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बच्चे के भले के लिए आपकी भरपूर नींद जरूरी

रेनू चौहान

4th January 2016

आपका स्वास्थ्य और आपके बच्चे का विकास बहुत कुछ इस पर निर्भर करता है कि आप दोनों कितनी और कैसी नींद ले पाते हैं।

बच्चे के भले के लिए आपकी भरपूर नींद जरूरी

गर्भावस्था के दौरान आपने खुद को संतुलित आहार, बेहतर एक्सरसाइज़,
अच्छा टाइम और आराम दिया, लेकिन डिलीवरी के बाद क्या? आपका असली काम तो अब शुरू हुआ है। गर्भावस्था से कहीं ज़्यादा ज़रूरी है डिलीवरी के बाद का समय।

पहले समय सिर्फ आपका था, लेकिन अब आपके बच्चे का भी है। अब आपको उसी के हिसाब से दिनचर्या बनानी होगी ताकि एक आरामदायक नींद से बेबी को स्वस्थ विकास और खुद को जि़म्मेदारी संभालने के लिए तैयार कर सकें। आज हम आपको वो 7 टिप्स बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप और आपका बच्चा एक अच्छी नींद ले सकेंगे।

इस तरह सोएं
रिसर्च बताती हैं कि बाएं तरफ सोने से दिल ठीक रहता है और गर्दन दर्द, कमर दर्द जैसी परेशानियां भी दूर हो जाती हैं। वहीं, इस पोज़ीशन में सोने से पाचन भी बेहतर होता है और लीवर, लंग्स से भी एसिड रिफ्लेक्स कम होता जाता है। जिस तरह गर्भावस्था के दौरान बाएं तरफ सोने से फीटस सर्कुलेशन बेहतर होता है वैसे ही गर्भावस्था के बाद इस पोज़ीशन में सोना पेट, पीठ और चेहरे के लिए अच्छा होता है। इतना ही नही, ऐसे सोने से खर्राटे आने भी बंद हो जाते हैं।

खान-पान में इन्हें शामिल करें
एक बेहतर नींद के लिए सुबह से लेकर रात तक अपनी डाइट स्वास्थ्यकर रखें। शुरूआत सुबह हल्के नाश्ते से करें जिसमें दूध, शहद, फल, अंडे और ओटमील्स या साबुत अनाज शामिल हों। वहीं, दोपहर और रात के खाने में जो भी लें उसमें तेल और घी का इस्तेमाल कम करें। साथ में सलाद ज़रूर खाएं और जितना पानी पी सकती हैं पिएं।

इन आदतों से बचें
जहां तक बात खाने कि है तो एक अच्छी नींद के लिए रात में ट्रायह्रश्वटोफैन, कार्बोहाइड्रेट रिच, जंक, कैफीन, एल्कोहेल और मसालेदार भोजन से बचना चाहिए। जैसे- दही, चीज़, दूध, केला, शहद, अंडा, मेवा, बर्गर, पीज़ा आदि। मसालेदार जंक फूड्स से जलन और बदहजमी जैसी शिकायत हो सकती है। इसके अलावा रात में पढऩा, म्यूजि़क सुनने और टीवी देखने से भी बचें, क्योंकि थोड़ा भी देर से सोना, धीरे-धीरे टाइम टेबल खराब कर देता है।

तनाव को ऐसे कम करें
बच्चा होना जितना आनंददायी होता है उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। बेबी के बाद पूरी जिंदगी बदल जाती है, आपका पूरा दिन अब सिर्फ आपका नही बल्कि आपके नन्हे मुन्ने का हो जाता है। ऐसे में सभी कामों के साथ अपने तनाव को दूर करना बहुत ज़रूरी है। इसके लिए आप अपने लिए थोड़ा समय निकालें। सुबह की शुरूआत 10 मिनट की एक्सरसाइज़ के साथ करें। दिन में जब भी अपने रूटीन से वक्त मिले तो हल्की सी झपकी लें और बदलती फाइनेंशल सिचुएशन, परिवार और पति की बढ़ती जिम्मेदारियों के बारे
में सोच-सोच कर परेशान होने के बजाय भविष्य की सोचें।

खुश और सकारात्मक रहें
हार्मोनल चेंज और कम नींद, खुब-ब-खुद आपमें अजीब-सी बेचैनी और चिड़चिड़ाहट ला देती है। इससे आप ही नहीं बल्कि हर महिला गुज़रती है,
खासकर जब बच्चा पहला हो। ऐसे में सबसे ज़रूरी है अपने आपको खुश रखना और सकारात्मक सोचना। आप अगर ऊपर दी गई पांच बातों को अपना लेती हैं तो आप ज़रूर ही अच्छा महसूस करेंगी। इसके अलावा आप रोज़ाना अपने लिए वक्त निकालें और इस दौरान सभी परेशानियों को दिमाग से निकालकर सिर्फ वो करें जिससे आपको खुशी मिले। खुश रहेंगी तभी आपका बच्चा और पति भी चैन से सो पाएंगे।

बच्चे को दें प्यारी नींद
अपने शुरूआती दिनों में बच्चे लगभग 16 से 17 घंटे सोते हैं, इसे वो 3 या 4 घंटे की 4 या 5 नींद से पूरा करते हैं। कई बच्चे दिन में सोते हैं तो कई सिर्फ रात में। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता जाता है, नींद कम होती जाती है। 4 से 6 महीने के बच्चा बड़ों की ही तरह 8 से 12 घंटे की नींद लेने लग जाता है। उनकी इस प्यारी सी नींद को और आरामदायक बनाने के लिए इन बातों को ध्यान में रखें-

 बच्चों के इशारों को समझें कि वो सोने से पहले क्या करता है जैसे- आंखें या कान मलना या किसी पोज़ीशन या साइड में पलटने की कोशिश करना। आप जितनी जल्दी इन इशारों को समझ लेंगी उतनी जल्दी बच्चे को अच्छी नींद मिलेगी। अगर आप चाहती हैं कि बच्चा रात में ज़्यादा सोए और दिन में कम, तो इसके लिए उसके दिन के सोने के समय उसके साथ खेलें। बिस्तर पर नही गोद में खिलाएं, उसे नहलाएं या किसी भी तरह जब तक वो हंसते हुए जाग सकता है, जगाएं। इससे धीरे-धीरे वो दिन में कम और रात में
ज़्यादा सोने लगेगा।

 बच्चा बार-बार जगे तो परेशान न हों क्योंकि वो जैसे-जैसे बड़ा होगा, हाथ-पैर हिलाना, बिस्तर पर पलटी करना, आखें हिलाना सीखेगा। इस वजह से वो बार-बार जगेगा और अपनी इस प्रैक्टिस से थककर जल्दी सो भी जाएगा।

 परिवार के सोने के समय के हिसाब से ही बच्चे को सोने की आदत डालें। छोटा बच्चा वही सीखता है जो वो सुनता और देखता है। अगर आप उसे रात में सोने की आदत डाल रही हैं तो याद रखें कि रात में पूरा परिवार सोता हो, क्योंकि हलकी सी आहट या शोर उसकी नींद खराब कर सकती है और अगर बार-बार उसकी नींद खराब हुई तो वो रात में सोना कभी नही सीखेगा।

 आप खुद के और बच्चे के सोने और जागने के समय का भी खयाल रखें। खासकर बच्चे का। रोज़ाना उसे एक ही समय से सुलाएं और जगाएं। इससे बच्चे और आप दोनों ही अच्छी और पूरी नींद ले पाएंगे।  

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