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कैसे करें प्रेगनेंसी से पहले की तैयारी

गृहलक्ष्मी टीम

3rd May 2017

प्रजनन प्रयासों के दौरान दंपती द्वारा लिए जाने वाले खाद्य पदार्थों से लेकर औषधियों तक, विटामिन्स लेने की आदत डालने से लेकर छोड़ने तक - आपके गर्भाधान की तैयारी आपके सही मार्ग को अपनाने के साथ ही प्रारंभ हो जाती हैं। आइए जानते कैसे करें प्रेगनेंसी से पहले की तैयारी और किन बातों का रखें ध्यान -

कैसे करें प्रेगनेंसी से पहले की तैयारी
 
क्या वास्तव में आप प्रेगनेंट होना चाहती हैं और क्या आपने इसके लिए प्रयास भी तेज कर दिए हैं? हालांकि इसके लिए गर्भ निरोधक उपायों को छोड़ना तो जरूरी होता है, लेकिन बेबी प्लानिंग के लिए केवल इतना करना ही काफी नहीं है। आपको ओव्यूलेशन की भी सही जानकारी रखनी होगी और साथ ही सही स्थिति में आनन्दित और प्रस्तावित होकर सेक्स करना होगा,ताकि आपका ध्यान पूरी तरह से अपने लक्ष्य पर रहे। साथ ही अपने तथा अपने साथी के शरीर को भी इसके लिए सही व स्वस्थ तरीके से तैयार करना होता है। प्रजनन प्रयासों के दौरान दंपती द्वारा लिए जाने वाले खाद्य पदार्थों से लेकर औषधियों तक, विटामिन्स लेने की आदत डालने से लेकर छोड़ने तक, आपके गर्भाधान की तैयारी आपके सही मार्ग को अपनाने के साथ ही प्रारंभ हो जाती हैं, जो गर्भाधान को सरल और आशान्वित बनाती है, इसलिए इससे पहले कि आप शिशु निर्माण के लिए यौन संबंध बनाएं, जानिए कि आपको सबसे पहले क्या कदम उठाने चाहिए -
 
स्वस्थ शरीर के लिए ज़रूरी है स्वास्थ्य जांच
 
आखि़कार दो स्वस्थ शरीर मिलकर ही एक स्वस्थ शिशु की रचना कर सकते हैं तो समझ लीजिये कि इसके लिए यही सबसे बेहतर समय है जब आपकी आशान्वित आंखों में आपके भावी शिशु की झलक उभर सकती है, यह आप दोनों पति-पत्नि के समग्र स्वस्थ शरीर पर निर्भर करता है। सबसे पहले यह तय करें कि आप दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। सेहत के हर पहलू से, चाहें वह ली जाने वाली औषधियों की बात हो या फिर पुराने रोगों की स्थितियों को नियंत्रण करने की आवश्यकता हो अथवा दांतों की सुरक्षा भी, जो आपकी सेहत व फर्टिलिटी पर प्रभाव डाल सकते हैं और भविष्य में होने वाली प्रेगनेंसी पर भी, इसलिए तुरंत अपनी स्वास्थ्य जांच से इसकी शुरूआत करें।
 
खुलकर विचार-विमर्श करें
 
क्या आप (टी.टी.सी) गर्भधारण के प्रयास कर रहे हैं? तो शायद हां, लेकिन हो सकता है कि आपको इसके वास्तविक शब्दार्थ का ज़रा भी ज्ञान न हो। इसका तात्पर्य गर्भाधान हेतु किये जाने वाले सही प्रयासों से है। दूसरे शब्दों में ट्राईगं टू कन्सीव’।इसके लिए एक-दूसरे के साथ व अपने डॉक्टर से खुलकर विचार-विमर्श करें।
 
गर्भधारण से पहले जरूरी है हेल्थ चेकअप
 
जन्म पूर्व सुरक्षा गर्भधारण से काफी पहले ही प्रारंभ हो जाती है और यह केवल आपके प्रजनन अंगों तक ही सीमित नहीं रहती, इसलिए अपने शरीर को पूरी तरह स्वस्थ व उपयुक्त बनाने का यही सबसे उचित समय है। चाहें आप कभी बीमार न पड़ी हों फिर भी गर्भ में शिशु के आने के बाद डॉक्टर के पास भागने से बेहतर है कि आप गर्भाधान से पहले ही सेक्स संबंधी मामलों के प्रति सजग हो जाएं और यदि आप किसी जोखि़म भरी स्थिति से गुजर रही होंतो गर्भाधान पूर्व ही यह सतर्कता और तैयारी और भी जरूरी हो जाती है। अतः सभी कुछ ठीक-ठाक रहे यह सुनिश्चित करने के लिए अपने गायनोकॉलोजिस्ट से मिलें और साथ ही अपने डेंटिस्ट से भी परामर्श लें ताकि जन्म पूर्व पूरा हेल्थ चेकअप हो सके।
 
सबसे पहले अपने स्वास्थ्य की सामान्य जांच हेतु डॉक्टर के पास जाएं (प्रस्तुति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ) ये आमतौर पर पूरे शरीर की जांच करते हैं। यदि आपकी डॉक्टर भी करती हो तो उनसे भी स्वास्थ्य की सामान्य जांच के साथ-साथ तभी प्रजनन स्वास्थ्य की भी जांच करवाई जा सकती है। आपकी इस जांच में ये जांचें भी होनी चाहिए -
 
वजन की जांच करें-
 
शरीर की जांच के साथ अपने वजन की जांच करवाना भी जरूरी है, क्योंकि आपकी सोच से परे आपके वजन का आपकी फर्टिलिटी और प्रेगनेंसी हेल्थ से गहरा संबंध होतो है, इसलिए शरीर के लिए उपयुक्त वजन को जानें। यदि आपके शरीर का न्यूनतम भार, आपके आकार व शरीर रचना के लिए निर्धारित वजन के अनुसार नहीं है, जो कि होना चाहिए तो ऐसे में आपका डॉक्टर गर्भाधान हेतु आवश्यक वज़न बढ़ाने में आपकी मदद करेगा।
 
संपूर्ण शरीरिक जांच-
 
इसमें पूरे शरीर की विस्तृत जांच की जाएगी, इसलिए इसके लिए पूरी तरह से तैयार रहें। गहरी सांसें भरकर स्वयं को तैयार करें और ब्लड प्रेशर को जांच के लिए आगे बढ़ें।
 
 

 

 

 

 

 

 

 

 

 
 
दवाइयों की सही जानकारी
 
यदि आप कोई दवाइयां ले रहे हों या अभी वे केवल प्रिस्क्रिप्शन में ही हों तो ऐसे में उन सभी के बारें में डॉक्टर से खुलकर बात करें क्योंकि कुछ दवाइयां गर्भावस्था के दौरान नहीं ली जानी चाहिए, जबकि कुछ दवाइयां नुकसान नहीं पहुंचाती, अतः आपके मेडिकल कार्ड में बदलाव अनिवार्य हो जाता है।
 
ब्लड टेस्ट
 
हालांकि, कोई भी खून की जांच करवान पसंद नही करता, किन्तु कुछ रोगों को जानने के लिए रक्त की जांच अनिवार्य होती है। यदि आप गर्भवती हो जाएं तो डाक्टर आपको जांच कुछ टेस्ट करवानी की सलाह देते है ताकि आपकी बीमारियां आपको पता चल सकें। हीमोग्लाबिन या हीमैटोक्राइट को प्रेगनेंसी के दौरान बेसलाइन के तौर पर ही और एनीमिया की जांच के लिए किया जाता है आमतौर पर महिलाओं के शरीर में आयरन कम पाया जाता है, जो उनके मासिक धर्म में उत्सर्जित खून के कारण होता है। आऱ एच़ फैक्टर को यह देखने के लिए किया जाता है कि आपका रक्त समूह नेगेटिव केटेगिरी का है या पॉजिटिव का। यदि आपका ब्लड ग्रुप नेगेटिव हो तो आपके साथी की जांच यह जानने के लिए की जानी चाहिए कि उसका ब्लड ग्रुप पॉजिटिव हो।
 
थाइरॉयड फंक्शन
 
क्योंकि थायरॉयड का प्रैगनेंसी और फर्टिलिटी पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए प्रत्येक महिला को गर्भाधान से पहले इसकी जांच अवश्य करनी चाहिए। यदि आपको कभी थायरॉयड की समस्या रही हो या अब हो अथवा आपके परिवार में किसी को भी यह रोग हुआ हो तो निश्चित तौर पर यह जांच करवाएं।
 
सेक्सुअली ट्रांसमिटिड डिजीज़ 
 
इसकी जांच अपनी सामान्य स्वास्थ्य जांच के दौरान या अपनी स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा भी करवाई जा सकती है। इसके अलावा किसी भी ऐसी समस्या की भी जांच की जा सकती है जिन्हें गर्भाधान के दौरान ठीक करने की आवश्यकता हो।इस तरह से आप यह सुनिश्चित कर सकते है कि गर्भधारण करने से पहले आपको किसी प्रकार की समस्या तो नहीं है।
 
 
 

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