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प्रेग्नेंसी में ट्रेवल करते समय ध्यान रखें इन 10 बातों का

गृहलक्ष्मी टीम

29th June 2017

आप एक अद्भुत सफर पर तो वैसे ही चल रहीं हैं, आपके अंदर एक नन्ही से जान जो पनप रही हैं! आप अपने बच्चे को इस दुनिया में लाने वालीं हैं इसीलिए आपको तन, मन और आत्मा से खुश रहना चाहिए, ताकि आप एक खुश और स्वस्थ बच्चे को इस दुनिया में ला सकें। अगर आपको घूमने-फिरने से, हॉलिडे पे जाने से खुशी मिलती है, और आपका शरीर आपको इसकी अनुमति देता है तो आप ज़रूर छुट्टीयो में कहीं घूमने जाएँ। अगर आप वर्किंग वूमने हैं और आपको बिज़नेस ट्रिप पे जाना है, तो आप कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए, ट्रेवल कर सकती हैं।

प्रेग्नेंसी में ट्रेवल करते समय ध्यान रखें इन 10 बातों का
 
 
गर्भावस्था कोई बीमारी या चिकित्सा-संबंधी परेशनी नहीं है, जिसमे इलाज की, या रिकवरी के लिए आराम की ज़रूरत है। स्वस्थ लोग ही गर्भवती होते हैं, और वह लोग अपनी ज़िंदगी वैसे ही बिता सकते हैं, जैसे पहले बिताते थे।
 
गर्भावस्था के दौरान समस्याएं कोई नई बात नहीं हैं। अगर आपको कोई समस्या है, तो आपको दी जाने वाली सलाह के अनुसार चलना चाहिए। यदि आपकी हालत ऐसी है कि आपको सुरक्षित गर्भावस्था के लिए बेडरेस्ट की सलाह दी गई है तो आपको वही करना भी चाहिए। यदि आपकी हालत ऐसी नहीं है, तो फिर आप आपने खान-पान पे धयान दें, अपने स्वास्थ को लेकर सतर्क रहें।
 
यहाँ कुछ सरलता से करने योग्य चीज़ें और कुछ ध्यान में रखने वाली बातें हैं, जो आपको अपना ट्रेवल प्लान बनाने में मदद करेंगी -
 
1.  गर्भधारण कितने समय का है? 
 
कृपया किसी भी प्लान को बनाते समय आप कितने महीने से गर्भवती हैं इसका पूरा ध्यान रखें। ज़्यादातर उड़ान कंपनियाँ 34 हफ्ते से ज़्यादा गर्भधान होने पर अपने साथ उड़ने कि अनुमति नहीं देती हैं। प्रसव तिथि पास होने पर उड़ना ख़तरनाक हो सकता है। जहाँ तक रेल यात्रा की बात है, इंडियन रेलवे उन बच्चों को आजीवन यात्रा मुफ़्त करने की सुविधा देती है जो यात्रा के दौरान ट्रेन में पैदा होते हैं! हाँ, जब तक आप अपने बच्चे के लिए फ्री टिकेट की योजना ना बना रही हों, तब तक गर्भाधान के आख़िर के दिनों मैं यात्रा कि योजना ना बनाएं। 
 
2. डॉक्टर से परामर्श लीजिए
 
अपना साज़ो सामान बाँधने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से एक बार ज़रूर मिल लें। वो आपके प्रेगनेंसी को मॉनिटर कर रहे है, इसलिए, आपको सही सलाह देंगे और यात्रा के समय जो ज़रूरी सावधानियाँ बर्तनी चाहिए उससे आपको अवगत कराएंगे। आवश्यकता के समय किन दवाओं को लेना है, ये भी आपको आपकी डॉक्टर ही बता सकती है।
 
 
3.  'उड़ान के लिए फिट' का सर्टिफिकेट
 
गर्भावस्था के दौरान प्लेन से यात्रा करने के लिए, आपने डॉक्टर से ‘फिट फॉर फ्लाइट’ सर्टिफिकेट ज़रूर लें। कुछ देसी उड़ाने और सारी विदेशी उड़ाने आपसे इस सर्टिफिकेट की माँग करती हैं। एयरपोर्ट पर अंतिम समय की भाग दौड़ से बचने के लिए अपने साथ इस सर्टिफिकेट को रखिए।
 
4 . उन स्थानों पर जाने का कार्यक्रम ना बनाएँ जहाँ बीमारियाँ फैली हों 
 
कई बीमारियाँ ऐसी होतीं हैं जो किसी खास स्थान पर खास मौसम में ही होतीं हैं। जैसे दिल्ली में चिकन गुनिया और डेंगू मॉनसून के मौसम में ही ज़्यादातर होता है। ऐसे स्थानों का चुनाव अपनी छुट्टियों के लिए ना करें। यदि करते हैं तो सारी सावधानियों के साथ जाएँ। जैसे मसकीटो रेपएलेंट तेल/ लोशन आदि आपने साथ रखना न भूलें। 
 
5.  आवश्यक दवाइयाँ साथ लेकर जाइए
 
हो सकता है कि जो दवाइयाँ आपके डॉक्टर ने आपको खाने की सलाह दी हो वह नये स्थान पर उपलब्ध ना हों। दवाओं के ब्रांड नेम देश से बाहर बदल जाते हैं, अतः गर्भावस्था में खाने योग्य सही दवा तलाशना मुश्किल हो सकता है। इसलिए अपनी आवश्यक दवाओं को साथ ले जाना ही सबसे उत्तम होगा।
 

 

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
6. एरपोर्ट/ ट्रेन स्टेशन पर समय से पहले पहुँचें
 
ज़्यादातर ऐयरकॅरियर्स उड़ान पर चढ़ने से पहले आपसे एक फॉर्म पर साइन करवाते हैं। क्या आप उड़ान के लिए फिट हैं ये जानने के लिए, वह लोग आपको अपने डॉक्टर के पास ले जा सकते हैं। इसलिए एक घंटा अतिरिक्त रखकर, एरपोर्ट पहुंचे। हमारे देश में ज़्यादातर रेलवे स्टेशन गर्भवती महिला फ्रेंडली नहीं हैं, भीड़ में अपने लिए रास्ता तलाशना आपके लिए कठिन होगा, अतः समय से पहले वहाँ पहुँचिए जिससे आप अपने गंतव्य प्लटफार्म पर शांति से बिना किसी तनाव के पहुँच सकें। 
 
7. लंबी यात्रा अवॉयड करें 
 
लंबी यात्रा से आपको परेशानी हो सकती है, क्यूंकि बैठने की एक ही स्थिति से आपकी कमर में दर्द हो सकता है। यदि आप बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहीं हैं तो कोई दिक्कत की बात नहीं है, लेकिन ईकोनोमी क्लास में यात्रा करने वाले यात्रियों को ऐसे गंतव्य का चयन करना चाहिए जिसमे यात्रा छोटी हो। रेल में यात्रा करना कई मायनों में आरमदे है, क्योकि इसमें एक जगह बैठने की पाबन्दी नहीं है, इसमे आप चहलकदमी कर सकती हैं और हाथ पैरों को सीधा कर सकतीं हैं। परंतु, भारत में ट्रेन में सफाई एक समस्या हो सकती है इसलिए यहाँ रेल से यात्रा करने का निर्णय आप सोच समझ कर लें। 
आप चाहें तो आप सड़क से भी यात्रा कर सकती है। आप हरे एक थोड़ी देर में, टहलने के लिए या हाथ पैर सीधे करने के लिये, ब्रेक ले सकतीं हैं। ऊंची-नीची सड़कों के झटके से आपको कष्ट होगा लेकिन आप के गर्भ में आपके बच्चे को इससे तकलीफ नहीं होगी, इस बात का आप विश्वास रखें। 
 
8. भोजन के बारे में सतर्क रहें
 
आपने खाने का विशेष ध्यान रखें। यदि, खाने की वजह से पेट सम्बन्धी तकलीफ हो तो, अवकाश हो या बिज़नेस ट्रिप, दोनों ही बेकार हो जाएंगे। कहीं भी खाने से पहले, वहां की साफ-सफाई की समीक्षा कर के ये सुनिश्चित कर लें की वो जगह, खाना खाने योग्य है या नहीं। उस जगह की बाहरी साज-सज्जा पे न जाये, और वहां खाने का निर्णय, सोच समझ कर लें। स्ट्रीट फूड, अवॉयड करें। 
 
9.  सीलबंद पानी का उपयोग करिए
 
पीने के पानी का खाने से भी ज़्यादा ध्यान रखें। हमेशा सीलबंद पानी पीजिए, पानी के साथ ज़रा भी रिस्क न ले।  
 
10. आपके साथ कोई अपना यात्रा करे तो बहुत अच्छा होगा 
 
काम से संबंधित यात्रा ज़्यादातर कम अवधि की होती हैं जिनमें आप के साथ सहयोगियों का साथ हो सकता है, जो की आपके लिए अच्छा होगा। और अगर आप अपने परिवार के साथ छुट्टी मानाने जा रहीं है, तो फिर तो चिंता की बात ही नहीं। यात्रा में किसी का साथ होना चाहिए, ताकि अगर कोई आपातकालीन स्थिति सामने आये तो कोई आपका ख्याल रखने के लिए आपके साथ हो। 
 
प्रेगनेंसी के दौरान ट्रेवल करने वाली महिलाओं के लिए कुछ सुविधाएं भी हैं, जिनका वो बेनिफिट उठा सकतीं हैं। हवाई जहाज़ में आप बिना लाइन लगाए पहले चढ़ सकतीं हैं, कुछ हवाई कंपनियाँ आपको अपग्रेड भी देतीं हैं। फ्लाइट अटेंडेंट्स आपसे अतिरिक्त मधुर व्यवहार करते हैं और आपको छोटी-छोटी बातों से खुश करने की भी कोशिश करते हैं। 
 
तो अब देर किस बात की हैं? झटपट एक अच्छे से वेकेशन पे जाने की तैयारी कर लीजिए। एक बार जब आपके नन्हे मुन्ने का आगमन हो जाएगा तो कुछ दिनों तक आपका इधर-उधर जाना वैसे ही नहीं हो पाएगा। तो देर न करें, शुभस्य शीघ्रम!

 

(साभार -     ) 

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