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डाइट हो नपी-तुली

दीप्ति अंगरीश

2nd June 2016

रोजाना जिम में पसीना बहाया आपने। घंटों जॉगिंग ट्रैक पर बेसुध होकर जॉगिंग की आपने। पर सब बेअसर। बेडौल शरीर से उठना-बैठना मुश्किल और शॄमदगी अलग। डाइटीशियन का डाइट प्लान अपनाएंगे तो फिर पुरानी जींस घुटने से ऊपर चढ़ जाएगी और टी शर्ट गले से नीचे उतर जाएगी।

डाइट हो नपी-तुली

 

बढता वजन आपके माथे की झुर्रियों के मकडजाल में तब्दील करता होगा। आपका मैरिटल स्टेटस विवाहित या अविवाहित हो, दिन-ब-दिन चढती चर्बी लोगों के सामने नहीं, खुद अपनी नजरों में शॄमदा करती है। कारण चाहे डिलीवरी के बाद अचानक बढ़ता वजन हो या अचानक बढ़ता बॉडी वेट स्लिमिंग बेल्ट स्लिमिंग सेंटर व टैबलेट्स या बेअसर होता योग जिम कार्डियो एक्सरसाइज... या कुछ भी। क्या कुछ नहीं किया आपने चर्बी की परतों को पिघलाने के लिए। याद रखिए वजन घटाने का मतलब यह नहीं है कि आप एकदम से छरहरी हो जाएं। ध्यान रहे, ऐसा करने से ना काम में मन लगता है और न दैनिक कार्यों के लिए एनर्जी रहती है। आप हैल्दी फूड के साथ नियमित एक्सरसाइज व योग से भी आप वजन मेंटेन कर सकती हैं।


फैटी लेयर्स को जल्दी गुडबाय कहने के लिए क्रैश डायटिंग से वजन तो कम हो जाता है, लेकिन कुछ समय बाद इसके साइड इफेक्ट्स भुगतने पड़ते हैं। योग एरोबिक्स के अलावा आप फूड हैबिट्स में परिवर्तन लाएं। डाइट और व्यायाम दोनों पर ध्यान देना जरूरी है। आपका नाश्ता बिलकुल सही हो। थोड़ी-थोड़ी देर बाद कुछ न कुछ खाते रहें। डाइट में कैलोरी की मात्रा कम होनी चाहिये। तले-भुने और फास्ट फूड से दूर रहें। रात में हल्का भोजन रात आठ बजे तक कर लें ताकि भोजन को पचने का पर्याप्त समय मिल जाए।


जल्द से जल्द वेटलॉस के फेर में सेहत से खिलवाड़ न करें। सबसे अहम है कि आप एक्सरसाइज व योग के साथ बैलेंस्ड डाइट को तरजीह दें। बैलेंस्ड डाइट की जरूरत उम्र के हर पडाव पर महत्वपूर्ण होती है। लेकिन बैलेंस्ड डाइट में पोषक तत्वों की मात्रा उम्र के अनुसार अलग-अलग होती है। याद रखिए कि-

  •  आपकी फूड हैबिट्स आने वाले समय में आपकी सेहत के अच्छे-बुरे के लिए जिम्मेदार है। मोटापे को कंट्रोल करने के लिए नियंत्रण की बहुत जरूरत है। अगर आप अपनी डाइट पर विशेष ध्यान दें तो यह आप भी स्लिम ट्रिम बने रहेंगे। टाइम पर खाना खाना चाहिए। डाइट संतुलित मात्रा में लेनी चाहिए। डाइट में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेड की प्रचुर मात्रा होनी चाहिए। एक इंसान को 2500 प्रति कैलोरी डाइट लेनी चाहिए। तभी हमारा शरीर स्वस्थ व छरहरा रह सकता है।
  • दिन में तीन मील्स की जगह पांच मील्स लें। इसमें साबुत अनाज (ब्राउन राइस, वीट ब्रेड, बाजरा रागी, ज्वार, आदि) अवश्य शामिल करें। नॉन रिफाइंड व्हाइट प्रॉडक्ट्स (सफेद ब्र्रेड, व्हाइट राइस, मैदा आदि) को डाइट से पूरी तरह हटा दें।
  • फिट रहने के लिए हैल्दी प्रोटीन लें।
  • डाइट में शामिल करें टोंड दूध से बना दही व पनीर दाल, मछली आदि
  • कब्ज व पेट में मरोड़ से बचने के लिए खाने में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं। इसके लिए सह्रश्वलीमेंट्स की बजाय प्राकृतिक फाइबर लें। फाइबर के प्रमुख स्रोत हैं साबुत अनाज, होम मेड सूप, दलिया, फल, आदि। इनसे फाइबर के साथ-साथ कई मिनरल्स व विटामिन्स मिलेंगे।
  •  हड्डियों की मजबूती के लिए डाइट में कैल्शियम की मात्रा बढाएं। इसके प्रमुख स्रोत हैं- दूध, मछली, मेवा, खरबूज के बीज, सफेद तिल आदि। याद रहे कि पतले होने के फेर में कैल्शियम को डाइट से नदारद किया तो गठिया आपको जकड़ सकता है।
  •  वजन कम करने के लिए आप वसा की मात्रा एकदम हटाने की जरूरत नहीं है। डाइटीशियन के अनुसार खाने में पर्याप्त मात्रा में फैट्स होने जरूरी हैं, जो एनर्जी लेवल को बनाए रखने, टिश्यू रिपेयर और विटामिन्स को बॉडी के सभी हिस्सों तक पहुंचाने के लिए जरूरी हैं। इसलिए मक्खन जैसे सैचुरेटेड फैट्स की जगह ऑलिव ऑयल इस्तेमाल में लाएं।
  •  दिन की शुरुआत जीरा वॉटर, अजवायन वॉटर, मेथी वॉटर या आंवला जूस से करनी चाहिए। इससे मेटाबॉलिक रेट बढ़ता है।
  •  जल्दी हो आपका डिनर। सोने से कुछ घंटे पहले ही खाना खा लें, ताकि सोने से पहले यह अच्छी तरह पच सके।
  •  जंक फूड को अपने रुटीन से निकाल दें।
  •  ज्यादा देर तक खाली पेट न रखें, इससे आप एक बार में अधिक भोजन करेंगी। बेहतर होगा कि आप बीच-बीच में कम वसा वाले स्नैक्स या फिर फल, सूप, जैसी चीजें लेती रहें।
  •  आरामदायक लाइफस्टाइल में कुछ परिश्रम भी करें। याद रहे वजन तभी बढ़ता है, जब खाने में मिलने वाली कैलोरी पूरी तरह बर्न नहीं होती।
  •  दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।
  •  कब्ज या मरोड से बचने के लिए डाइट में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं।
  •  भोजन में सोडियम की मात्रा कम होनी चाहिए। सोडियम शरीर में पानी सोखता है और ब्लड प्रेशर बढाता है। दिन भर में एक-डेढ चम्मच नमक लें।
  •  कोलेस्टेरॉल लेवल कंट्रोल करने के लिए फैट की मात्रा पर ध्यान दें।
  •  भरपूर मात्रा में पानी वाले फल-सब्जी (मौसमी, अंगूर, तरबूज, खरबूजा, खीरा, प्याज, बंदगोभी आदि) खाएं।
  • चीनी व नमक का प्रयोग कम से कम करें।

 

 

  •  

     

बॉडी मास इंडेक्स

  •  (बीएमआई) - वजन/लंबाई (दो गुना)।
  •  यदि बीएमआई 25 से 29.9 है तो आप ओवरवेट हैं और 30 बीएमआई का मतलब है आप मोटी हैं।


कामकाजी लोगों का डाइट प्लान
दिन का एक लम्बा समय ऑफिस की कुर्सी पर बैठे ही कट जाता है। ऐसे समय में वजन बढ़ाना तो आसान है पर एक बार बढ़ जाये तो घटाना ज्यादा मुश्किल है। ऐसे लोगों को अपने खाने के प्रति काफी सतर्क रहना होगा। आप कुछ निश्चित नियमों का पालन करके अपने वजन को काबू कर सकते हैं। कार्बोहाईड्रेट हमेशा ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है। पर अगर स्टार्च रहित हो तो ज्यादा बेहतर होगा। घर का बना टिफिन आपकी काफी मदद करेगा इसमें।


उम्र कम तो थाली हो भरी-भरी
बेवजह का खान-पान और असमय भोजन लेने के आदात ऐसे लोगों के वजन को बढ़ाने का काम करती है। फास्ट फूड की निर्भरता भी इस उम्र के लोगों की औरों के अपेक्षा ज्यादा ही होती है। इसलिए दिनभर में दो बार का भोजन और सुबह का प्रोटीन युक्त नाश्ता दिनभर आपको चुस्त रखेगा और आपका वजन भी नियंत्रित करेगा। साथ ही खाने में सलाद का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें तो बेहतर होगा। कम उम्र में वजन बढ़ जाने से बुरा कुछ नही हो सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि पहले फास्ट फूड से बचे। इस उम्र में सबसे ज्यादा ताकत की आवश्यकता होती है इसलिए प्रोटीन से भरपूर भोजन लें। शादी के दिन तो आप लोग काफी खूबसूरत दिख रहे होते हैं पर शादी के बाद वजन की समस्या से सभी लोग परेशान हो जाते है। ऐसे में जरूरी है कप वजन को लेकर सतर्क हो जाये। सबसे जरूरी है कि इस पर बात करें। कार्बोहाइड्रेट को नाश्ते मे जरूर शामिल करें।

 


बुजुर्गों की डाइट
अगर आप 60 की उम्र पार कर चुके हैं और तो सेहत के प्रति ज्यादा सजग होंगे। इस उम्र में पाचन क्रिया के साथ साथ हड्डियां और मांसपेशियां दोनो ही कमजोर हो जाती है। बुजुर्गों के लिए बेहतर है कि कम खाएं पर कई बार खाएं। साथ ही व्यायाम को भी अपने दिन के ह्रश्वलान में जरूर शामिल करे। दिन में एक बार 20 मिनट टहलने से आप खुद को काफी तरोताजा रख पाएंगे।



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