मनुष्य जाति ...

मनुष्य जाति के पहले मनोवैज्ञानिक-...

बुद्ध ने मानव की मनोवृत्ति में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए अपने उपदेशों को गाथाओं के माध्यम से तत्कालीन जनभाषा का प्रयोग कर सही...

क्यों है बौद...

क्यों है बौद्घ धर्म में स्तूप का...

जब से बौद्ध धर्म पृथ्वी पर आया तभी से स्तूप बनने शुरू हुए। स्तूप संस्कृत का शब्द है। यह प्रतीक है ज्ञानोदय का यह सिर का ऊपर का हिस्सा...

शांति की तला...

शांति की तलाश-श्रीमद्भागवत गीता...

शांति और खुद से प्यार

प्रदोष व्रत ...

प्रदोष व्रत की महिमा

भगवान शिव को यह व्रत परम प्रिय है इसलिये इस व्रत में शिवजी की उपासना की जाती है। मान्यता है कि प्रदोष के समय महादेव जी कैलाश पर्वत...

भारत की अस्म...

भारत की अस्मिता- गौ माता

विदित ही है कि गौ माता के प्रत्येक अंग में देवताओं का वास है, अत: गौ माता संपूर्ण मानवजाति के उद्धार के लिए आई है। यह प्रत्यक्ष देवता...

कुंभ में कल्...

कुंभ में कल्पवास के दौरान किन बातों...

कल्पवास का अर्थ है एक माह तक संगम के तट पर रहते हुए वेदाध्ययन और ध्यान पूजा करना। मान्यता के अनुसार कल्पवास मनुष्य के लिए आध्यात्मिक...

ग़लत विचार क...

ग़लत विचार के हानिकारक प्रभाव -...

ग़लत विचार के हानिकारक प्रभाव-ऐसा कोई भी काम,जिसको करने से मानव के विवेक का नाश,उसके अपने मूल लक्ष्य से हटा दे

श्रद्धा  के ...

श्रद्धा के साथ पढ़ें साईंबाबा...

साईं बाबा ने अपना पूरा जीवन मानव कल्याण को समर्पित किया और लोगों को एक ईश्वर की अवधारणा का संदेश दिया। गुरुवार के दिन साईं बाबा के...

डर के हानिका...

डर के हानिकारक प्रभाव - श्रीमद्भागवत...

डर के हानिकारक प्रभाव - श्रीमद्भागवत गीता के अनुसार

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चित्त की महत...

चित्त की महत्ता...

श्री गुरुदेव की कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं। अध्यात्म...

तुम अपना भाग...

तुम अपना भाग्य फिर...

एक बार ऐसा हुआ कि पोप अमेरिका गए, वहां पर उनकी कई वचनबद्घताएं...

संपादक की पसंद

शांति के क्ष...

शांति के क्षण -...

मानसिक शांति के अत्यन्त सशक्त क्षण केवल दुर्बल खालीपन...

सुख खोजने की...

सुख खोजने की कला...

एक महिला बोली : मुनिश्री! मैं बड़ी दु:खी हूं। यों तो...

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