न्यू इयर गिफ्ट - गृहलक्ष्मी लघुकथा

डॉ. लता अग्रवाल

14th April 2021

'सॉरी! मेडम! इस शर्ट का एक ही पीस है और ये पीस इन मेडम ने पसंद कर लिया।' 'ओह! वैसे जो भी है बेटर च्वाइस।'

न्यू इयर गिफ्ट - गृहलक्ष्मी लघुकथा

मॉल में एक ही पसंद को लेकर टकराई दो युवतियां। तृप्ति और सिमरन।

'हाय! आय एम् तृप्ति।'

'हेलो! आय एम् सिमरन।'

 'वाऊ! जितनी सुंदर हो उतना ही सुंदर नाम है तुम्हारा।' तृप्ति ने सिमरन की खूबसूरती को सराहते हुए कहा।

'थैंक्यू वैरी मच।'

'शोपिंग के लिए आई हो।'

'जी न्यू इयर पर अपने बॉय फ्रेंड को गिफ्ट करना है।'

'ओके! साथ आये हैं?'

'नहीं, किन्तु आते ही होंगे, मूवी का प्लान है।'

'आप?'

'मैं भी पति के लिए गिफ्ट लेने आई हूँ।

'इत्तफाकन हमारी च्वाइस कितनी मिलती है न।' तृप्ति ने कहा।

'जी।' तभी सिमरन के मोबाईल पर कोल आया,

'कहाँ हो डार्लिंग? फिल्म शुरू होने वाली है।'

'यहीं मॉल में...जॉय कलेक्शन में।'

'मैं भी वहीँ बाहर खड़ा हूँ, आई एम् वेटिंग डार्लिंग।'

'या आई एम् कमिंग।' कहते हुए सिमरन अपना पैकेट लेकर पलट गई।

तृप्ति को सहज जिज्ञासा हुई कौन है इस रूपसी का बॉय फ्रेंड? देखते ही तृप्ति के पैरों तले जमीन खिसक गई।

'ओह! तो ये थी आलोक की अर्जेंट मीटिंग!'

यह भी पढ़ें -कब तक? - गृहलक्ष्मी लघुकथा

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