साईं ने किए हैं ढेरों चमत्कार, यूं ही नहीं मानते लोग उनको भगवान

चयनिका निगम

13th April 2021

साईं के भक्तों की तादाद यूंहीं अनगिनत नहीं है, उनके चमत्कारों को जानने के बाद कोई भी उनका भक्त बन ही जाएगा।

साईं ने किए हैं ढेरों चमत्कार, यूं ही नहीं मानते लोग उनको भगवान


साईं बाबा ऐसे महान पुरुष हुए जिनको भगवान न होते हुए भी भगवान का दर्जा मिला हुआ है। उनके भक्त धर्म के बंधनों से परे उनकी भक्ति में लीन रहते हैं। फिर चाहे भक्त मुस्लिम हों या हिन्दू, सीख हो या ईसाई। तकरीबन सभी धर्म के लोग साईं को मानते हैं। साईं बाबा भी अपने चमत्कारों से भक्तों को गलत साबित नहीं होने देते हैं। बल्कि अपने जीवन काल में उन्होंने ऐसे चमत्कार किए हैं कि सुनकर ही मन हैरान हो जाता है। इन चमत्कारों को अगर आपने अभी तक नहीं पहचाना है तो अब जान लीजिए, आप भी साईं की भक्ति में खुद को लीन होने से रोक नहीं पाएंगे-

 

बारिश रोक दी बाबा ने-  

एक दफा साईं से मिलने उनके भक्त अपनी पत्नी के साथ आए तो दर्शन के बाद लौटते हुए तेज बारिश होने लगी। भक्त बहुत परेशान हुए पर बाबा उनकी दिक्कत समझ गए। उन्होंने तुरंत ही ऊपर वाले से दुआ मांग ली कि हे ऊपरवाले बारिश रोक दे, मेरे बच्चे घर जाना चाहते हैं। उनके इतना बोलते ही बारिश रुक गई और सब हैरान रह गए। 

 

पानी से जल उठे दिए-

साईं बाबा रोज ही मस्जिद में दिए जलाते थे और इसके लिए पास के बनियों से तेल भी ले लिया करते थे। लेकिन एक दिन बनियों ने तेल देने से मना कर दिया। तब बाबा ने इस बात का जरा भी विरोध नहीं किया बल्कि सीधे मस्जिद चले गए। वहां पहुंच कर उन्होंने पानी से ही दिए जला दिए। सब ये देखकर शर्मिंदा थे और बाबा का चमत्कार देखकर हैरान भी थे। 

 

कुष्ठ रोगी के हाथों ठीक हुए साईं-

साईं बाबा एक बार जल गए थे। उनके लिए एक भक्त डॉक्टर भी ले कर आया लेकिन बाबा ने एक कुष्ठ रोगी से रोज घी मलवाना ही जारी रखा। भागोजी शिंदे नाम के इस कुष्ठ रोगी की सेवा से ही साईं ठीक हो गए। जबकि उस वक्त ये रोग छुआछूत का माना जाता था और लोग ऐसे लोगों से दूर भागते थे। 

 

खेत जलने से बच गए-

एक बार साईं बाबा ने अपने एक भक्त से तुरंत खेतों की ओर जाने को बोला। कहा देखना कहीं खेत जल ना जाएं। ये क्या किसान जब खेत पर पहुंचा तो हल्की सी चिंगारी बड़ी आग में बदलने वाली थी और खेत बस जलने वाले थे। ठीक इसी समय भक्त ने साईं को याद किया और बाबा पानी लेकर खेतों की रक्षा के लिए चले आए। 

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