GREHLAKSHMI

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मुझे माफ़ कर...

मुझे माफ़ कर देना- भाग 1

डाक में कुछ चिट्ठियाँ आई पड़ी हैं। निर्मल एकबार उन्हें उलटपलट कर देखती है, पर पढऩे को उसका मन नहीं कर रहा। वह जानती है कि ये सभी चिट्ठियाँ...

प्रतीक्षित ल...

प्रतीक्षित लम्हा- भाग 2

वह उन्हें देख कर कह उठे- 'भावी! कितनी प्यारी है ये पहाडिय़ां और कितनी सुंदर है इन पर बर्फ से ढकी चादर। बिल्कुल तुम्हारी तरह। जी चाहता...

प्रतीक्षित ल...

प्रतीक्षित लम्हा- भाग 1

आज भीड़ में भी जैसे अकेलेपन का एहसास होने लगा है। कभी भीड़ में मैं जीती थी, भावनाओं की उछाल के साथ। वक्त का एक-एक कतरा खुशी से झूम...

बोझिल पलकें,...

बोझिल पलकें, भाग-37

अजय और अंशु के प्यार की तो अभी शुरुआत ही हुई थी। ये पिकनिक भी मानो उसी एहसास को परवान चढ़ा रही थी। फिर अचानक ये क्या हो गया? क्या अंशु...

बोझिल पलकें,...

बोझिल पलकें, भाग-36

अंशु और अजय के दिल में पलता प्यार अब उन दोनों को एक-दूसरे के नजदीक खींच रहा था। उस पर उस पिकनिक स्पॉट की रोमानी खूबसूरती उनके दिलों...

बोझिल पलकें,...

बोझिल पलकें, भाग-35

अजय पर जिंदगी ने थोड़ा रहम करना शुरू कर दिया था। अब अंशु का दिल अजय के नाम पर धड़कने लगा था, लेकिन अजय अभी तक कशमकश में उलझा था कि...

मैं कितना गल...

मैं कितना गलत थी पापा

मनाली पहुंचकर लगा, जैसे सारे जहां की खूबसूरती चारों तरफ बिखर गई हो। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह घाटी देवदार के वृक्षों से घिरी हुई...

घर जमाई

घर जमाई

हरिधन जेठ की दुपहरी में ऊख में पानी देकर आया और बाहर बैठा रहा। घर में से धुआं उठता नज़र आता था। छन-छन की आवाज़ भी आ रही थी। उसके दोनों...

बोझिल पलकें,...

बोझिल पलकें, भाग-34

समय सबसे बड़ा मरहम होता है। यही समय अब अंशु के रूप में अजय के सारे दुखों पर मरहम रखने जा रहा था। अजय को यकीन नहीं हो रहा कि अब जो कुछ...