7 ऐसे योग आसन जो आपकी फर्टिलिटी को बढ़ाएंगे

मोनिका अग्रवाल

10th June 2021

आजकल हम सभी की लाइफस्टाइल बहुत खराब होती जा रही है, जिस कारण हम सबको बहुत सी स्वास्थ्य समस्याएं सहनी पड़ती हैं, जिनमें से एक है- बांझपन या इनफर्टिलिटी। अगर आप फर्टिलिटी बढ़ानी चाहती हैं तो जरूर ट्राई करिए ये योगासन।

7 ऐसे योग आसन जो आपकी फर्टिलिटी को बढ़ाएंगे

स्ट्रेस, देर से सोना, देर से जागना, जंक फूड खाना, पौष्टिक खाना न खाना और प्रदूषित वातावरण में रहना यह सब बातें आज के इस मॉडर्न लाइफस्टाइल में आम हो गई हैं। लेकिन इन सभी आदतों से हम अपनी सेहत के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। इस लाइफस्टाइल से हम न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी प्रभावित होते हैं। इसका नतीजा हम अपने स्वास्थ्य में आए बदलाव और बीमारियों के रूप में देख सकते हैं। इनफर्टिलिटी भी इसी लाइफस्टाइल और स्ट्रेस का एक परिणाम है। इसलिए आपको इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए हम आपके लिए कुछ योगासन लाए हैं, जो आपके शरीर के साथ-साथ आपके दिमाग को भी शांति प्रदान करते हैं। सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि इनफर्टिलिटी यानी कि बांझपन की समस्या के मुख्य कारण क्या हैं।

बांझपन के प्रमुख कारण

महिलाओं में बांझपन के कई कारण हैं। सटीक कारण जानने से स्थिति से निपटने में मदद मिल सकती है। महिलाओं में बांझपन के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं-

उम्र : यह समस्या अधिकतर 30 साल से अधिक उम्र की्र महिलाओं में देखने को मिलती है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ महिलाओं के शरीर में मौजूद अंडों की संख्या और गुणवत्ता कम होने लगती है और बांझपन का एक कारण बनती है।

धूम्रपान : यह एक दूसरी प्रमुख समस्या है, क्योंकि जो महिलाएं अत्यधिक धूम्रपान करती हैं, उनसे उनकी प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है व तंबाकू या अल्कोहल में मौजूद टॉक्सिंस की वजह से उनके अंडाशय पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है, जिसकी वजह से गर्भपात और बांझपन की समस्याएं बढ़ जाती है।

ईटिंग डिसऑर्डर : ईटिंग डिसऑर्डर यानी कि अत्यधिक खाना या कम खाना भी बांझपन का एक कारण है। साथ ही निष्क्रिय जीवनशैली वाली महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ जाता है। यह वह स्थिति है, जिसे चिकित्सकीय रूप से अमेनोरिया कहा जाता है। यह प्रजनन क्षमता को कम करती है।

स्ट्रेस : कभी-कभी काम को या परिवार को लेकर चिंता और तनाव भी बांझपन का एक कारण बन जाता है, जिसकी वजह से आपको गर्भ ठहरने में परेशानी होती है। 

फैलोपियन ट्यूब या गर्भाशय को नुकसान : क्षतिग्रस्त फैलोपियन ट्यूब, खराब कामकाजी प्रजनन अंग, रुकावट, संक्रमण या पुरानी चिकित्सा बीमारी या फिर कुछ और कारण बांझपन की वजह बन सकते हैं। ये या तो शुक्राणुओं को अंडे तक आने से रोकते हैं या निषेचित अंडे को गर्भाशय तक पहुंचने से रोकते हैं, जिससे गर्भधारण करना मुश्किल हो जाता है।

फर्टिलिटीको बढ़ाएंगे ये योगासन

भ्रामरी प्राणायाम : अगर आप स्ट्रेस से मुक्ति पाना चाहती हैं तो इ स आसन को जरूर ट्राई करें। फर्टिलिटी के ऊपर हुई एक स्टडी का कहना है कि स्ट्रेस या तनाव बांझपन का एक मुख्य कारण होता है। यह प्राणायाम आपके तनाव को कम करता है, और आपके दिमाग को चिंता से भी मुक्त रखता है।

इसको करने के लिए आपको पहले सीधा बैठना है और फिर अपने हाथ की पहली उंगली (इंडेक्स) को अपने कान की हड्डी पर रखना है। अब एक लंबी सांस लें और जब सांस छोड़ें तो उंगली से कान की हड्डी को हल्का-हल्का दबाएं। हम्म की आवाज करते हुए बार-बार कान की हड्डी को अंदर और बाहर की ओर दबाते रहें और सांस लेते व छोड़ते रहें।

पश्चिमोत्तानासन : यह योग आपके हैमस्ट्रिंग, लोअर बैक और हिप्स की एक अच्छी एक्सरसाइज है। यह आसन आपकी ओवरीज और यूटरस को ऊर्जा प्रदान करता है और यही दोनों ऑर्गन आपकी फर्टिलिटी के लिए जिम्मेदार होते हैं। यह आसन आपकी मानसिक स्थिति के लिए भी बहुत बढ़िया रहता है।

इसे करने के लिए आपको सीधा बैठना है और अपने पैरों को अपने आगे फैलाना है। अब सांस अंदर लें और अपने दोनों हाथों को स्ट्रेच करते हुए अपने सिर से ऊपर ले जाएं। अब सांस छोड़ें और अपने सारे शरीर को आगे तक झुका लें ताकि आपकी बाजू आपके पैरों को छू सके। इस दौरान अपनी स्पाइन को सीधी रखें। आराम-आराम से सांस लें और हर बार जब सांस छोड़ें तो थोड़ा और आगे तक झुकने की कोशिश करें।

सुप्त बद्ध कोणासन : यह आसन आपकी आंतरिक जांघ और ग्रोइन मसल के लिए लाभदायक है। यह आपकी स्ट्रेस कम करता है और आईवीएफ, मासिक धर्म के दौरान होने वाले क्रैंप्स और फर्टिलिटी साइकिल के लिए भी एक राहत प्रदान करता है।

इसे करने के लिए सांस छोड़ें और अपनी कमर को पीछे की ओर ज़मीन पर ले जाइए। अपने हाथों की मदद लें और जमीन पर लेट जाइए, अगर जरूरत हो तो आप अपना सिर तकिया पर भी रख सकते हैं। अब अपने घुटनों को मोड़िए और अपने पैर को जमीन पर रखिए। अब अपने घुटनों को साइड में से खोलिए और अपने पैरों (फुट) को एक दूसरे से मिला लीजिए। अब अपने हाथों को साइड में रखिए और अपनी हथेलियों को खोल कर रखें। इसी अवस्था में 10 मिनट तक रहें।

सर्वांगासन : यह आसन आपकी थायरॉयड ग्लैंड को स्टिमुलेट करता है, जो आपकी फर्टिलिटी बढ़ाता है। यह आपके मस्तिष्क को शांत करता है और स्ट्रेस कम करता है।

इसे करने के लिए अपनी कमर के बल लेट जाइए और अपने पैरों को स्ट्रेच कर लीजिए। अपनी बाजुओं को साइड में रखें और अपनी हथेलियों को खुला रखें। अब अपने पैरों को खोल लें ताकि उनसे एक 90 डिग्री का एंगल बन सके। अपनी हथेलियों को जमीन की ओर दबाएं और अपनी कमर को ऊपर उठाने की कोशिश करें। 

अपने हाथों द्वारा अपनी कमर पकड़ें और अपने पैरों को ऊपर उठा कर एक 90 डिग्री का एंगल बना लें। इस अवस्था में आधे मिनट तक रहें।

दीवार के ऊपर पैर (विप्रिता करणी) : यह आसन आपके शरीर में स्पर्म को यूट्रस के पास रहने में मदद करेगा। इससे उसके फर्टिलाइज होने की संभावना अधिक होगी।

इसे करने के लिए जमीन पर लेट जाएं और किसी दीवार का सहारा लेकर अपने पैरों को ऊपर उठा लें। इस अवस्था में लगभग 15 से 20 मिनट तक रहें।

भुजंगासन : यह आपकी फर्टिलिटी बढ़ाने का बहुत ही बढ़िया योगासन है। इस आसन के माध्यम से आपकी ओवरीज और यूट्रस में रक्त प्रवाह बढ़ेगा और इससे आपके हार्मोन्स संतुलित रहेंगे। इस कारण स्पर्म की एग तक जाने की यात्रा आसान होगी।

इसे करने के लिए आपको अपने पेट के बल लेट जाना है और अपने ऊपरी शरीर से छत की ओर ऊपर उठना है। आपकी गर्दन और छाती और आधा पेट ऊपर की ओर होना चाहिए। अब इस अस्वथा में आधे मिनट तक रहें।

सेतु बांधासन : इस आसन से आपके पेल्विक क्षेत्र को खुलने में और बढ़ने में मदद मिलेगी। यह ब्लड फ्लो बढ़ा कर आपकी थायरॉयड ग्लैंड को भी उभारता है ताकि वह अच्छे से काम कर सके। इस आसन से चिंता, और तनाव जैसे लक्षण भी कम होते हैं।

इसे करने के लिए जमीन पर कमर के बल लेट जाएं और अपने घुटनों को मोड़ लें। अपने हाथों को साइड में रखें। अब अपनी कमर के भाग को ऊपर उठाएं और इस दौरान आपके हाथ आपकी कमर के नीचे जमीन पर रहने चाहिए। फिर सांस छोड़ें और थोड़ी देर के बाद वापस जमीन पर आ जाएं।

योग से अलग मेडिटेशन

योगासन से अलग यदि आप रोजाना मेडिटेशन करती हैं तो गर्भधारण करने में यह आपके लिए काफी सहायक साबित हो सकता है। माना कि योग आपके मन को शांत और शरीर मजबूत करता है ताकि आपका प्रजनन स्वास्थ्य बेहतर हो सके। फिर भी किसी भी योग या क्रिया को अपनाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

फर्टिलिटी डाइट का रखें ध्यान

एक फर्टिलिटी डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं, जो ओव्यूलेशन को कंट्रोल कर, गर्भाधान की संभावनाओं में सुधार करते हैं। इस फर्टिलिटी डाइट में पोषक तत्व होते हैं, जो हार्मोनल संतुलन व शुक्राणु और अंडे के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक होते हैं। फर्टिलिटी डाइट आपके बच्चे को एक स्वस्थ शुरुआत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इसलिए ऊपर लिखित बातों का ध्यान रखें। साथ ही ये योग अपनाएं। ये सारे योगासन आपकी फर्टिलिटी के लिए ही नहीं बल्कि आपकी मानसिक सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक हैं। इन्हें हर रोज थोड़ी देर के लिए जरूर करना चाहिए।

यह भी पढ़ें -हीट स्ट्रोक से बचने के तरीके

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