सुकन्या समृद्धि योजना क्या है, जानें इसके फायदे

Jyoti Sohi

14th June 2021

सुकन्या समृद्धि अकाउंट कम से कम 250 रुपये के साथ खुलवाया जा सकता है। इसके बाद हर वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये जमा करना जरूरी है। वित्त वर्ष में दौरान अगर कोई मिनिमम अमाउंट नहीं डाल पाता है तो अकाउंट को डिफॉल्ट माना जाता है। एक वित्त वर्ष में सुकन्या समृद्धि खाते में अधिकतम 1ण्5 लाख रुपये जमा किया जा सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना क्या है, जानें इसके फायदे

मोदी सरकार ने भारत की बेटियों को ध्यान में रखते हुए एक स्कीम की शुरुआत की थी, जिसे सुकन्या समृद्धइ स्कीम के नाम से जाता जाता है। यह योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत शुरू हुई थी, जो परिवारों को बेटियों की शिक्षा से लेकर उनकी शादी तक के लिए धन जुटाने में मदद करती है। मौजूदा समय में इस स्कीम के तहत 7ण्6 प्रतिशत ब्याज मिलता है।

 

कितनी रकम जमा कर सकते हैं

सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाने के लिए 250 रुपये काफी हैं। बाद में 100 रुपये के गुणक यानि मल्टीपल में पैसे जमा कराए जा सकते हैं। किसी एक वित्त वर्ष में कम से कम 250 रुपये जरूर जमा करने पड़ते हैं। इसी तरह एक बार या कई बार में अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही सुकन्या समृद्धि खाते में जमा कराए जा सकते हैं। सुकन्या समृद्धि खाता खुलने के दिन से 15 साल तक पैसे जमा कर सकते हैं। 9 साल की बेटी के मामले में उसके 24 साल का हो जाने तक पैसे जमा कराए जा सकते हैं। बेटी के 24 से 30 साल के होने तक सुकन्या समृद्धि खाते में जमा रकम पर ब्याज मिलता रहता है।

सुकन्या समृद्धि खाते में न्यूनतम जमा न होने पर वह अनियमित हो जाता है। इसे 50 रुपये सालाना की पेनाल्टी देकर नियमित कराया जा सकता है। इसके साथ ही हर साल के लिए कम से कम जमा कराई जाने वाली रकम भी खाते में डालनी पड़ेगी। पेनाल्टी न चुकाने पर सुकन्या समृद्धि खाते में जमा रकम पर पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट के बराबर ब्याज मिलेगा। यह अभी करीब 4 फीसदी है। अगर सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज ज्यादा चुका दिया गया है तो उसे रिवाइज किया जा सकता है।

 

सुकन्या समृद्धि खाते में कैसे जमा होती है रकम

सुकन्या समृद्धि खाते में कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट या ऐसे किसी इंस्ट्रूमेंट से रकम जमा कर सकते हैं जिसे बैंक स्वीकार करता हो। इसके लिए पैसे जमा करने वाले और खाताधारक का नाम लिखना जरूरी है। सुकन्या समृद्धि खाते में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर मोड से भी पैसे जमा कर सकते हैं। शर्त यह है कि उस पोस्ट ऑफिस या बैंक में कोर बैंकिंग सिस्टम में मौजूद हो। अगर सुकन्या समृद्धि खाते में चेक या ड्राफ्ट से पैसे जमा किए जाते हैं तो क्लियर होने के बाद से उस पर ब्याज दिया जाएगा, जबकि ई.ट्रांसफर के मामले में डिपॉजिट के दिन से यह कैलकुलेशन होगा।

 

क्या सुकन्या समृद्धि खाता ट्रांसफर हो सकता है

यह संभव है, सुकन्या समृद्धि अकाउंट देशभर में कहीं भी ट्रांसफर हो सकता है। शर्त यह है कि जिस बेटी के नाम से सुकन्या समृद्धि खाता खुला है वह एक जगह से कहीं और शिफ्ट हो रही है।

 

खाते में कम से कम और ज्यादा से ज्यादा कितना जमा किया जा सकता है 

सुकन्या समृद्धि अकाउंट कम से कम 250 रुपये के साथ खुलवाया जा सकता है। इसके बाद हर वित्त वर्ष में न्यूनतम 250 रुपये जमा करना जरूरी है। वित्त वर्ष में दौरान अगर कोई मिनिमम अमाउंट नहीं डाल पाता है तो अकाउंट को डिफॉल्ट माना जाता है। एक वित्त वर्ष में सुकन्या समृद्धि खाते में अधिकतम 1ण्5 लाख रुपये जमा किया जा सकता है।

 

खाता खुलवाने के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होती है 

सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाने के लिए माता.पिता को बेटी के जन्म प्रमाणपत्र के साथ भरा हुआ फॉर्म.1 जमा करना पड़ता है। इसमें  माता.पिता के पैन और आधार कार्ड का ब्योरा मांगा जाता है।

 

सुकन्या समृद्धि खाते में ब्याज कैसे तय होता है 

सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज की गणना करने का तरीका फिक्स है। 5वें दिन की क्लोजिंग और महीने के अंत के बीच खाते में सबसे कम बैलेंस पर ब्याज को कैलकुलेट किया जाता है। अकाउंट में सालाना चक्रवृद्धि ब्याज दर से पैसा बढ़ता है। हालांकि, ब्याज की वास्तविक रकम खाते में हर वित्त वर्ष के अंत में डाली जाती है।

 

सुकन्या समृद्धि खाता कहां खुलवा सकते हैं

सुकन्या समृद्धि अकाउंट हर उस पोस्ट ऑफिस या बैंक में खुलवाया जा सकता है जो यह स्कीम ऑफर करते हों। बता दें स्कीम के तहत किए जाने वाले डिपॉजिट पर सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन मिलता है। डिपॉजिट पर अर्जित ब्याज और मैच्योरिटी की रकम टैक्स के दायरे से बाहर है।

 

क्या सुकन्या समृद्धि अकाउंट को मैच्योरिटी से पहले बंद किया जा सकता है

कुछ शर्तों के साथ सुकन्या समृद्धि अकाउंट को मैच्योरिटी से पहले बंद किया जा सकता है। खाता खुलने के 5 साल बाद अकाउंट का प्री.मैच्योर क्लोजर मुमकिन है। 

बेटी की मौत या अनुकंपा के आधार पर मैच्योरिटी से पहले खाता बंद कराया जा सकता है। अनुकंपा के आधार में अकाउंट होल्डर को जानलेवा बीमारी और अकाउंट चलाने वाले अभिभावक की मौत शामिल है। अकाउंट होल्डर की मौत की स्थिति में मौत की तारीख से पेमेंट की तारीख तक पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट की ब्याज दर लागू होती है।

 

सुकन्या समृद्धि खाते से पैसा निकालने का क्या तरीका है 

बेटी के 18 साल के होने या 10वीं पास कर लेने पर खाते से बैलेंस का अधिकतम 50 फीसदी निकाला जा सकता है। सुकन्या समृद्धि खाते से एकमुश्त या किस्तों में पैसा निकाला जा सकता है।

 

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