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रक्षा मंत्री ने कहा महिलाओं को भी सेना में मिले बराबर के अवसर

सुचिता माहेश्वरी

5th July 2016

अभी तक भारतीय सेना में महिलाओं को युद्ध में भाग लेने की अनुमति नहीं है। इसलिए हमारे रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने महिलाओं को सेना में आगे बढाने की एक पहल करने की कोशिश की है। उन्होंने सोमवार को सेना में पूर्ण महिला बटालियन बनाने और महिलाओं को युद्धक पोत पर तैनात करने की पैरवी की। उन्होंने कहा कि अगर सेना, नौसेना में महिलाओं को भी बराबर अवसर दिया जाता है तो अमेरिका और इस्राइल सहित भारत विश्व के उन देशों में शामिल हो जाएगा, जहां इस तरह की व्यवस्था है।

रक्षा मंत्री ने कहा  महिलाओं को भी सेना में मिले बराबर के अवसर

 

 क्या कहा रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने -

उन्होंने कहा, जब मैं रक्षा मंत्री बना था तो मैंने सोचा कि हमें सामरिक पहल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों में मुख्यत: पुरूषों का ही वर्चस्व है।उन्होंने यह भी कहा कि , महिलाएं लड़ाकू भूमिका में भी हो सकती हैं। पूरी महिला टीम, महिलाओं की बटालियन क्यों नहीं हो सकती। इसलिए पुरूषों की टीम का नेतृत्व महिला अधिकारियों के करने के सवाल पर अगर शुरूआती विरोध होने की बात है तो इसका भी समाधान निकाला जा सकता है।अपनी तरफ से मैं इसके लिए पूरी कोशिश करूँगा। 

 

 

 

 

 फिलहाल हमारी सेना में महिलाएं सिर्फ डॉक्टर-नर्स के रूप में कार्यरत है या फिर ए.एम.सी. एवं एम.एन.सी. के अतिरिक्त स्त्री अधिकारियों को आफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओ.टी.ए.) में प्रशिक्षण दिया जाता है| हाल ही में गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार थलसेना,वायुसेना और नौसेना के पारंपरिक पुरुष दलों के साथ महिलाओं की अलग टुकड़ियां भी नजर आई। साथ ही थलसेना में महिलाओं की एक अलग टुकड़ी को शामिल किया गया है ।जानिए अभी हमारी सेना में महिलाओं क्या कर रही है और अब तक उन्हें किस तरह के अवसर दिए गए है। 

 

 

 क्या है सेना में स्थिति 

फिलहाल, सेना में महिलाओं को स्थाई कमीशन लीगल, इंटेलिजेंस, सप्लाई कोर में ही दिया गया है।करीब 2031 महिलाओं को स्थाई कमीशन एविएशन, सिग्नल जैसी शाखाओं में दिया जाएगा।अभी हमारे देश में हमारी सेना में महिला केवल अफसर ही बन सकती हैं। जवान के स्तर पर महिलाओं की भर्ती सेना में नही होती। वहीं अर्धसैनिक बलों में महिला जवानों की भर्ती भी होती है। 

 

कितनी संख्या है महिला सैनिकों की 

भारतीय सेना में कुल करीब 13 लाख जवान हैं,जिनमें करीब 37 हजार पुरुष अधिकारी हैं,जबकि महिला अधिकारियों की कुल संख्या मात्र 1300 है। यानि सेना में प्रति 28 पुरुष अधिकारियों की तुलना में सिर्फ एक महिला अधिकारी है। इसी तरह से वायुसेना में महिलाओं की संख्या है 1334,जिसका अनुपात है 1:8 (पुरुष अधिकारियों की संख्यां है करीब 11 हजार)। यानि आठ पुरुष अधिकारियों की तुलना में एक महिला अधिकारी।

 

 

कितने साहसिक कार्य कर चुकी है महिला सेना अधिकारी -

 

 

 

 

 

 

1 -सीमा सुरक्षा बल में महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय पोस्ट की सुरक्षा में तैनात किया गया है और सीमा पर पैट्रोलिंग भी कर रही हैं। 

2 -सीआरपीएफ में तो महिलाओं को नक्सल विरोधी अभियान में शामिल किया गया है। वहीं, महिला अधिकारियों का दावा है कि सेना के भीतर तमाम मौके पर प्रतिस्पर्धाओं में महिला अधिकारियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

3-हमारे सीमा सुरक्षा बल में महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारतीय पोस्ट की सुरक्षा में तैनात किया गया है और साथ ही सीमा पर पैट्रोलिंग भी कर रही हैं। 

 

 

 

 

 

 

 

 

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