GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

योगा, मेडिटेशन के लिए ही बनें हैं ये डेस्टिनेशन

अर्चना चतुर्वेदी

28th February 2018

अगर आपके पास घूमने के लिए कोई वजह नहीं है तो योग और ध्यान से जुड़ने के लिए इन जगहों का रूख कर सकते हैं, जहां आपको खुद को तलाशने का मौका मिलेगा और साथ ही जीवनशक्ति को जानने का भी।

योगा, मेडिटेशन के लिए ही बनें हैं ये डेस्टिनेशन
ध्यान या योग आप किसी भी जगह कर सकते हैं लेकिन अगर आपको प्रकृति की गोद में इसे करने का आनंद मिले तो यकीन मानिए आपका ये अनुभव ताउम्र के लिए यादगार बन जाएगा। यहां हम आपको ऐसी ही भारत की प्रमुख जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जो मानो योग करने के लिए ही बनी हुई है। यहां के प्राकृतिक नजारे और वातावरण आपके मन को तन दोनों को तरोताजा कर देगा।  विश्व के कोने-कोने से सैलानी यहां आते हैं और कभी न भुलाया जाने वाला अनुभव अपने साथ लेकर जाते हैं।आइए जानते है इन जगहों के बारे में -
 
 
 
बिहार स्कूल ऑफ़ योग,  मुंगेर 
योग नगरी के नाम से मशहूर बिहार में स्थित मुंगेर पूरे विश्व में योग का केंद्र बन चुका है। बिहार स्कूल ऑफ़ योग की स्थापना स्वामी सत्यानन्द सरस्वती ने सन् 1964 में की थी। यह विश्व का प्रथम योग विश्वविद्यालय है। इसे गंगा दर्शन के नाम से भी जाना जाता है। इस स्कूल में योग तथा व्यक्तित्व को निखारने में योग का उपयोग सिखाया जाता है। यह सुंदर स्कूल गंगा नदी के किनारे स्थित है जहाँ पूरे विश्व से विद्यार्थी आते हैं जहाँ जाति, समुदाय और राष्ट्र के नाम पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता।  
 
कैसे पहुँचे - निकट रेलवे स्टेशन जमालपुर है वहां से ये जगह 8 कि.मी की दूरी पर स्थित है। 
 
 
  
परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश
हिमालय की गोद में गंगा किनारे बना परमार्थ निकेतन, योग और मेडिटेशन के लिए चर्चित जगहों में से एक हैं। यह जगह बेहद ही शांत और साफ-सुथरी है। यहां ज्यादा भीड़ नहीं होती और आपको रुकने के लिए सस्ते कमरे मिल सकते हैं बस आपको इसकी बुकिंग पहले ही करानी होगी। अगर आप यहां गंगा के किनारे पर योगा करना चाहते हैं तो योगा क्लास की भी सुविधा है। हर साल यहां पर अंतरराष्ट्रीय योग सप्ताह आयोजित किया जाता है, जिसमें देश-विदेश से लोग योग के गुर सीखने आते हैं। यहां की गंगा आरती बेहद प्रसिद्ध है। ठंडी बहती हवा के बीच हजारों दीपकों की झिलमिलाती रोशनी को देखना अद्भुत अनुभव है। इस आश्रम एक खासियत ये भी है कि यहां रोगों का प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेदिक उपचार भी किया जाता है। 
 
कैसे पहुँचे - निकट रेलवे स्टेशन ऋशिकेश है वहां से ये आश्रम 14 कि.मी की दूरी पर स्थित है। 
 
 
 
 
ओशो इंटरनेशन मेडिटेशन रिज़ॉर्ट, पुणे
40 एकड़ में फैला ओशो मेडिटेशन रिसोर्ट प्रकृति और इक्कीसवीं सदी का अनूठा मेल है। संगमरमर की पगडंडियों, काली शानदार इमारतों, घनी हरियाली और ओलंपिक साइज़ के स्विमिंग पूल वाला यह एक ऐसा नायाब स्थान है जहाँ आप अपने कुछ समय ज़रूर बिताना चाहेंगे। मेडिटेशन के लिए यह जगह विश्व विख्यात है। यहां आप ओशो ध्यान क्रिया सीखने के साथ-साथ विश्व के हर कोने से आए हर आयु वर्ग के लोगों के साथ मिलने-जुलने का आनंद उठा सकते हैं। रोजमर्रा की तनावभरी जिंदगी से अगर आप कुछ दिनों के लिए ब्रेक लेना चाहते हैं तो आप के लिए यह जगह बेस्ट रहेगी। 
 
कैसे पहुँचे - निकट रेलवे स्टेशन पुणे है वहां से ये रिजॉर्ट 3 कि.मी और मिनट की दूरी पर स्थित है।
 
 
 
पर्पल वैली योग रिजॉट, गोवा 
गोवा अपने मनमोहक समुद्र तटों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। शांत और खुशनुमा वातावरण, चमकती रेत, आसमान छूते नारियल के पेड़, बड़ी-बड़ी समुद्री लहरें इस जगह में चार चांद लगा देती हैं।  वैसे इन सब चीजों के अलावा भी गाेवा में और भी रंग हैं। सोचिए अगर आपको इस जगह योगा करने का मौका मिले तो ये अनुभव किसी जन्नत के अनुभव से कम नहीं होगा। गोवा में बहुत से योग सेंटर्स हैं जहां सभी लेटेस्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं, साथ ही यहां सालाना होने वाली वर्कशॉप, ओरिएंटेशन्स और कार्यक्रमों में शामिल होकर आप खुद को तनावमुक्त कर सकते हैं। आमतौर पर यहां आपको सबसे अधिक सिखाए जाने वाले अष्टांग योग करते हुए कई सैलानी दिख जायेंगे। यदि आप मॉर्डन योगी है और ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां योग के साथ-साथ डिटॉक्स जूस, फास्ट वाई-फाई और अष्टांग योग सिखाने वाले बेस्ट टीचर्स तो गोवा का पर्पल वैली योग रिट्रीट बेस्ट ऑप्शन है।
 
कैसे पहुँचे - गोवा एयरपोर्ट से ये सेंटर 38 कि.मी की दूरी पर स्थित है।  
 
 
 
अरबिंदो आश्रम,  पांडिचेरी 
समुद्र तट के किनारे बसे होने के कारण  पांडिचेरी  अपने आप में एक बहुत खूबसूरत और लोकप्रिय जगहों में से एक है। आप यहां समुद्र किनारे बैठ कर योगा, मेडिटेशन के करने के दौरान अपने जीवन का मतलब तलाश सकते हैं।  श्री अरबिंदो आश्रम, भारत का प्रसिद्ध आश्रम और योग केंद्र है।  श्री अरबिंदो ने 1926 में अरबिंदो आश्रम की स्थापना इस दौड़-भाग की जिंदगी से दूर अध्यात्म शक्ति को बढ़ाने के लिए की थी। अगर आप अध्यात्मिकता के प्रति जागरूक हैं, तो आप यहां आ सकते हैं। योग के प्रति रूचि रखने वाले लोगों के लिए यहां हर साल यहां अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव जो हर वर्ष 1 मार्च से 7 मार्च तक मनाया जाता है। जिसमें योगियों को विभिन्न आसनों के ज़रिए सही तरीके से योग के अभ्यासों, आहार योजना और श्वास और शांति की तकनीकों के गुर सिखाए जाते हैं। यही कारण है कि विश्व भर से लोग यहां अध्यात्म की तलाश में आते हैं। 
 
कैसे पहुँचे - निकट रेलवे स्टेशन विल्लुपुरम है वहां से ये आश्रम 32 कि.मी की दूरी पर स्थित है। 

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription