पहला पीरियड, कैसे तैयार करें अपनी बेटी को?

Spardha Rani

9th April 2021

पहला पीरियड किसी भी लड़की की लाइफ में कई बदलाव लेकर आता है। इसमें डर और घबराहट भी शामिल है। लेकिन आप एक मां के तौर पर अपनी बिटिया के पहले पीरियड को यादगार बना सकती हैं।

पहला पीरियड, कैसे तैयार करें अपनी बेटी को?

मुझे याद आता है कि किस तरह पहला पीरियड आने पर हम सबकी मांएं हमें चुप रहने, किसी को न बताने की हिदायतें देती थी। यही नहीं, हमें पता भी नहीं होता था कि पीरियड जैसा कोई बदलाव भी हम लड़कियों के जीवन में आता है। लेकिन पीरियड को लेकर सोचने और समझने का दायरा बदल गया है। अब की मांएं पहले से अपनी बेटी को पीरियड की बारे में समझाती हैं और उन्हें तैयार करती हैं। तभी तो जब पिछले महीने ही कोमल ने अपनी 12 साल की बेटी के लिए एक गुडी बैग तैयार करके रख लिया। यह कोई आम गुडी बैग नहीं, बल्कि पहला पीरियड किट है, जिसे उन्होंने अपनी बेटी की बॉडी में आ रहे कुछ बदलावों को देखते हुए तैयार कर लिया। इस तरह के कई पीरियड किट्स ऑनलाइन खूब मिलते हैं। आप चाहें तो वहां से ऑर्डर कर सकती हैं या खुद अपनी पसंद से तैयार कर सकती हैं। इस तरह की पीरियड किट में सैनिटरी सप्लाई के साथ ही जरूरी जानकारी वाली बुक्स और आप चाहें तो कुछ गिफ्ट्स भी रख सकती हैं। साथ ही अगर आप चाहें तो उसमें नजदीकी केमिस्ट वाले का नंबर भी रख सकती हैं ताकि कभी आपके उपलब्ध न रहने पर उसे जरूरत हो तो वह उस केमिस्ट से पीरियड्स से जरूरी चीजें मंगवा सके।

प्यूबर्टी आपकी बिटिया के लिए एक मुश्किल भरा समय हो सकता है। ना सिर्फ आपकी बिटिया के लिए बल्कि आपके लिए भी। बेटियों को समय से पहले पीरियड्स हो जाना जब वह इसके लिए तैयार नहीं होती, उनके लिए कष्ट भरा हो सकता है। वहीं मांओं के लिए यह जरूरी है कि वे सुनिश्चित करें कि उनकी बेटियां मानसिक और भावनात्मक तौर पर तैयार रहें। और जब असल में पीरियड्स आ जाए तो घबराएं नहीं। क्योंकि पीरियड्स हर लड़की के जीवन का एक ऐसा माइलस्टोन होता है, जब उनकी बॉडी में हार्मोनल बदलाव होते हैं।

अधूरी जानकरी सही नहीं  

यह काफी हद तक संभव है कि आपकी बिटिया को पीरियड्स के बारे में पता हो। लेकिन साथ ही यह भी सम्भव हो सकता है कि उसे इस बारे में ठीक से न पता हो, या आधा- अधूरा पता हो। यह भी हो सकता है कि वह इसे लेकर कन्फ्यूज हो। ऐसे में यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप इस कन्फ्यूजन को दूर करें और उसे उसके पहले पीरियड के लिए तैयार करें।

पहले पीरियड की उम्र

नॉर्मल मेनस्ट्रूअल साइकल कई चीजों से प्रभावित होता है, जिसमें पर्यावरण, केमिकल से एक्सपोजर, जींस, वजन और अन्य कई मेडिकल स्थितियां शामिल होती है। अधिकतर लड़कियों को उनका पहला पीरियड 12 से 14 साल की उम्र के बीच आता है। लेकिन अगर उससे पहले आ जाए तो भी नॉर्मल ही है। अब कई लड़कियों को 9 या 10 साल की उम्र में भी पीरियड्स आ जाते हैं। आप यह समझ लें कि जब आपकी बिटिया का ब्रेस्ट डेवलप होना शुरू हो जाता है, उसके करीब दो साल बाद मेनस्ट्रूअल साइकल भी शुरू हो जाती है।

पहला पीरियड कितने दिन चलता है

पीरियड अमूमन तीन से सात दिन तक चलते हैं। सबसे ज्यादा मेनस्ट्रूअल ब्लीडिंग शुरू के दो दिन होती है। लेकिन पहला पीरियड इतना लंबा नहीं चलता। एक लड़की की बॉडी को रेग्युलर शेड्यूल में सेट होने में कुछ महीने लगते हैं। शुरू के कुछ पीरियड्स दो से पांच दिन तक रह सकते हैं। एक बार हार्मोन्स स्थिर हो जाते हैं तो यह रेग्युलर हो जाता है। शुरू में जरूरी नहीं है कि हैवी ब्लीडिंग हो ही, संभव है कि ब्लड की सिर्फ कुछ बूंदें ही दिखें।

पहले पीरियड से पहले के कुछ लक्षण

यह बता पाना बहुत मुश्किल है कि आपकी लाडली को पहला पीरियड कब होगा क्योंकि इसका कोई लक्षण नहीं है। कई बार लोग पीरियड्स को अन्य हेल्थ कंडीशन्स से कन्फ्यूज हो जाते हैं। लेकिन यदि आप थोड़ा अलर्ट रहेंगी तो आप ब्लीडिंग के शुरूआती लक्षणों को समझ पाएंगी। ये लक्षण हैं - एक्ने, एब्डॉमिनल ब्लोटिंग, ब्रेस्ट में दर्द, पीठ में दर्द, कब्ज, डायरिया, थकान, अधिक इमोशनल या चिड़चिड़ महसूस करना, मीठा खाने की क्रेविंग, व्हाइट या ट्रांसपैरेंट वजाइनल डिस्चार्ज।

ऐसे तैयार करें अपनी बेटी को पहले पीरियड के लिए

आपको अपनी बेटी को मेनस्ट्रूएशन के बारे में सिखाना- बताना चाहिए। उसे बताएं कि उसकी बॉडी में किस तरह के बदलाव आएंगे और हर महीने कुछ दिनों के लिए उसे ब्लीडिंग होगी। उसे यह समझाना बहुत जरूरी है कि यह एक नॉर्मल चीज है, जो सबको होती है और इसके लिए डरने या घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। हो सकता है कि उसके पास इससे संबंधित कई सवाल हों और वह आपसे सवालों की भरमार कर दे। ऐसे में आपको चिड़चिड़ नहीं करना है। आपको धैर्य से काम लेना है और उसके हर सवाल का जवाब देना है। उसे आने वाले समय के लिए अच्छी तरह से तैयार करने का यही एक तरीका है कि आप उसके हर कन्फ्यूजन को दूर कर दें। इसके साथ ही, एक पीरियड किट तैयार करें और उसे उसके स्कूल बैग में रख दें ताकि जब कभी उसका पीरियड स्कूल में शुरू हो जाए तो वह घबरा ना जाए। उसे बताएं कि किस तरह पैड्स या टैम्पन्स का इस्तेमाल करना चाहिए। उसे यह भी बताएं कि अगर कभी स्कूल में पीरियड आ जाए तो तो उसे किसकी मदद लेनी चाहिए। पीरियड किट में ये चीजें होनी चाहिए- 2 साफ पैंटी, 2 पैड या टैम्पन, वाइप्स और दर्द कम करने वाली दवा।

कब मिलें डॉक्टर से

यह बिल्कुल सामान्य बात है कि पैरेंट्स अपनी बेटी को लेकर हाइपर हो जाएं। खास कर बात जब प्यूबर्टी की आती है! लेकिन ऐसा करने से किसी तरह की मदद नहीं मिलेगी। यदि आपको अपनी बेटी को लेकर कोई चिंता है तो सबसे अच्छा यह होगा कि आप गायनकोलॉजिस्ट के साथ अपॉइंटमेंट फिक्स कर लें। आपको एक गायनकोलॉजिस्ट से इन स्थितियों में मिलना चाहिए -

यदि आपकी बेटी को 15 साल की उम्र तक पीरियड्स शुरू ना हों

यदि उसके पीरियड्स अनियमित हों

यदि उसे पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग हो

यदि उसे इतना दर्द हो कि वह अपने रोजाना के काम करने में अक्षम महसूस करे

यदि उसके पीरियड्स सात दिनों से ज्यादा रहें।

 

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