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महिलाओं के लिए जरूरी है कैल्शियम

नीरा कुमार

21st November 2015

हमारे देश में अधिकांश महिलाओं में कैल्शियम की कमी पाई जाती है, जिसके कारण कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जानते हैं इससे जुड़ी बातों के बारे में।

महिलाओं के लिए जरूरी है कैल्शियम

 कैल्शियम  की आवश्यकता हर उम्र में हर व्यक्ति को होती है। चाहे वह बच्चा हो, जवान हो या बूढ़ा। स्त्री हो या पुरुष। शुरुआत से बात करें तो बढ़ते बच्चों के शरीर, दांतों के आकार और हड्डियों को मजबूत बनाने में कैल्शियम की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। वहीं बड़ी उम्र में हड्डियों के फ्रैक्चर से बचाव और आस्टियोपोरोसिस बीमारी न होने देने के लिए इसका शरीर में पर्याप्त होना आवश्यक है। पर यहां बात महिलाओं की कर रहे हैं तो कई सर्वेक्षणों से यह बात सामने आई है कि हमारे देश में अधिकांश महिलाओं में पैंतीस साल की उम्र के बाद कैल्शियम की कमी पाई जाती है। जिसकी शुरुआत किशोरावस्था से हो जाती है, जो ताउम्र बनी रहती है। सवाल उठता है कि महिलाओं में कमी क्यों हो जाती है कैल्शियम की, लक्षण क्या हैं और कमी को दूर करने के लिए क्या खाना चाहिए आदि। यह सब बता रही हैं मेट्रो स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की डाईटीशियन रितु गिरि।

कैल्शियम की कमी क्यों?
लड़कियों और महिलाओं में कैल्शियम की कमी इसलिए हो जाती है क्योंकि उन्हें कई प्राकृतिक प्रक्रियाओं से गुजरना होता है जैसे- मासिक धर्म,गर्भधारण, ब्रेस्टफीडिंग और बाद में मेनोपॉज। ऐसे में उन्हें सही संतुलित और किन्ही समय पर ज्यादा कैल्शियम की आवश्यकता होती है। हमारे शरीर की प्रत्येक कोशिका को इसलिए कैल्शियम की जरूरत होती है क्योंकि प्रतिदिन हमारे शरीर में त्वचा, बाल और मल के जरिये कुछ मात्रा में कैल्शियम बाहर निकलता है। अत: कैल्शियम का संतुलन बनाये रखने के लिए इसकी रोज ही पूर्ति होनी चाहिए। जब शरीर में कैल्शियम की पूरी पूर्ति नहीं हो पाती तब शरीर हड्डियों से कैल्शियम लेने लगता है। फलस्वरूप हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और फिर कई तरीके की परेशानियां उत्पन्न हो जाती है जैसे जरा सी चोट लगने पर फ्रैक्चर हो जाना आदि।

कैल्शियम शरीर के लिए मददगार है

  • कैल्शियम हृदय, मांसपेशियों और ब्लडक्लॉटिंग से बचाता है।
  • कैल्शियम सही मात्रा में लेने से यह नर्वस सिस्टम के संदेश मस्तिष्क तक पहुंचाने में सहायक होता है, जैसे- किसी गरम चीज को छूने पर मस्तिष्क द्वारा तुरंत उसका एहसास हो जाना।
  • चोट, घाव और खरोंच आदि को जल्दी ठीक करने में मददगार है।
  • हड्डियों में मजबूती बनाये रखने में कैल्शियम और कोलेजन मिलकर अच्छा काम करते हैं। हड्डियों में मजबूती के अलावा लचीलापन भी बना रहता है।
  • कैल्शियम मांसपेशियों के कई काम करता है, जैसे- लिखना, टहलना, बैठना और गेंद आदि फेंकने में।

कैल्शियम की कमी के लक्षण

  • शरीर का विकास रुकना।
  • दांतों का असमय गिर जाना।
  • ब्लडप्रेशर बढऩा।
  • शरीर के विभिन्न अंगों में ऐंठन या कंपन अथवा दर्द होना।
  • दांतों का पीलापन।
  • थकान महसूस होना।
  • हड्डियों का खोखला होना, उनका कमजोर होकर टूटना, बार-बार फ्रैक्चर होना।
  • बड़ी उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस होना।
  • हाथों-पैरों में झनझनाहट।
  • मस्तिष्क का सही ढंग से काम न करना।

उपरोक्त समस्याओं के अलावा महिलाओं में कैल्शियम की कमी से अन्य कई छोटी-छोटी समस्याएं हो जाती हैं।

महिलायें कैल्शियम को ऐसे लें

  •  प्रतिदिन दूध लें या दही अथवा दूध से बनी चीजें कस्टर्ड, फ्रूट खीर आदि लें।
  •  हरी सब्जियों को दाल में डालें, रोटी में मिलायें, रायता बनायें या यूं ही एक कटोरी सब्जी खायें या सूप लें।
  •  सोयाबीन में अच्छी मात्रा में कैल्शियम होता है। अत: सोयाबीन आटे को सामान्य आटे में मिलाकर रोटी-परांठे आदि बनायें, सोया चंक्स की सब्जी बनायें या सोयाबीन का चूरा दाल में डाल दें।
  •  सोया उपमा, सोया पनीर या टोफू, सोया मटर आदि बनायें।
  •  कैल्शियम की कमी को दूर करने के लिए प्रतिदिन दो छोटे चम्मच तिल जरूर खायें।

उपरोक्त तरह से कैल्शियम का सेवन करें। पर कैल्शियम को जज्ब करने के लिए प्रतिदिन लगभग आधे से एक घंटे तक धूप का सेवन करें ताकि विटामिन डी मिल सके। इसके अलावा कैल्शियम के साथ-साथ प्रतिदिन एक्सरसाइज को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनायें ताकि हड्डियों में लचीलापन बना रहे। ध्यान रहे कैल्शियम की अधिकता भी शरीर के लिए नुकसानदेह है क्योंकि इससे किडनी में स्टोन हो सकता है। अत: डॉक्टर से संपर्क करके अपनी कैल्शियम की डायट पूछें व तीस साल की उम्र के बाद हड्डियों की जांच समय-समय पर कराती रहें ताकि जरूरत होने पर उपचार कराया जा सके।

प्रतिदिन लेने वाली कैल्शियम की मात्रा

  • 3 से 6 साल के बच्चे के लिए प्रतिदिन 300 से 500 मिलीग्राम कैल्शियम जरूरी है।
  • 7 से 18 साल तक के लिए 600 से 700 मिलीग्राम रोज।
  • 18 से 30 साल की महिलाओं को 400 से 500 मिलीग्राम।
  • गर्भवती स्त्रियों को 1000 मिलीग्राम।

मेनोपॉज के बाद 500 मिलीग्राम सिर्फ शरीर को स्वस्थ रखने के लिए क्योंकि हड्डियों का विकास तो हो ही चुका है। हड्डियां कमजोर हों तो चिकित्सक की निगरानी में ज्यादा कैल्शियम लिया जा सकता है।


कैल्शियम किन चीजों से प्राप्त करें
कैल्शियम हमें निम्नांकित चीजों से प्राप्त होता है जिसे अपनी डायट में शामिल कर स्वस्थ रह सकते हैं-

  1. सब्जियां :- टमाटर, ककड़ी, मूली, मेथी, करेला, चुकंदर, हरी पत्तेदार सब्जियां, अरबी के पत्ते, पालक, सलाद पत्ता आदि।
  2. फल :- नारियल, संतरा, अनानास, आम आदि।
  3. डेयरी उत्पाद :- दूध व दूध से बनी चीजें जैसे- दही, पनीर, आदि ये कैल्शियम के प्रमुख स्रोत हैं।
  4. सूखे मेवे :- बादाम, अखरोट व तिल में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है।

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