शादी के बाद ...

शादी के बाद मेकअप करना

बात उन दिनों की है जब मेरी उम्र 6 साल की थी। उस समय मुझे मेकअप करने का बहुत शौक होता था। अक्सर मम्मी की लिपस्टिक, काजल यहां तक की सिंदूर...

शिशु की मालि...

शिशु की मालिश कब शुरु व बंद करें...

नवजात शिशु की मालिश कब तक करनी चाहिए इसकी कोई उम्र सीमा नहीं है। आप जब तक चाहें शिशु की मालिश जारी रख सकती हैं। आपको यह देखना है कि...

दिन और रात उ...

दिन और रात उनके दर्शन करते हैं...

जब मैं सात-आठ साल की थी तो मैं अपनी नानी जी के घर रहने के लिए गई थी। वहां पर हम सभी बैठे बातें कर रहे थे तो वैष्णों देवी की बातें होने...

जब चीटों ने ...

जब चीटों ने दिखाया रास्ता

मैं बचपन से ही बेहद नटखट थी व खाने की बेहद शौकीन। एक दिन पिताजी आए, उनके हाथों में कई पैकेट व एक हाथ में बड़ा सा बर्तन था। पिताजी ने...

सिनेमा घर का...

सिनेमा घर का चक्कर

एक दिन देखा सुबह-सुबह इतवार के दिन खुशगवार दिन माताजी मुंह फुलाए बैठी थीं और पिताजी उन्हें मना रहे थे। मुझे समझ में आ गया कि वे फिल्म...

चूहा स्टोव ग...

चूहा स्टोव गिरा गया

बात उस समय की है, जब मेरी उम्र पांच साल रही होगी। मेरे पिताजी टूर पर बाहर गए हुए थे। गॢमयों का समय था, मेरी मम्मी स्टोव पर दूध रखकर...

मैं भी तेरी ...

मैं भी तेरी तरह थी

बचपन में यूं तो सभी बच्चे शरारतें करते ही हैं। बड़े होने पर उन शरारतों को याद करने पर खट्टी-मीठी यादें मन को गुदगुदा जाती हैं। बात तब...

बहुत शर्म आई

बहुत शर्म आई

जब मैं 5-6 साल की बच्ची थी तो अपनी कोई चीज संभाल कर नहीं रखती थी। अपना बैग, कपड़े, जूते सब इधर-उधर फेंक देती थी। चॉकलेट का रैपर हो या...

पापा मुझे फि...

पापा मुझे फिल्म देखने जाने दो

यह किस्सा उस समय का है जब मैं कक्षा 8वीं का विद्यार्थी हुआ करता था, चूंकि उस समय आठवीं कक्षा बोर्ड हुआ करती थी तो पढ़ाई का दबाव भी अधिक...

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गृहलक्ष्मी गपशप

चित्त की महत...

चित्त की महत्ता...

श्री गुरुदेव की कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं। अध्यात्म...

तुम अपना भाग...

तुम अपना भाग्य फिर...

एक बार ऐसा हुआ कि पोप अमेरिका गए, वहां पर उनकी कई वचनबद्घताएं...

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शांति के क्ष...

शांति के क्षण -...

मानसिक शांति के अत्यन्त सशक्त क्षण केवल दुर्बल खालीपन...

सुख खोजने की...

सुख खोजने की कला...

एक महिला बोली : मुनिश्री! मैं बड़ी दु:खी हूं। यों तो...

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