ब्यूटी पार्ल...

ब्यूटी पार्लर शरणम् गच्छामि...!!...

इस देश में मध्यम वर्गीय पति के लिए पत्नी हमेशा ही घोषित रूप में चश्मे बद्दूर होती है। इस सफेद झूठ को बोलने के पीछे संभवत: दो कारण होते...

बूढ़ा गिद्ध ...

बूढ़ा गिद्ध - हितोपदेश की रोचक...

बूढ़े गिद्ध को बहुत अच्छा लगता था। वह मन ही मन सोचता- ये पक्षी कितने दयालु हैं। अतः जब वे अपने बच्चों के लिए भोजन की तलाश में जाया...

साधु की पुत्...

साधु की पुत्री - हितोपदेश की प्रेरक...

एक दिन वे ध्यान में मग्न थे, तभी बाज की चोंच से एक चुहिया छूट कर उनके हाथों में आ गिरी। उसकी छोटी-सी पूँछ व काली चमकीली आँखें थीं।...

हिरण, कौआ और...

हिरण, कौआ और दुष्ट गीदड़ - हितोपदेश...

एक दिन, उसे एक गीदड़ ने देख लिया। उसने सोचा- मुझे इस सुंदर जीव का माँस जरूर खाना चाहिए। वह सचमुच काफी मीठा और स्वादिष्ट होगा। दुष्ट...

बीरबल की खिच...

बीरबल की खिचड़ी : अकबर बीरबल की...

बादशाह ने ब्राह्मण को हुक्म सुनाया, "अगर उसे परिवार के लिए पैसा चाहिए तो कपड़ों के बिना सारी रात तालाब के बर्फीले पानी में खड़ा रहना...

क्रेडिट - बच...

क्रेडिट - बचपन से पचपन तक - गृहलक्ष्मी...

मैं ने अपने जीवन में 'क्रेडिट शब्द पहली बार तब सुना जब मैं छठी कक्षा में था। हमारे मोहल्ले में किराने की एक नई दुकान खुली थी। पिताजी...

मोक्ष - गृहल...

मोक्ष - गृहलक्ष्मी कहानियां

'मां कुंभ नहाने चलोगी? काफी दिन से कह रहीं थीं कि मुझे गंगा नहला ला। इस बार तुम्हें नहला ही लाता हूं। ट्रेन से टिकट करा ली है। सुनकर...

विधवा - गृहल...

विधवा - गृहलक्ष्मी कहानियां

आग बरसाते हुए मई महीने का सूरज, चिलचिलाती धूप, हवाओं के साथ बहती लू, चौपाटी का उबलता हुआ समंदर, छिछले पानी में तपती काली शिलाओं के...

सशक्तीकरण - ...

सशक्तीकरण - गृहलक्ष्मी कहानियां...

संडे की सुबह, अभी बिस्तर में ही था कि डोरबेल बज उठी। 'कौन होगा इतनी सुबह?' मन में सोचा। घड़ी पर नजर डाली, 'अभी तो नौ भी नहीं बजे। ...

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गृहलक्ष्मी गपशप

जन-जन के प्र...

जन-जन के प्रिय तुलसीदास...

भगवान राम के नाम का ऐसा प्रताप है कि जिस व्यक्ति को...

भक्ति एवं शक...

भक्ति एवं शक्ति...

शास्त्रों में नागों के दो खास रूपों का उल्लेख मिलता...

संपादक की पसंद

अभूतपूर्व दा...

अभूतपूर्व दार्शनिक...

श्री अरविन्द एक महान दार्शनिक थे। उनका साहित्य, उनकी...

जब मॉनसून मे...

जब मॉनसून में सताए...

मॉनसून आते ही हमें डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जैसी...

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