इस तरह से दाल मददगार है कोविड - 19 के खिलाफ़ लड़ने में

Spardha Rani

7th May 2021

कोविड – 19 के खिलाफ़ लड़ने में दाल न केवल हमारी इम्युनिटी को बूस्ट अप करता है, बल्कि संपूर्ण पोषण के लिहाज से इनका सेवन जरूर करना चाहिए।

इस तरह से दाल मददगार है कोविड - 19 के खिलाफ़ लड़ने में

हम बचपन से ही यह सुनते आए हैं कि दाल खाना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। यही वजह है कि हर बच्चे को यह घुड़की दी जाती है कि दाल जरूर खाओ! यह ने केवल हमारी इम्युनिटी को बूस्ट अप करता है, बल्कि संपूर्ण पोषण के लिहाज से इनका सेवन जरूर करना चाहिए। इस कोविड - 19 के समय में एक ओर जहां आंशिक लॉकडाउन चल रहा है, तो हमारे लिए ताजी सब्जियां और फल ऑर्डर करना भी मुश्किल भरा काम है। लेकिन अगर आपके घर पर विभिन्न तरह के दाल हैं तो आपके पोषण की सारी जरूरतें दाल से पूरी हो सकती हैं। हाल ही में सेलेब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट ऋजुता दिवेकर ने भी दाल के सेवन पर जोर दिया है। इनका इस्तेमाल हम कई तरीके से कर सकते हैं, दाल से लेकर डोसा और चाट तक बना सकते हैं। आज इस आर्टिकल में हम जानते हैं कि आपको किन दालों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए, कैसे उनका सेवन किया जा सकता है और उनके क्या हेल्थ बेनेफिट्स हैं।

दाल के हेल्थ बेनेफिट्स

 

हमारी किचन में मिलने वाले दालों में आयरन, जिंक, कई तरह के विटामिन, सेलेनियम और लाइजीन जैसे एसेंशियल एमिनो एसिड्स होते हैं। ये कैल्शियम अवशोषण में मदद करने के साथ ही भूख को भी नियमित करते हैं। आयरन हिमोग्लोबिन को बढ़ाता है और ऑक्सीजन का इस्तेमाल करने में हमारे मसल्स की मदद करता है। बाल और स्किन के हेल्दी रहने में भी आयरन अहम भूमिका निभाता है। कोविड के समय सबको जिंक के सेवन की सलाह दी जाती है, जो हमारे देसी दालों में भरपूर है। जिंक एक इम्युनिटी बूस्टर है, जो कोरोना वायरस से लड़ने में मदद करता है। सेलेनियम हमारी बॉडी में एंटी- ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। इसके सेवन से हार्ट अटैक, अस्थमा और कैंसर जैसी बीमारियां पास नहीं फटकती हैं। हमारे मसल्स, हड्डियों, स्किन और बालों के साथ इम्यून सिस्टम को सही बनाए रखने में एमिनो एसिड अहम भूमिका निभाते हैं। दाल में पाया जाने वाला एमिनो एसिड लाइजीन हमारी बॉडी में नहीं होता है। यह बॉडी में कैल्शियम के अवशोषण में सहायता करता है। दाल हमारी भूख को नियमित करने में भी मदद करता है। इसके सेवन से आपका पेट देर तक भरा हुआ महसूस करता है और आप ओवर इटिंग से बचते हैं। यानी कि अगर आप अपना वजन कम करने की कोशिशों में लगे हैं तो भी दाल का सेवन जरूर करें।

गर्मी में लाभदायक दाल

ऋजुता की मानें तो इन गर्मियों में हमें अपनी डाइट में मूंग, मटकी और लाल चवली दाल को शामिल करना चाहिए। ये डालें इसलिए क्योंकि इन्हें पचाना आसान है और इनमें विटामिन और मिनरल प्रचुर मात्रा में होने की वजह से ये इम्यून सिस्टम के निर्माण में मददगार हैं।

किसे खाना चाहिए ज्यादा दाल

 

ऋजुता दिवेकर ने हाल ही में अपने इन्स्टाग्राम पर एक वीडियो रिलीज किया है, जिसमें उन्होंने दाल के अनगिनत फ़ायदे गिनाए हैं। कोविड से बीमार लोगों के साथ अन्य लोगों को भी दालों का सेवन जरूर करना चाहिए, क्योंकि इससे उनका इम्यून सिस्टम बूस्ट अप होता है। इसके अलावा, जिन लोगों को बाल झड़ने की समस्या है, पीसीओडी, थायरॉयड या ब्लॉटिंग की समस्या है, उन्हें भी दालों का सेवन करना ही चाहिए। तनाव से ग्रस्त लोग या जिन्हें नींद ना आने की समस्या है, उन्हें भी दाल को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। यदि आप उन लोगों में से एक हैं, जिनका इंसुलिन रेसिस्टेंस ज्यादा है, दाल का सेवन इसे कंट्रोल में रख सकता है।

कैसे करें दाल को अपनी डाइट में शामिल

आप दाल को रात भर भिगो कर अंकुरित कर सकते हैं। इन्हें स्टोर करके रख लें और फिर आपका इनका प्रयोग कई तरह से कर सकते हैं। सुबह के नाश्ते में इसका डोसा/ चीला बना सकती हैं। इसको पका कर दोपहर में चावल के साथ खाया जा सकता है। इसका चाट भी बना सकते हैं, जैसे मिसल पाव बनता है। चावल, रोटी और सब्जियों के साथ भी इसका सेवन किया जा सकता है।

खिचड़ी सा कोई नहीं

 

इस समय कुछ लोग ऐसे भी सामने आए हैं, जिन्होंने कोविड मील ऑफर करने वालों की लिस्ट बनाई है। इनमें से एक नाम सारंच गोइला का भी है। उन्होंने हाल ही में इन्स्टाग्राम पर खिचड़ी को कोविड - 19 रोगियों के लिए सबसे सही फूड बताया है, जिसमें दाल का भरपूर इस्तेमाल होता है। सारांश के अनुसार, हर व्यक्ति की अपनी बॉडी के अनुसार अलग- अलग जरूरतें होती हैं। ऐसे में खिचड़ी ही एक ऐसी डिश है, जो सबके साथ फिट बैठती है। हां, जो लोग चावल का सेवन नहीं कर सकते हैं, उन्हें चावल की जगह बाजरा का प्रयोग करना चाहिए। इसके साथ खूब सारी सब्जियां मिलाएं और बस आपका कंप्लीट मील तैयार है। खिचड़ी को वन- पॉट वंडर भी कहा जाता है, जो इस समय कई लोगों के पेट भरने और हेल्दी रहने का कारण बना हुआ है।

दाल से बनने वाली कुछ रेसिपी

दाल से हम कई रेसिपी बना सकते हैं. ऐसी ही दो आसान रेसिपी आपके लिए यहां दी जा रही हैं।

 

अंकुरित चाट

 

रात भर भिगोये हुए सफ़ेद छोले और राजमा को सुबह प्रेशर कुकर में पका लें। अब इसमें कटे हुए कच्चे प्याज, टमाटर, भुनी हुई मूंगफली, उबले हुए कॉर्न, हरी धनिया और नमक, चाट मसाला मिला लें। आपकी अंकुरित चाट तैयार है।

मूंग दाल चाट

इसके लिए आपको मूंग दाल को प्रेशर कुकर में पानी डाल कर पकाना है। जब दो से तीन सीटी लगे जाए तो इसे निकाल लीजिए। अब मीडियम आंच पर एक पैन रखें और इसमें थोड़ा सा तेल डालें। इसमें उबले हुए मूंग दाल के साथ नमक, अदरक और लहसुन का पेस्ट भी डाल दें। इसमें कटे हुए प्याज, टमाटर, कच्चे आम और गाजर (वैकल्पिक) डाल कर एक मिनट के लिए चलाएं। जब यह मिश्रण पाक जाए यानी अच्छी तरह से मिल जाए तो गैस बंद कर दें। इसमें नींबू का र्स डालकर अच्छी तरह से मिला लें। अब इसे एक सर्विंग डिश में ट्रांसफ़र करें और हरी धनिया के साथ ही भुजिया सेव से गार्निश करें। आपकी मूंग की दाल तैयार है।

 

ये भी पढ़ें -

भाग्यश्री से सीखें कोविड के दर्द से राहत पाने का नुस्खा, यह तेल है मददगार 

ये सब अपनी डाइट में शामिल करना है जरूरी कोविड रोगियों के लिए  

 

स्वास्थ्य संबंधी यह लेख आपको कैसा लगा? अपनी प्रतिक्रियाएं जरूर भेजें। प्रतिक्रियाओं के साथ ही स्वास्थ्य से जुड़े सुझाव व लेख भी हमें ई-मेल करें- editor@grehlakshmi.com

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

ये सब अपनी ड...

ये सब अपनी डाइट में शामिल करना है जरूरी कोविड...

क्या हमस है ...

क्या हमस है हेल्दी? इम्युनिटी बूस्ट करें...

कढ़ी के हेल्थ...

कढ़ी के हेल्थ बेनेफिट्स, जानें क्यों जरूरी...

प्रेगनेंसी म...

प्रेगनेंसी में इस तरह से करें देसी घी का...

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

जन-जन के प्र...

जन-जन के प्रिय तुलसीदास...

भगवान राम के नाम का ऐसा प्रताप है कि जिस व्यक्ति को...

भक्ति एवं शक...

भक्ति एवं शक्ति...

शास्त्रों में नागों के दो खास रूपों का उल्लेख मिलता...

संपादक की पसंद

अभूतपूर्व दा...

अभूतपूर्व दार्शनिक...

श्री अरविन्द एक महान दार्शनिक थे। उनका साहित्य, उनकी...

जब मॉनसून मे...

जब मॉनसून में सताए...

मॉनसून आते ही हमें डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जैसी...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription