पांच पेरेंटिंग राज जो आपके बच्चे के व्यवहार में लाएंगे सुधार

मोनिका अग्रवाल

2nd June 2021

हम सभी पैरेंट्स अपने बच्चों को बेहतर बनाना चाहते हैं और उन्हें अनुशासित करना चाहते हैं । लेकिन अक्सर अपने बच्चों को अनुशासित करने की कोशिश करते समय ज्यादातर पेरेंट्स खुद को अक्षम , असमर्थ महसूस करते हैं ।

पांच पेरेंटिंग राज जो आपके बच्चे के व्यवहार में लाएंगे सुधार

पेरेंटिंग राज जो आपके बच्चे के व्यवहार में लाएं सुधार

एक अच्छा माता - पिता बनना मुश्किल हो सकता है और सबसे मुश्किल तब होता है जब आप पहली बार पैरेंट्स बनते हैं । हमें वास्तव में कभी नहीं सिखाया जाता है कि बच्चों को किस तरह से पालना पोसना चाहिए उनकी किस तरह से अच्छे से परवरिश करनी चाहिए , ऐसे में आमतौर पर हम अपने माता पिता से सीखा हुआ व्यवहार ही दोहराते हैं । अगर हम बिगड़े माहौल में पले बढ़े , तो हमसे वही गलतियां हो सकती हैं , जो हमने देखीं और बच्चों के रूप में  अनुभव की , जब माता पिता बनने की हमारी बारी आती है। नतीजा बच्चे चिड़चिड़े , जिद्दी और बिगड़ जाते हैं और इस तरह के लिए काफी हद तक माता पिता ही जिम्मेदार होते हैं क्योंकि वह सही समय पर अपने बच्चे की गलतियों और गलत व्यवहार हो अनदेखा कर देते हैं । 

हम सभी पैरेंट्स अपने बच्चों को बेहतर बनाना चाहते हैं और उन्हें अनुशासित करना चाहते हैं । लेकिन अक्सर अपने बच्चों को अनुशासित करने की कोशिश करते समय ज्यादातर पेरेंट्स खुद को अक्षम , असमर्थ महसूस करते हैं । 

तो चलिए , आज हम आपके साथ कुछ ऐसे पेरेंटिंग राज शेयर करने जा रहें है ,  जो आपके बच्चे के व्यवहार को सुधारने में काफी फायदेमंद होंगे । 

बच्चों के अच्छे व्यवहार की करें प्रशंसा : 

बच्चे प्रशंसा करने से नहीं बिगड़ते हैं । असल में केवल वही बच्चे प्रशंसा किए जाने पर आसानी से बिगड़ जाते हैं, जिन्हें कम प्यार और पुरस्कार मिलते हैं । वे किसी भी अनुरोध को मानने से पहले पुरस्कार की मांग करते है । जिन बच्चों के अच्छे व्यवहार पर उनके माता पिता द्वारा प्रशंसा की जाती है ,इससे उन बच्चो का आत्मविश्वास बढ़ता है । इससे उन्हे अच्छे व्यवहार के लिए पुरस्कार की आवश्यकता नहीं पड़ती । जब भी आप अपने बच्चे को कुछ अच्छा करते देखें , तो उनकी तारीफ जरूर करें । 

 बच्चों को करें प्रोत्साहित :

अगर आपको अपने बच्चे को काम करने के लिए प्रेरित करना है तो , उसके लिए आप अपने घर की दीवार पर एक चार्ट या कैलेंडर लगाएं , जिसमे उनके काम करने की पूरी लिस्ट हों । आप बच्चो की इस काम करने की लिस्ट में , सफाई , कचरा बाहर निकालने , या खाने की टेबल सेट करने जैसी चीजें शामिल कर सकते हैं । आप चाहें तो इसमें उनके व्यवहार संबंधी चीजें भी शामिल कर सकते हैं जैसे , स्कूल का होमवर्क करना , दांतों को ब्रश करना , और अपने भाई बहनों के साथ अच्छा व्यवहार करना । जब आपका बच्चा सभी काम अच्छे से करें और अच्छा व्यवहार करें तो, उसे प्रोत्साहित करें , जिससे वो आगे भी अपना काम पूरी जी जान से करें ।

 अनुशासित तकनीक का करें उपयोग :

जब आपके बच्चे दुर्व्यवहार करते हैं , तो उन्हे यह विशिष्ट व्यवहारों को समझने की आवश्यकता है , जिन्हे आप कभी नही चाहते कि आपके बच्चे दुबारा करें । उन्हे बताएं कि वे क्या गलत कर रहें हैं , और फिर चेतावनी दें दुबारा न दोहराने की । आपकी चेतावनी बहुत सरल और सहज होने चाहिए , जो आपके बच्चे को सही से समझ आ जाएं और वे  अपने गलत व्यवहार को सही करने की कोशिश करें । 

यदि कोई बच्चा दुर्व्यवहार करना जारी रखता है , तो उसे बाकी परिवार वालों से दूर एक अलग कमरे में रहने को कहे,  जिसे आप टाइम आउट भी कह सकते है । सुनिश्चित करें कि बच्चा पूरे टाइम आउट अवधि के लिए एक ही जगह पर रहें । टाइम आउट की अवधि कुछ ही मिनट को होनी चाहिए , लेकिन टाइम आउट खत्म होने के बाद भी ध्यान रहे किबच्चों को बात करने या खेलने की अनुमति न दी जाए । टाइम आउट के अंत में अपने बच्चे को याद दिलाए कि उसके साथ ऐसा क्यों किया और उसे उसकी गलती का एहसास कराएं और माफी मांगने को कहें ।

 जब भी बात आती है बच्चों के अच्छे व्यवहार की तो एक अच्छी स्ट्रेटजी की जरूरत होती है , टाइम आउट एक बढ़िया तरीका है बच्चों में सुधार लाने का , आप समय समय पर इसका प्रयोग कर सकते हैं जब भी आपका बच्चा दुर्व्यवहार करता है । 

 अपने बच्चे के साथ करें बात चीत :

यदि आपका बच्चा अस्वाभाविक रूप से खराब व्यवहार करता है  , तो यह पता लगाने का प्रयास करें कि आखिर क्या चल रहा है । बच्चे अलग अलग तरह से व्यवहार करते है जब वे परेशान होते है । किसी बच्चे को स्कूल में कोई दिक्कत हो सकती है , या जब परिवार में तनाव भरा माहौल हो तो बच्चे अक्सर अजीब व्यवहार करते हैं । ऐसे में जरूरी है कि  पेरेंट्स  अपने बच्चों से बात करें , उनके साथ बैठे , बात करने की कोशिश करें ,पता लगाएं कि वे किस बात से परेशान है जिससे आप अनजान हैं । और उनकी इस समस्या का हल निकाले और उन्हें समझाएं कि किस तरह से चीजों को संभालना चाहिए  । आपकी बातों से हो सकता है आपके बच्चे को अच्छा लगे और वो आसानी से अपनी समस्याओं को सुलझा सके । 

मेंटेन करें एक ही रूटीन : 

बच्चे एक अच्छे रूटीन से प्रभावित होती हैं , इसलिए हर दिन सोने और भोजन करने का समय सुनिश्चित करें । यह भी ध्यान में रखे कि जब बच्चे थक जाते है तो वे अजीब व्यवहार करते है , तो जरूरी है कि वे सही ढंग से आराम करें और अच्छी नींद लें । अगर बच्चों को नींद न पूरी हो तो उनका व्यवहार चिड़चिड़ा हो जाता है और उन्हे जल्दी गुस्सा आने लगता है । समय से सोना और समय से ही खाने से बच्चों की नींद भी पूरी हो जाती है और सेहत भी बढ़िया रहती है । 

ऊपर बताई गई सभी तकनीकों का उपयोग कर , आप अपने बच्चे के व्यवहार में बदलाव ला सकते हैं और घर में एक शांति का माहौल भी कायम रख सकते हैं ।

यह भी पढ़ें-

बच्चे के दूध के दांत की देखभाल करना बहुत जरूरी है, जानिये कैसे

बच्चों के लिए क्यों है आयरन जरूरी

पेरेंटिंग संबंधी यह लेख आपको कैसा लगा? अपनी प्रतिक्रियाएं जरूर भेजें। प्रतिक्रियाओं के साथ ही स्वास्थ्य से जुड़े सुझाव व लेख भी हमें ई-मेल करें- editor@grehlakshmi.com

 

 

 

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

किशोर और COV...

किशोर और COVID-19: चुनौतियां और अवसर

क्या आप टाइग...

क्या आप टाइगर मॉम की श्रेणी में आती है

अपने बच्चे क...

अपने बच्चे को उम्र के साथ अनुशासन कैसे सिखाएं...

बच्चे को अच्...

बच्चे को अच्छी नींद देने की 13 ट्रिक्स

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

वापसी - गृहल...

वापसी - गृहलक्ष्मी...

 बीस साल पहले जब वह पहली बार स्कूल आया था ,तब से लेकर...

7 ऐसे योग आस...

7 ऐसे योग आसन जो...

स्ट्रेस, देर से सोना, देर से जागना, जंक फूड खाना, पौष्टिक...

संपादक की पसंद

हस्त रेखा की...

हस्त रेखा की उत्पत्ति...

जिन मनुष्यों ने हस्त विज्ञान की खोज की उसे समझा और...

अक्सर पैसे ब...

अक्सर पैसे बढ़ाने...

बाई काम पर आती रहे, काम अच्छा करे और पैसे बढ़ाने की...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription