करें।

यह भी पढ़ें-

मोनोपॉज के दौरानयोनि में सूखापन का इलाज कैसे करें

बड़े ब्रेस्ट वाली महिलाओं के लिए 7 स्टाइल टिप्स

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

पीरियड ज्याद...

पीरियड ज्यादा दिन तक आने के कारण

जानें कैसे ल...

जानें कैसे लेते हैं ऑक्सीमीटर से रीडिंग

क्या है प्री...

क्या है प्री मेंस्ट्रुअल सिंड्रोम

क्या मेंस्ट्...

क्या मेंस्ट्रुअल कप सुरक्षित और प्रभावी हैं...

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

जन-जन के प्र...

जन-जन के प्रिय तुलसीदास...

भगवान राम के नाम का ऐसा प्रताप है कि जिस व्यक्ति को...

भक्ति एवं शक...

भक्ति एवं शक्ति...

शास्त्रों में नागों के दो खास रूपों का उल्लेख मिलता...

संपादक की पसंद

अभूतपूर्व दा...

अभूतपूर्व दार्शनिक...

श्री अरविन्द एक महान दार्शनिक थे। उनका साहित्य, उनकी...

जब मॉनसून मे...

जब मॉनसून में सताए...

मॉनसून आते ही हमें डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जैसी...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription