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इनसोम्निया- क्या करूं, नींद नहीं आती..

राजलक्ष्मी त्रिपाठी

6th November 2015

आजकल इनसोम्निया के पेशेंट यंग एज के लोग ज्यादा होते हैं। इसका बारण आजकल का लाइफस्टाइल है जिसमें किसी चीज के प्रति अनुशासन नहीं है।

इनसोम्निया- क्या करूं, नींद नहीं आती..


कई बार लाख कोशिश करने के बावजूद आंखों में नींद का नामोनिशान नहीं होता है। मन सोने को करता है, लेकिन ऐसे लगता है जैसे निंदिया रानी रूठ गई हैं। बिस्तर पर करवट बदलते-बदलते रात गुजर जाती है। अगर ऐसा एकाध बार हो तो चलता है, लेकिन अगर आपके लिए यह रोज की बात है, तो फिर बिना देर किये सचेत हो जायें और डॉक्टर से संपर्क करें यह नींद न आने की बीमारी इनसोम्निया का लक्षण हो सकता है...

जब सोने की कोशिश करने के बावजूद नींद ना आये और रात घड़ी देखते हुए गुजर जाये। हर समय थकान सी महसूस हो, तो यह इनसोम्निया है। यह बहुत की कॉमन बीमारी है। आजकल पांच में से एक व्यक्ति इसका शिकार है। इसका संबंध नींद से है, इसलिए इसकी वजह से दिन पर दिन सेहत खराब हो जाती है और हर समय चिड़चिड़ाहट सी महसूस होती है ना कुछ खाने को मन करता है और ना की कुछ भी अच्छा लगता है हर समय सिर भारी-भारी सा महसूस होता है।

क्या है इनसोम्निया

नींद न आने की बीमारी है इनसोम्निया। इसमें रात को सोते समय आंखें तो बंद रहती हैं, लेकिन दिमाग में कुछ न कुछ चलता रहता है। बिस्तर पर आठ घंटे लेटे रहने के बावजूद गहरी नींद नहीं आती है। इसकी वजह से सुबह उठने के बाद सिर में भारीपन सा महसूस होता है और पूरे दिन झपकी आती रहती है। चाहकर भी किसी काम पर कंसन्टरेट नहीं कर पाते हैं।

इनसोम्निया के लक्षण

  •  थके होने के बावजूद मुश्किल से नींद आना।
  •  रात को सोते-सोते बार-बार नींद टूट जाना।
  •  एक बार उठ जाने के बाद दुबारा नींद न आना।
  •  थकाउ नींद आना।
  •  सोने के लिए नींद की गोली का सहारा लेना।
  •  देर से सोने के बावजूद सुबह जल्दी नींद टूट जाना।
  •  दिनभर सुस्ती, थकान और बिना बात के चिड़चिड़ाहट महसूस करना।
  •  किसी काम में मन न लगा पाना।


क्या है कारण

अब सवाल उठता है कि आखिर नींद न आने की इस बीमारी का कारण क्या है, तो इसका जवाब है बदलता हुआ लाइफ स्टाइल जिसमें ना तो सोने का कोई निश्चिम समय है और ना ही उठने का। हर समय काम का स्टरेस और दूसरों से आगे बढ़ने की टेंशन लगी रहती है, जिसकी वजह से ना चाहते हुए भी आंखों से नींद गायब होने लगती है और धीरे-धीरे यह इनसोम्निया में बदल जाती है। अगर आप इनसोम्निया से पीडि़त हैं, तो इसके कारणों पर ध्यान दें और आप अपने लिए जिसको इस बीमारी कारण मानते हैं, उसे अपने जीवन से दूर करें। इनसोम्निया का कारण तनाव, डिप्रेशन, चिंता, कोई मेडिसीन, हैल्थ प्रॉब्लम आदि हो सकता है।
अगर इसका कारण अस्थायी है, तो कई बार यह अपने आप ही ठीक हो जात है मसलन अगर आपको किसी की बात से दुख पहुंचा है, तो दो-चार दिन तो आप इसकी वजह से ठीक से सो नहीं पायेंगे, लेकिन कुछ दिनों में आप खुद ही स्वस्थ हो जायेंगे।

अगर इसका कारण मानसिक है या इसकी वजह कोई क्रॉनिक बीमारी है, तो इसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। मनोचिकित्सक डॉक्टर समीर पारिख के अनुसार अगर फिजिकल कारणों यानी कैंसर, अस्थमा, किडनी की समस्या का छोड़ दिया जाये, तो आजकल इनसोम्निया मानसिक कारण हैं एंग्जाइटी और डिप्रेशन। मजे की बात यह है कि आजकल इनसोम्निया के पेशेंट यंग एज के लोग ज्यादा होते हैं। इसका बारण आजकल का लाइफस्टाइल है जिसमें किसी चीज के प्रति अनुशासन नहीं है। अगर आपको इस बीमारी से निजात पाना है, तो इसके लिए आपको अपने लाइफ स्टाइल में सुधार करना पड़ेगा।

यूं दूर भगायें इनसोम्निया

अपनी सोने संबंधी आदतों और खान-पान में सुधार लाकर आप नींद न आने की इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए इन सुझावों पर अमल करें।

  •  रात का खाना हल्का और कम तेल और मसाले वाला हो। अपने खाने में हेल्दी चीजों मसलन मौसमी, फल और सब्जियों को शामिल करें।
  •  सोने से पहले एक गिलास पानी पिएं इससे अच्छी नींद आती है।
  •  रात को सोते समय इस बात का ध्यान रखें कि आपके कमरे में पर्याप्त अंधेरा हो। खिड़की दरवाजे बंद रखें, जिससे कि सोते समय बाहर का शोरगुल ना सुनाई दे। सोने से पहले सूदिंग म्यूजिक सुनने से नींद अच्छी आती है।
  •  सोने का एक समय निश्चित कर लें और कोशिश करें कि आप प्रतिदिन अपने निश्चिम समय पर सो जायें।
  •  दिन में ना सोयें। अगर थके हैं और सोने का मन कर रहा है, तो आधे घंटे से ज्यादा ना सोयें। दिन में तीन बजे से पहले ही सोयें।
  •  सोते समय उन चीजों के बारे में ना सोचें, जिनकी वजह से आपको तनाव हो।
  •  सोने से पहले टीवी पर मारपीट वाली पिक्चर और सास-बहू वाले सीरियल ना देखें, इससे ना चाहते हुए भी आप सोते समय टेन्स हो जायेंगे और गहरी नींद नहीं सो पायेंगे।
  •  दोपहर के बाद कॉफी पीना अवॉइड करें।
  •  बेडरूम का इस्तेमाल सोने के लिए और प्यार करने के लिए ही करें वहां पर जाने के बाद मोबाइल और लैपटाॅप पर भूलकर भी काम ना करें।
  •  अगर आपको नींद नहीं आ रही है, तो जबरदस्ती बिस्तर पर करवट ना बदलें कोई अच्छा सा म्यूजिक सुन लें या फिर कोई रोमांटिक नॉवेल पढ़ लें इससे आपको नींद आ जायेगी।
  •  सोने से पहले कुछ देर के लिए मेडिटेशन कर लें इससे माइंड और बॉडी रिलैक्स हो जाती है और गहरी नींद आती है।

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