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स्त्री रोगों के 20 घरेलू उपाय

गृहलक्ष्मी टीम

24th January 2017

इन रोगों के कारण स्त्रियों को बहुत कष्ट उठाने पड़ते हैं। यदि आप भी ऐसे ही किसी रोग से ग्रस्त हों तो लज्जा व संकोच त्यागकर इनकी चिकित्सा करें व आवश्यक होने पर डाॅक्टरी जांच भी करवाएं।

स्त्री रोगों के 20 घरेलू उपाय
  • लाल गुड़हल के फूलों को कांजी के साथ पीसकर पीने से माहवारी खुल जाती है।
  • असंगध का चूर्ण बनाकर रख लें। 6 ग्राम चूर्ण में बराबर की मात्रा में पिसी मिश्री या चीनी मिलाकर ठंडे पानी के साथ खायें।
  • गाजर के बीज 30 ग्राम कूटकर, 500 ग्राम पानी में उबालें, जब पानी आधा रह जाए तो थोड़ी शक्कर डालकर 2-3 दिन पिलायें, माहवारी खुल कर आती है।
  • चार माशा नीम की छाल को कूटकर दो तोला गुड़ के साथ पानी में उबालें। जब पानी आधा रह जाए तो गुनगुने पानी के साथ पीने से मासिक धर्म की रुकावट दूर होती है।
  • मासिक धर्म होने के लिए गाजर के बीच पानी में पीसकर पांच दिन तक पीना चाहिए।
  • महिलाओं के मासिक धर्म के समय अधिक रक्तस्त्राव होने पर उसे रोकने के लिए गाय के एक पाव दूध में केले के पत्ते का एक छटांक रस मिलाकर सुबह खाली पेट एक सप्ताह तक देना चाहिए।
  • कथीरिया गोंद और 10 ग्राम गोंद रात को 1 कप पानी में भिगोकर रख दें। सवेरे इसमें 10 ग्राम पिसी मिश्री मिलाकर पी लें। इससे पित्त और गर्मी के कारण होने वाले प्रदर रोग में आराम होता है।
  • आवंले के चूर्ण 3 ग्राम 6 ग्राम शहद में मिलाकर नित्य एक बार 30 दिन तक निरन्तर लेने से श्वेत प्रदर में लाभ होता है।
  • 20 ग्राम आंवले का रस शहद में मिलाकर तीस दिन तक पीने से श्वेत प्रदर में आराम मिलता है।
  • गाय के दूध में 25 ग्राम अशोक की छाल को पकाकर, उसमें मिश्री मिलाकर सुबह-शाम कुछ दिनों तक पीने से रक्त-प्रदर में लाभ होता है।
  • जामुन की हरी ताजा छाल छाया में सुखाकर बारीक करके 4-4 ग्राम सुबह-शाम बकरी के दूध के साथ या गाय के दूध के साथ लेेने से प्रदर में फायदा होता है।