ककड़ी एक गुण अनेक

मीना भंडारी

13th July 2021

ककड़ी प्यास बुझाने वाली, जलन को शांत करने वाली, उदासी, तंद्रा तथा रक्तपित्त का शमन करने वाली है। रोगों के निवारण में भी ककड़ी का प्रयोग किया जाता है। ककड़ी के अन्य स्वास्थ्यवर्धक गुण जानें इस लेख से।

ककड़ी एक गुण अनेक

हममें से ज्यादातर लोग गर्मियों में अक्सर सलाद या सब्जी के रूप में ककड़ी का इस्तेमाल करते हैं। गर्मियों के मौसम में मिलने वाली यह ककड़ी ठंडी और पाचक होती है। इसलिए गर्मियों में इसका ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। ककड़ी मीठी, शीत ग्राही तथा रुचिकारक है।

ककड़ी को संस्कृत में एवारू कहते हैं। हिंदी में काकड़ी, ककड़ी तथा अरबी में किस्साकदस कहते हैं। इसका अंग्रेजी नाम कुकुम्बर और लैटिन नाम कुकुमिस सेटिविस है। ककड़ी के  छोटे-छोटे टुकड़े करके उस पर शक्कर छिड़ककर सेवन करने से गर्मी का शमन होता है। गर्मी के कारण त्वचा लाल हो गई हो और उसमें जलन हो रही हो, तो ककड़ी खाने और पीसकर शरीर पर लगाने से लाभ होता है।

ककड़ी से रोगोपचार

सलाद के  रूप में आपके खाने का स्वाद बढ़ाने तथा गर्मी के मौसम में शीतलता प्रदान करने के  अलावा ककड़ी से कई बिमारियों का इलाज भी संभव है। ककड़ी व इसके बीज दोनों में ही कई स्वास्थ्यवर्धक गुण समाहित हैं। खाने में इसका प्रयोग करके कई बिमारियों से मुक्ति पाई जा सकती है।

 

नेत्रविकार में उपयोगी- गर्मियों में अक्सर धूप के कारण आंखें लाल हो जाती हैं, जिससे उनमें जलन होने लगती है। ऐसे में ककड़ी को पीसकर उसका गूदा आंखों पर रखने से लाभ मिलता है।

  • ककड़ी के फूलों का रस आंखों में अंजन की तरह लगाने से आंखों को शीतलता मिलती है।

सौन्दर्यवर्धक ककड़ी- ककड़ी का रस त्वचा पर लगाने से रंग साफ होता है। चेहरे के दाग-धब्बों और मुंहासों में ककड़ी का रस लगाने तथा पीने से चेहरे का रंग निखरता है। 

  • ककड़ी व नींबू का रस एक साथ डालकर उसमें आधा चम्मच हल्दी मिलाकर लेप बनाएं। इसे आधे घंटे तक चेहरे पर लगाकर रखें, फि र धो लें। इससे चेहरे पर निखार आता है।
  • यदि किसी व्यक्ति की त्वचा पर जरूरत से ज्यादा चिकनापन रहता है या जिसकी त्वचा ऑयली हो, तो ककड़ी काटकर चेहरे पर रगड़ा करें। कुछ देर बाद धो दें। कुछ ही दिनों में त्वचा ठीक हो जाएगी। 

पेशाब की तकलीफ- पेशाब रुक-रुककर आना अथवा कम आने पर ककड़ी का आधा गिलास जूस रोज पिएं। पेशाब में जलन होने पर भी यह उपाय कारगर है।

  • ककड़ी काटकर उसमें शक्कर व नींबू का रस मिलाकर खाएं, इससे गर्मियों में होने वाली पेशाब की तकलीफ  में राहत   मिलती है।
  • ककड़ी के रस का प्रयोग करने से मूत्र खुलकर आता है और इससे गुर्दे के रोग भी दूर होते हैं।
  • आधा लीटर दूध और आधा लीटर पानी एक साथ मिलाकर उसमें ककड़ी के  बीज का गर्भ 3 ग्राम व सुराखार डेढ़ ग्राम मिलाकर पीने से पेशाब का रेच लगता है एवं मूत्राशय की गर्मी एवं प्रमेह आदि विकार दूर होते हैं।
  • गाजर या ककड़ी अथवा ककड़ी और शलजम का रस पीने से भी मूत्र खुलकर आता है और गुर्दे के रोग दूर होते हैं।
  • ककड़ी काटकर उसमें शक्कर और नींबू का रस मिलाकर खाइए, इससे भी गर्मी में होने वाली पेशाब की तकलीफ  में राहत मिलती है।
  • वात रोग में ककड़ी तथा गाजर, दोनों का एक-एक कप रस मिलाकर रोगी को पिलाएं। अच्छा आराम मिलेगा। यूरिक एसिड की अधिकता वात रोग का कारण बनती है। इस प्रयोग से यूरिक एसिड ठीक हो जाता है। 

बालों के लिए लाभकारी- ककड़ी के  रस सेबालों को धोने से बाल लंबे व घने होते हैं और उनका झड़ना रुक जाता है।

  • ककड़ी के रस से बालों के सभी रोग दूर होते हैं।
  • ककड़ी में पोटैशियम तत्त्व बहुत मिलते हैं, साथ ही ककड़ी केशवर्धक है।

उदर रोग और ककड़ी- अपच, उल्टी, दाह, मूत्रकच्छ, पथरी आदि रोगों में ककड़ी हितकारी है। इसका बीज शीतल, मूत्रल तथा बलकारक है। सब्जी के अतिरिक्त ककड़ी का आचार, रायता, सलाद आदि भी बनाया जा सकता है जिन्हें हमेशा अपच की शिकायत रहती हो, उन्हें ककड़ी का सलाद भोजन के साथ नियमित रूप से खाना चाहिए।

  • गर्मी के कारण उल्टी हो रही हो, तो ककड़ी के बीज का गर्भ पीसकर मट्ठे के साथ 3-4 बार सेवन कराने से लाभ होता है। कोमल ककड़ी को छीलकर नमक और काली मिर्च के चूर्ण के साथ खाने से भोजन के प्रति रुचि बढ़ती है।
  • पाचन शक्ति बढ़ाने में भी ककड़ी का सेवन उत्तम रहता है।

 

 

ककड़ी से अन्य रोगोपचार

  • ककड़ी के बीज मस्तिष्क की गर्मी को दूर करते हैं, पुष्ट करते हैं। इसके सेवन से बौखलाहट, चिढ़चिढ़ापन, उन्माद आदि मानसिक विकार दूर हो जाते हैं, मस्तिष्क की गर्मी मिटाने और मस्तिष्क को ठंडक पहुंचाने के लिए ककड़ी के बीज को ठंडाई के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
  • मसूड़ों से पीप, खून निकलता है, जिससे बहुत बार बड़ी हास्यास्पद स्थिति हो जाती है। प्रतिदिन, दिन में दो बार केवल ककड़ी खाएं। ककड़ी का रस मसूड़ों पर मलें या रस निकालकर घूंट-घूंट पिएं, बहुत लाभ होगा। 
  • गर्मी के दिनों में टमाटर, प्याज, खीरा आदि के साथ इसका प्रयोग सलाद के रूप में किया जाता है। ज्यादा ककड़ी खाने से पेट में गैस पैदा होती है, किन्तु यदि इसके साथ नमक और काली मिर्च तथा नींबू का रस प्रयोग किया जाए तो गैस पैदा नहीं होती।
  • यदि कोई शराब पीने से बेहोश हुआ हो, तो उसे ककड़ी खिलाने से उसका नशा उतर जाता है और बेहोशी धीरे-धीरे दूर होने लगती है।
  • ककड़ी को सलाद में शामिल करें अथवा अकेले ही सेवन करें। यह आपके शरीर को कई विटामिन देती है तथा शरीर को स्वस्थ बनाने में सहयोग करती है।  

एक ककड़ी अकेले ही कई रोगों का उपचार करने की क्षमता रखती है। यह सुलभ व सस्ती है, जिसके कारण इससे कोई भी बिना किसी अनुभव के केवल इसके दैनिक प्रयोग से ही जाने-अनजाने कई रोगों का उपचार कर सकता है। ककड़ी द्वारा रोगों से निजात पाना बहुत सरल तथासस्ता रहता है। इससे जेब पर बोझ भी नहीं पड़ता। 

यह भी पढ़ें -आम फल ही नहीं औषधि भी

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