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कैश की कमी को दूर करने के आसान उपाय

ऋचा कुलश्रेष्ठ

8th April 2017

कैश की कमी को दूर करने के आसान उपाय

 

क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, ऐटीएम कार्ड, आईएमपीएस, एनइएफटी, आरटीजीएस, चेक व पेमेंट ऐप्स द्वारा किये जाने वाले सभी ट्रांजेक्शन कैशलेश लेनदेन का हिस्सा हैं। इन सभी माध्यमों के जरिये आप बिना बैंक जाये घर बैठे ही अपने खाते से किसी के भी खाते में पैसे भेज सकते है या किसी से पैसे ले सकते है।

आप चाहें तो रोजमर्रा के जीवन में काम आने वाली चीजों के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। अपने फोन में पेटीएम, मोबीक्विक, फ्रीचार्ज, फोनपे व यूपीआई जैसी एप्लीकेशन डाउनलोड करके आप शॉपिंग, बिजली, पानी, डीटूएच, बीमा किश्त आदि का पेमेंट घर बैठे ही आसानी से कर सकते हैं।

समय के बदलते रूख के मद्देनजर अब शहर के साथ-साथ कस्बों व गावों की अनेक दुकानों पर भी पेटीएम और कार्ड स्वाइप मशीनों द्वारा लेनदेन किया जाने लगा है। इसके लिए अब आपको हर समय जेब में कैश रखकर चलने की जरूरत नहीं है।

भारत के बाहर ऐसे कई देश है जिनकी अर्थव्यवस्था में कैश का इस्तेमाल न के बराबर है और अब भारत भी कैशलेस और डिजिधन योजना अपनाकर इसी पंक्ति में शामिल होना चाहता है। अब नई करेंसी या कैश न होने जैसी दिक्कतों से परेशान होने की जरूरत नहीं है। लेन-देन के लिए कैश के अलावा भी अनेक उपाय मौजूद हैं जो आपकी परेशानी का आसान हल भी हैं। ऐसे ही कुछ तरीके हम आपको यहां बता रहे हैं जिनकी मदद से आप बिना किसी परेशानी के आसानी से शॉपिंग कर सकते हैं। 

प्लास्टिक मनी यानी कार्ड्स रखें अपने पास

प्लास्टिक मनी यानी कार्ड से पैसा खर्च करना। इस मुश्किल समय में प्लास्टिक मनी इस्तेमालकरना एक बेहतर उपाय है। फिलहाल देश में तीन तरह के कार्ड उपलब्ध हैं जिनमें डेबिट-कम एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड और प्री-पेड काड्र्स शामिल हैं। इनकी मदद से आप कई तरह के ट्रांज़ैक्शन कर सकते हैं। इन् काड्र्स को लेना काफी आसान है। आजकल बैंक खातों के साथ ही आपको उस बैंक का एटीएम कार्ड मिल जाता है। इसके अलावा बैंकों और आरबीआई से मान्यता प्राप्त संस्थानों का क्रेडिट कार्ड भी प्राप्त कर सकते हैं।

इंटरनेट बैंकिंग से पैसों का लेन-देन

अगर आपको किसी को पैसा भेजना है तो आप खुद या बैंक के माध्यम से सीधे अपने बैंक एकाउंट से दूसरे व्यक्ति के बैंक एकाउंट को पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के लिए 3 तरीके होते हैं पहला एनईएफटी (NEFT), दूसरा आरटीजीएस (RTGS) और तीसरा आईएमपीएस (IMPS)। इन तीनों सर्विस के इस्तेमाल से आप के खाते से दूसरे खाते में पैसा बहुत जल्दी ट्रांसफर हो जाता है।

ई-वॉलेट्स यानी डिजिटल बटुआ

डीमॉनेटाइजेशन के इस दौर में ई-वॉलेट यानी डिजिटल बटुए का प्रचलन काफी बढ़ गया है। प्राइवेट कंपनियों और बैंकों के ई-वॉलेट्स के अलावा अब तो केंद्र सरकार ने भी अपने ई-वॉलेट्स या डिजिटल ई-वॉलेट्स लॉन्च किए हैं। इन ई-वॉलेट्स में पहले से पैसे लोड करके उसे बाद में अलग-अलग जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। कई ई-वॉलेट्स में समय समय पर कैशबैक जैसे लुभावने ऑफर भी मिलते हैं। देश में आजकल करीब 45 तरह के ई-वॉलेट्स काम कर रहे हैं, जिनमें से कुछ काफी लोकप्रिय हो चुके हैं तो कुछ के बारे में लोगों को जानकारी ही नहीं है। खासी लोकप्रियता के बावजूद ई-वॉलेट्स में कुछ खामियां भी हैं जैसे विश्वसनीयता की गारंटी के बावजूद कई बार लेन-देन या पैसे के हिसाब किताब में गड़बडिय़ां मिलती हैं। इसके अलावा अलग-अलग ई-वॉलेट्स में पैसा खर्च करने या पैसा प्राप्त करने की सीमा है, जिसके पूरे होने पर यह ई-वॉलेट्स काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे में इस सीमा से ज्यादा पैसा भेजने या प्राप्त करने में परेशानी होती है। 

यूएसएसडी (USSD) एप्लिकेशन

यूएसएसडी (अनस्ट्रक्चर्ड सप्लिमेंट्री सर्विस डाटा) यानी असंरचित अनुपूरक डाटा सेवा। यह मोबाइल टेलीफोनी के समान ही पुरानी है जो किसी भी जीएसएम हैंडसेट पर चल सकती है। जैसे पुराना 3115 नोकिया हैंडसेट। आप अक् सर मोबाइल का बेलेंस पता करने के लिये एक छोटा सा यूएसएसडी कोड (USSD) डायल करते हैं, जिससे आपका तुरंत मैसेज के जरिये या सीधे स्क्रीन पर मोबाइल का बेलेंस पता चल जाता है। इसी तरह यूएसएसडी के माध्यम से पैसा भेजने के लिए इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल हैंडसेट में किसी विशेष एप्लीकेशन की जरूरत नहीं पड़ती। एक उपयोगकर्ता हैंडसेट से एक छोटा कोड डायल करके और एक मेनू से विभिन्न विकल्पों को चुनकर यूएसएसडी आधारित एप्लिकेशन के माध्यम से बिना जीपीआरएस कनेक्टिविटी सिस्टम के मोबाइल से भी किसी भी बैंक के ग्राहक को पैसा भेज सकता है। यह सेवा साल के 365 दिन और 24 घंटे उपलब्ध है।

यूपीआई (UPI) एप्लिकेशन

यूपीआई (Uniied Payment Interface) एप्लिकेशन एक भुगतान प्रणाली है जिसके माध्यम से किन्ही दो पार्टियों के बीच पैसे का आदान-प्रदान हो सकता है। यूपीआई एप्लिकेशन ग्राहक को आईएमपीएस भुगतान पटल का प्रयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति को उसके खाता नंबर या आईएफएससी कोड की जानकारी के बिना ही तत्काल निधि अंतरण की अनुमति प्रदान करती है। इसके लिये केवल वर्चुअल पहचान की आवश्यकता होगी। यूपीआई केवल एन्ड्रॉएड डिवाइसों पर ही उपलब्ध है। 

भीम एप्लीकेशन

भीम एप्लीकेशन (BHIM) का पूरा नाम भारत इंटरफेस फॉर मनी है। भीम एप  पर ही काम करती है। यूपीआई एक पेमेंट सिस्टम है जिसके द्वारा आप अपने फोन से दो बैंक अकाउंट के बीच पैसे का आदान-प्रदान आसानी से किया जा सकता है। इस एप के माध्यम से लोग Paytm तथा Freecharge की तरह डिजिटल तरीके से पैसे का आदानप्रदान कर सकते हैं। इस एप की खास बात ये है कि ये बिना इन्टरनेट के भी काम करती है तथा पैसे का आदान प्रदान करने के लिए बार-बार Account Number तथा IFSC कोड जैसे लम्बी डिटेल्स को डालने की जरूरत नहीं होगी। भीम में आपको सिर्फ एक बार अपने बैंक अकाउंट को रजिस्टर करना है और एक क्कढ्ढ कोड जेनरेट करना है और उसके बाद आपका मोबाइल नंबर ही पैसे के आदान प्रदान के लिए काफी होगा। इंटरनेट से कनेक्टेड न रहने की स्थिति में आप इसका ऑफलाइन उपयोग भी कर सकते हैं, जिसके लिए आपको अपने मोबाइल से डायल करना होगा *99#। भीम एप अभी सिर्फ एंड्राइड तथा द्बह्रस् के लिए ही उपलब्ध है जिसे आप Pay Store या ios Store  से सर्च कर के डाउनलोड कर सकते हैं।

आधार आधारित पेमेंट व्यवस्था (AEPS)

सरकार की ओर से आधार पेमेंट एप (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) नाम से एक नया मोबाइल एप बनाया गया है जिसके तहत आप सिर्फ आधार नम्बर की मदद से ही किसी भी दुकान या रेस्टोरेंट पर पेमेंट कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ अपना अंगूठा लगाना होगा। इस नये एप को इस्तेमाल करने के लिए आपको स्मार्टफोन की भी जरूरत नहीं है, बस आपका बैंक एकाउंट आपके आधार नम्बर से जुड़ा होना चाहिए और जिसे राशि प्राप्त करनी है, उसके पास स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक स्कैनर मशीन होनी चाहिए। अगर स्मार्टफोन में फिंगरप्रिंट सेंसर है तो इस मशीन की भी जरूरत नहीं है। इस एप को यूआईडीए आईडीएफसी बैंक और नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ने विकसित किया है। इसके तहत किसी भी तरह के लेनदेन पर कोई सर्विस चार्ज नहीं देना होगा। अगर एक ग्राहक के तौर पर आपके पास मोबाइल फोन भी नहीं है, तब भी आप पेमेंट कर सकते हैं।

 

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