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वट सावित्री व्रत की खानपान विधि

विजया मिश्रा

4th June 2016

वट सावित्री व्रत में वट और सावित्री दोनों का एक खास महत्व माना गया है। जिस प्रकार पीपल के पेड़ का महत्व है ठीक उसी प्रकार वट यानी की बरगद के पेड़ की भी अपनी विशेषता है। पुराणों की माने तो वट में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों का वास होता है और इसके नीचे बैठकर पूजन, व्रत कथा आदि सुनने से मनोकामना पूर्ण होती है साथ ही वट वृक्ष अपनी विशालता के लिए भी प्रसिद्ध है।इस दिन खानपान की अपनी एक परंपरा है।

वट सावित्री व्रत की खानपान विधि

वट सावित्री व्रत में क्या खाएं

जैसा कि अक्सर हर व्रत में होता है कि आप पूरे दिन व्रत रखते हैं। वट सावित्री व्रत में ऐसा नहीं है। आप तब तक कुछ खा पी नहीं सकती जब तक कि पूजा ना कर लें।  पूजा में जिन चीज़ों की ज़रुरत होती है वही चढ़ाई जाती हैं और फिर उसी को ग्रहण किया जाता है। उत्तर भारत में यह व्रत काफी लोकप्रिय है। आइए जानते हैं कि आखिर इस दिन क्या खाएं
 
प्रसाद में पूरी और पुए बनाएं
 
 अक्सर हर त्यौहारों में पूरी बनाई जाती है क्योंकि मान्यता है कि पूरी शुभ मानी जाती है। पूरी के साथ इस दिन मीठे पुए बनाने की परंपरा है। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एक खास रेसिपी है।  पुए यानी की गुलगुले की रेसिपी अक्सर बड़ी उम्र की महिलाएं अपनी पीढ़ियों को सिखा देती हैं। इस रेसिपी में आटे को पानी,चीनी और मेवों के साथ अच्छी तरह से घोलकर तला जाता है। इसमे से पूरी और पुए को प्रसाद में बरगद के नीचे चढ़ाया जाता है। और कुछ को अपने आंचल में रखा जाता है और बाद में इसे प्रसाद स्वरुप खाते हैं।

भीगे चने

प्रसाद में भीगे चने का भी बेहद ज़रुरी है। इन्हें रात को भिगोया जाता है। और सुबह छानकर अलग करके पूजा की थाली में रखा जाता है। प्रसाद में पूरी,चने और पूए को बरगद के पेड़ के नीचे रखते हैं और कुछ चने को पूजा के बाद सीधे निगलने की परंपरा निभाई जाती है। बाद में बचे हुए चने की सब्जी बनाते हैं।

आम का मुरब्बा

इस दिन आम का मुरब्बा बनाया जाता है। इसमें आम और गुड़ या चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। कच्चे आम को उबालकर आम का मुरब्बा तैयार किया जाता है। इसे यूपी के पूर्वाचल हिस्से में गुरम्हा के नाम से भी जाना जाता है।यह कच्चे आम की मीठी चटनी के रुप में भी अपनी पहचान रखता है। पूजा के बाद विधिवत पूरी,सब्जी और आम का मुरब्बे का स्वाद लिया जाता है।

खरबूजे का विशेष महत्व

वट सावित्री व्रत मे ंखरबूजा वो फल है जो आपके वट सावित्री की पूजा का एक सबसे ज़रुरी चीज़ है। वैसे तो गर्मियों में खरबूजे की गजब की ब्रिकी होती है लेकिन आज के दिन इसकी डिमांड काफी बढ़ चाती है। इसे चढ़ाते भी हैं और बाद में इसे खाया भी जाता है।

 

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