एकादशी का करती हैं व्रत तो इन 5 बातों को जरूर रखें याद

चयनिका निगम

19th June 2021

एकादशी का व्रत बहुत महिलाएं करती हैं लेकिन इसको करते हुए कुछ बातें याद रखना भी जरूरी है। इन्हें जानकार व्रत का पूरा फल पाया जा सकता है।

एकादशी का करती हैं व्रत तो इन 5 बातों को जरूर रखें याद

पूरे साल में 24 एकादशी आती हैं। हर महीने दो और हर एकादशी का मकसद और नाम भी अलग होता है।मगर इन व्रतों को करते हुए कुछ बातें ध्यान रखनी होती हैं ताकि आपको आपकी आस्था का पूरा फल मिल सके। भगवान विष्णु के लिए आपकी आस्था इस व्रत में पूरी दिखती है। हर व्रत में कुछ खास बातों का ध्यान करके इसका पूरा फायदा मिल सकता है। कहा जाता है इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है और धन-धान्य में भी वृद्धि होती है। इसलिए आज इसी व्रत से जुड़ी बातों को जान लेते हैं। जिन बातों को ध्यान करके आप एकादशी के व्रत का पूरा फल पा सकेंगी।

 

भगवान कृष्ण ने क्या कहा-

भगवान कृष्ण ने गीता में भी इस व्रत के बारे में बताया है। उन्होंने कहा था एकादशी का व्रत सभी में अच्छा है। इसलिए इसमें भगवान बिष्णु की पूजा की जाती है।

दशमी की तिथि-

व्रत करने वाले को दशमी तिथि की रात्रि से ही अन्न छोड़ देना होता है। फिर सुबह उठकर नहाने के बाद पीले वस्त्र पहनें और केलों का दान करें। विष्णु भगवान की पूजा में उस दिन जो भी एकादशी हो उसके हिसाब से कथा पढ़ें।

कपड़े हों पीले-

विष्णु जी को पीला रंग बहुत भाता है। इस रंग के कपड़े पहनने से घर में समृद्धि आती है। इसलिए एकादशी का व्रत करते हुए पीले रंग के कपड़े ही पहनें।

नाखून या बाल नहीं काटने हैं-

एकादशी के व्रत वाले दिन चावल नहीं खाया जाता है। आपने ये बहुत सुना होगा लेकिन इस दिन बाल और नाखून भी नहीं काटे जाते हैं। अगर आप ऐसा करेंगी तो धन का घाटा हो सकता है। दरअसल मान्यता के हिसाब से इस दिन नाखून काटने से भगवान विष्णु नाराज हो जाते हैं। इतना ही नहीं जो महिला एकादशी का व्रत रखती है उसे बाल नहीं धोने चाहिए। शरीर पर साबूब भी न लगाने को कहा गया है।

अगले दिन करें व्रत पूरा-

एकादशी के व्रत को तब ही पूरा माना जाएगा जब आप इसमें भोजन दूसरे दिन सुबह करें। इसके लिए एकादशी के दूसरे दिन द्वादशी को स्नान करके दोबारा पूजन करें और भोग लगाएं। इस भोग वाले प्रसाद को खाने के बाद ही भोजन करें।

विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ-

एकादशी के दिनविष्णु सहस्त्रनामका पाठ एक जरूरी क्रिया है। इससे भगवान विष्णु का खास आशीर्वाद मिलता है। ये इतना प्रभावी है कि अगर आप व्रत नहीं करते हैं तो भी इस पाठ को करने से आपको व्रत जैसा ही आशीर्वाद मिलेगा।

धर्म संबंधी हमारे सुझाव आपको कैसे लगे?अपनी प्रतिक्रियाएं जरूर भेेजें। आप फैशन संबंधी टिप्स व ट्रेंड्स भी हमें ई-मेल कर सकते हैं-editor@grehlakshmi.com

ये भी पढ़ें-  बोल्ड आंखें,बोल्ड लिप्स

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

अधिक मास पूर...

अधिक मास पूर्णिमा का व्रत है बेहद खास

अहोई व्रत मे...

अहोई व्रत में न करें ये गलतियां, संतान को...

क्यों नहीं म...

क्यों नहीं मिलता आपको आपके व्रत यानि उपवास...

पूजा विघ्न: ...

पूजा विघ्न: पूजा में इन रंगों से बनाएं दूरी...

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

बच्चे के बार...

बच्चे के बारे में...

माता-पिता बनना किसी भी वैवाहिक जोड़े के लिए किसी सपने...

धन की बरकत क...

धन की बरकत के चुंबकीय...

पैसे के लिए पुरानी कहावत है जो आज भी सही है कि "बाप...

संपादक की पसंद

परिवार के सा...

परिवार के साथ करेंगे...

कोरोना काल में हम सभी ने अच्छी सेहत के महत्व को बेहद...

इन डीप नेक ब...

इन डीप नेक ब्लाउज...

यूं तो महिलाएं कई तरह के वेस्टर्न वियर को अपने वार्डरोब...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription