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19 टिप्स अपनाएं, मॉर्निंग सिकनेस को दूर भगाएं

गृहलक्ष्मी टीम

18th August 2017

कारण चाहे कोई भी हो, मॉर्निंग सिकनेस का प्रभाव एक सा ही होता है। हालांकि इसका कोई पक्का इलाज नहीं है पर किसी तरह यह समय बिताने और इसे थोड़ा सहज बनाने के लिए निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं‒

19 टिप्स अपनाएं, मॉर्निंग सिकनेस को दूर भगाएं

पहली गर्भावस्था में प्रायः मॉर्निग सिकनेस का स्तर काफी गंभीर होता है, जिसमें शारीरिक व मानसिक दोनों ही कारण शामिल हो सकते हैं। पहला कारण तो यह है कि शरीर अभी इस तरह के बदलावों के लिए तैयार नहीं होता। भावनात्मक रूप से भी पहली बार गर्भवती होनेवाली महिलाएं काफी उत्तेजित होती हैं जिसकी वजह से उनकी परेशानी बढ़ जाती है। बाद के मामलों में आमतौर पर उनका ध्यान पहले बच्चे की देखरेख में लगा रहता है इसलिए ऐसे लक्षण नहीं उभरते हालांकि इसके कुछ अपवाद भी हैं।

कारण चाहे कोई भी हो, मॉर्निंग सिकनेस का प्रभाव एक सा ही होता है। हालांकि इसका कोई पक्का इलाज नहीं है पर किसी तरह यह समय बिताने और इसे थोड़ा सहज बनाने के लिए निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं‒

  • मॉर्निंग सिकनेस, आपका सोकर उठने तक इंतजार नहीं करेगी। यह खाली पेट ज्यादा तंग करती है, खासतौर पर रात की लंबी नींद के बाद। जब पेट खाली होता है तो पेट के भीतर बनने वाले अम्लों को पचाने के लिए कुछ नहीं मिलता, नतीजतन मिचली बढ़ जाती है। रात को सोने से पहले बिस्तर के पास ही खाने के लिए कुछ रख लें ताकि रात को भूख लगे तो आपको रसोई में न जाना पड़े। रात को शौचालय जाने के लिए भी उठें तो एकाध टुकड़ा मुंह में डाल लें ताकि सुबह आने पर पेट को खालीपन का एहसास न हो।
  • रात को देर से खाएं। रात को सोने से ठीक पहले एक मफिन व दूध का गिलास,स्ट्रिंग चीज़ या सूखी खुबानी खाएं। सुबह सो कर उठेंगी तो पेट भरा-भरा होगा।
  • हल्का खाना खाएं। जरूरत से ज्यादा पेट भरा होने से भी मिचली बढ़ सकती है। भूख लगी हो तो एक साथ सारा खाना खाने की बजाए थोड़े समय के बाद खाएं।
  • बीच-बीच में खाएं। अपने ब्लड शुगर के स्तर को एक सा बनाए रखें ताकि आपका पेट हमेशा भरा-भरा सा रहे। दिन में तीन बार भारी भोजन करने की बजाय कम से कम छह बार हल्का भोजन करें। घर से बाहर जा रही हैं तो हल्के स्नैक्स (सूखे फल-मेवे, ग्रेनोला बार, सूखा सेरेल, क्रैकर्स,सोया चिप्स या प्रेज़ल्स) खाए बिना बाहर न निकलें।
  • अच्छी तरह खाएं। आपकी खुराक प्रोटीन व कांप्लैक्स कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होनी चाहिए। अच्छे पोषण से भी आपको काफी मदद मिल सकती है।
  • जो खा सकती हों, खाएं। अब पेट में कुछ डालना ही आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए यानी आपको कुछ न कुछ तो खाना ही है। गर्भावस्था में बाद में,संतुलित भोजन करने के लिए काफी समय होगा। अब तो जो मन चाहे, खाएं। यदि वह पौष्टिक हो सके तो और भी बेहतर होगा।

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