GREHLAKSHMI

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बोझिल पलकें,...

बोझिल पलकें, भाग-35

अजय पर जिंदगी ने थोड़ा रहम करना शुरू कर दिया था। अब अंशु का दिल अजय के नाम पर धड़कने लगा था, लेकिन अजय अभी तक कशमकश में उलझा था कि...

मैं कितना गल...

मैं कितना गलत थी पापा

मनाली पहुंचकर लगा, जैसे सारे जहां की खूबसूरती चारों तरफ बिखर गई हो। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह घाटी देवदार के वृक्षों से घिरी हुई...

घर जमाई

घर जमाई

हरिधन जेठ की दुपहरी में ऊख में पानी देकर आया और बाहर बैठा रहा। घर में से धुआं उठता नज़र आता था। छन-छन की आवाज़ भी आ रही थी। उसके दोनों...

बोझिल पलकें,...

बोझिल पलकें, भाग-34

समय सबसे बड़ा मरहम होता है। यही समय अब अंशु के रूप में अजय के सारे दुखों पर मरहम रखने जा रहा था। अजय को यकीन नहीं हो रहा कि अब जो कुछ...

बोझिल पलकें,...

बोझिल पलकें, भाग-33

वह चांद जिसे अजय आसमान में देखकर ही सब्र किए बैठा था, अब वह अजय के आंगन में उतरना चाहता था। अजय के दरवाज़े पर नई खुशियां दस्तक दे रही...

बोझिल पलकें,...

बोझिल पलकें, भाग-32

अंशु के रूप में जिंदगी का खूबसूरत चेहरा सामने था, लेकिन अजय के पांव फिर भी आगे नहीं बढ रहे थे। क्या वजह हो सकती थी इसकी?

अपने मेकअप क...

अपने मेकअप को रखें परफेक्ट

गर्मी में मेकअप के दौरान कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। अगर इन बेसिक बातों का ध्यान रखकर मेकअप करती हैं तो आप अपने फ्रेंड्स...

बोझिल पलकें,...

बोझिल पलकें, भाग-31

जिस पिता के लिए अजय ने अपराध की दुनिया से मजबूरन खुद को जोड़े रखा था, उनकी मौत के साथ ही वह दुनिया भी दम तोड़ चुकी थी, लेकिन क्यों...

दर्दे-इश्क़ जाग

दर्दे-इश्क़ जाग

हमारे उस्ताद ने जब हमें गज़ल लिखनी सिखाई, तब भी उसने यही बताया था कि गज़ल कहने के हज़ारों नुक्ते हैं। बहुत बढिय़ा किस्मतवालों को अच्छे...