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दुनिया में अगर अपनी जगह बनानी है तो स्वयं को बनाएं अपनी प्रेरणा

अर्चना चतुर्वेदी

26th July 2017

दुनिया में अगर अपनी जगह बनानी है तो स्वयं को बनाएं अपनी प्रेरणा
 
 
पिछले कई सालों से समाजिक कल्याण में अपना योगदान दे रही नेहा काला दिल्ली की महिला उद्यमियों में से एक चर्चित नाम हैं। उन्होंने 33 साल की उम्र में ही एक स्वयं सेवी संस्था 'वी वेलफेयर सोसाइटी' की स्थापना की। जिसका उद्देश्य महिलाओं,बच्चों व बुजुर्गो का सार्वभौमिक कल्याण करना है। मात्र 14 साल की उम्र में ही उन्हें स्कूल से 'सोशल एक्टिविस्ट' का टाइटल मिल गया था। आज के समय में अब तक उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। आइए जानते हैं नेहा से उनके विचार - 
 
स्वयं से मिली आगे बढ़ने की प्रेरणा
 
मैं जब हाईस्कूल में थी तब से मैंने ठान लिया था कि मैं बिजनेस वुमन बनूंगी। जिसकी योजना मेरे दिलो-दिमाग में बना शुरू हो गई थी। मेरी इसी जिद्द और जूनुन ने मुझे प्रेरणा दी आगे बढ़ने की और अपने सपने सच करने की।
 
महिलाओं के प्रति लोग बदलें अपनी सोच
 
आज भी महिलाओं का घर से बाहर निकलकर काम करना एक चुनौती है। लोगों को बस महिलाओं से घर के कामों से उम्मीद है। भारतीय समाज में आज भी 80 प्रतिशत परिवारों में महिलाओं को खाना बनाने व परोसने का काम प्राकृतिक तौर पर सौंप दिया गया। और वहीं पुरुषों को सारी छूट दी गई है। आज के समय में भी जहां महिलाएं हर स्तर हर मुकाम पर हैं वहां पर भी उनसे यही उम्मीद लगाई जाती है कि वो घर व बाहर दोनों जगह का काम अच्छे करें। मुझे लगता है लोगों को अब अपनी सोच बदल देनी चाहिए।
 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 
मुझे बंधन में रहना पसंद नहीं
 
मैंने अपनी जिदंगी में कोई रूल्स फॉलो नहीं किए है। मुझे आजादी पसंद है। मैं किसी बंधनों को नहीं मानती हूँ, जो मन आता है, जो अच्छा लगता है वो करती हूँ। और मेरा मानना है कि हर किसी को ऐसे ही जीना चाहिए।
 
अपने काम को समझे अपना प्रेमी
 
अपनी सफलता को अपना प्रेमी ही समझना चाहिए और उसकी प्रशंसा भी तहे दिल से करनी चाहिए। अगर आप अपने काम से प्यार करेंगे तो वो भी आपको निराश नहीं होने देगा।
 
मेहनत और लगन से दिया मुश्किलों को जवाब
 
बिजनेस वर्ल्ड में बहुत कम लोग हैं जो महिला उद्यिमयों पर भरोसा करते हैं और कुछ तो उन्हें कमजोर समझ कर फायदा उठाने की भी कोशिश करते हैं। ये सच्चाई है कि एक महिला को हमेशा कमजोर, अबला के रूप में ही देखा जाता है। काम के दौरान मुझे भी ऐसी ही कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी और अपनी मेहनत और पूरी लगन से उनका सामना किया।

 

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