GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब

अशोक चक्रधर

24th August 2017

नारी के सवाल अनाड़ी के जवाब
अनाड़ी जी, आज के समय में पति के लिए सबसे सच्चा और अच्छा प्रेम पत्नी-प्रेम है या कुछ और?
 
संजना निगम
ये जो 'कुछ और है,
यही तो काबिल-ए-गौर है।
ये क्या है?
जो भी है
हर किसी के लिए नया है।
किसी के लिए काम
किसी के लिए कामिनी,
किसी के लिए दाम
किसी के लिए दामिनी।
किसी को नवेली प्यारी है
किसी को अपना नाम प्यारा है,
किसी को दिल ने मारा है
किसी को दिमाग ने मारा है।
'कुछ और की महिमा अपरंपार है,
मनुष्य सदा से
इस विभ्रम का शिकार है।
लेकिन, आती नहीं है उसके
जीवन में कोई बाधा,
राधा ही रुक्मिणी हो
और रुक्मिणी हो राधा।
 
लड़का पैदा होने पर रसगुल्ले बांटते हैं पर लड़की पैदा होने पर नहीं, ऐसा क्यों?
चंद्रकांता लखोटिया, कोलकाता
 
समाज की इस विसंगति पर
अनाड़ी की बुद्धि
हमेशा चकराती है,
लेकिन उसे इतना पता है
कि लड़की के जन्म पर
जब नहीं बांटे जाते
तो रसगुल्लों को
अपने ऊपर शर्म आती है।
 
अनाड़ी जी, बीन में ऐसा क्या होता है जो सांप इससे डरता है?
कविता गुप्ता, इलाहाबाद
 
सांप डरता नहीं है
बीन के इशारे पर नाचता है,
फन फैलाकर मनुष्य की
इच्छाएं बांचता है।
लेकिन बीन की तरंगों की उमंगों में
जांच नहीं पाता
कि क्या चाहते हैं सपेरे,
डलिया में वे क्यों लाए हैं
उसके लिए अंधेरे।
 
अनाड़ी जी, आदमी जीवन में सुख या दुख के बिना कैसे रह सकता है, क्या यह आपकी राय में संभव है?
रागिनी देवी निगम
 
सुख और दुख के बिना
इंसान इंसान नहीं है
देवता है,
मानो ब्रह्मा जी का धेवता है।
कुछ मनुष्य
पागल, दीवाने या वीतरागी होते हैं,
जो हंसते हैं न रोते हैं।
उनके ऊपर भी
किसी सुख या दुख की
मार होती है,
जि़ंदगी सांसों की माला में
सुख या दुख
हर हाल में पिरोती है।
 
आज की नारी घर-दफ्तर के बीच पिस रही है। अनाड़ी जी, उसे अपने किस किये की सजा मिल रही है?
दिव्या कौशिक, बीकानेर
 
यह सज़ा नहीं है दिव्या
अगर पुरुष हो सहभागी,
अफसोस कि
भारत के पुरुषों में
अभी यह बुद्धि नहीं जागी।
मानाकि उनमें भरपूर प्यार है,
लेकिन पुरुष होने का अहंकार है।
जैसे-जैसे नारी लिखेगी पढ़ेगी,
समाज में उसकी महत्ता बढ़ेगी।
पुरुष अपना झूठा अहंकार घटाएंगे,
नारी के कामों में हाथ बंटाएंगे।
 
अनाड़ी जी, तीन तलाक के मुद्दे पर आपकी क्या राय है?
सारिका वोहरा, हिमाचल प्रदेश
 
धार्मिक कानून के नाम पर
इस इकतरफा परंपरा को
धिक्कार है,
वैसे बात पूरी तरह बिगड़ जाए
तो तलाक
दोनों के लिए अधिकार है।
अपना-अपना पक्ष रखने के लिए
न्यायालय दोनों को देता है बराबरी,
ऐसे नहीं कि
बस तीन बार कह दिया
और बरी!
 
खान-पान में चीनी व नमक का बहुत महत्व है, लेकिन इंसान आजकल इन दोनों से इतना डरा हुआ रहता है, आप क्या कहेंगे?
अनीता
 
अति की भली न चाशनी, अति का भला न नून,
पतला हो जाता कभी, गाढ़ा होता खून।
होता गाढ़ा खून, डॉक्टरों की पौ-बारा,
जीवन भर चक्कर काटोगे बारम्बारा।
कहे अनाड़ी नहीं जीभ की, मानो मति की,
थोड़ा-थोड़ा चखो, कामना रखो न अति की।
 
नारी- अनाड़ी के बाकी सवाल- जवाब भी पढ़ें-

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription