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प्लास्टिक मनी का इस्तेमाल करते हुए रखें इन 11 बातों का ख्याल

प्रमोद सचान

4th April 2018

नोटबंदी के बाद से सरकार जोरशोर से प्रयास कर रही है कि लोग कैश की बजाय डिजिटल लेनदेन की तरफ बढ़ें। लेकिन डिजिटल लेनदेन के अपने फायदे-नुकसान हैं।

प्लास्टिक मनी का इस्तेमाल करते हुए रखें इन 11 बातों का ख्याल

आपने एक कहावत तो सुनी होगी 'जिसकी जेब नोटों से भरी हो, वही धनी होता है' लेकिन नोटबंदी के बाद आई इस कैशलेसअर्थव्यवस्था ने इस कहावत को गलत साबित कर दिया है। आज आप अपने आसपास देखेंगी तो आप पाएंगी कि आज लोग कैश का कम से कम इस्तेमाल करना चाहते हैं बल्कि इसकी जगह वह स्मार्ट कार्ड, डेबिट कार्ड या फिर पेटीएम का उपयोग बिना डरे करते हैं।

 
टेक्नोलॉजी की सहायता से लेनदेन
'कैशलेस इकॉनमी' इन दिनों खूब सुना जा रहा है, जिसका स्पष्ट शब्दों में मतलब यही है कि टेक्नोलॉजी की सहायता से आप लेनदेन करें। इसमें कैश से कोई संबंध नहीं है। इसमें क्रेडिट/डेबिट कार्ड के साथ-साथ इन्टरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैकिंग, डिजिटल वॉलेट भी शामिल है।
 
क्यों आ रही हैं कैशलेस होने में दिक्कत
हालांकि, तमाम प्रचार के बावजूद देश की आबादी का बड़ा हिस्सा आज भी कैश पर ही निर्भर है। लोगों के पास क्रेडिट/डेबिट कार्ड जरूर हैं, किन्तु उसका प्रयोग लोग एटीएम से पैसा निकालने के लिए ही ज्यादा करते हैं, सीधी खरीददारी के लिए कम! इसके पीछे जो मुख्य कारण हैं, उनमें हर जगह प्लास्टिक मनी लेने की सुविधा नहीं होना और डेबिट/क्रेडिट कार्ड से जुड़ी असुरक्षा की भावना है। यह समस्या महिलाओं के साथ ज्यादा है। कभी-कभी अधूरी जानकारी के कारण डिजिटल वॉलेट यूज़ करने भी दिक्कतें आ जाती हैं।
 
किन बातों का रखें ख्याल
प्लास्टिक मनी का इस्तेमाल अच्छा है, लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय कई तरह की बातों का ध्यान रखना भी जरूरी होता है।
 
1. प्रीमियम कस्टमर बनने से पहले जांच लें कि आपको उसके लिए सालाना या मासिक रूप से कोई राशि तो नहीं अदा करनी।
2. कई बार बैंक कहते हैं, कि आपको कुछ नहीं देना, फिर भी 500 या हजार रुपये बैंक आपके अकाउंट से काट लेते हैं।
3. यदि आपके पास कई कार्ड हैं, तो सभी काड्र्स को एक साथ पर्स में रख कर बाहर न जाएं, सिर्फ वही कार्ड अपने साथ रखें, जिसे आप ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
4. यदि आप मोबाइल बैंकिंग लेते हैं तो आपके अकाउंट से जब भी कोई ट्रांजक्शन होगा, आपके पास मैसेज आएगा।
5. अपने कार्ड का नंबर, पिन नंबर, कस्टमर आईडी नंबर, बैंक का कस्टमर केयर नंबर वगैरह लिखकर अलमारी या
किसी अन्य सुरक्षित जगह पर रखें।
6. कार्ड खोने की स्थिति में सबसे पहले बैंक को फोन करके सूचित करें।
7. अपना कार्ड ब्लॉक करवाएं और पुलिस में एफआईआर जरूर लिखवाएं। अपना पिन नंबर कभी किसी को नहीं बताएं। हर तीन महीने में अपना एटीएम पिन बदलते रहें।
8. यदि एटीएम काम नहीं कर रहा है, तो मदद के लिए किसी अनजान व्यक्ति या सिक्योरिटी गार्ड पर भरोसा न करें।
9. यदि कार्ड एटीएम में फंस गया है, तो तुरंट कस्मर केयर पर कॉल करें या फिर एटीएम बैंक का है, तो बैंक से मदद लें। डेबिट कार्ड से पैसा अदा करने से पहले दुकानदार से यह पूछ लें, कि वह किसी प्रकार का एक्स्ट्रा टैक्स तो नहीं ले रहा है। 
10. अपने पिन नंबर को कभी कागज पर लिखकर पर्स में न रखें और न ही नंबर उल्टा लिखें।
11. अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो सावधानी बरतें क्योंकि क्रेडिट का अर्थ है उधार लिया हुआ पैसा। और यह पैसा आपको एक निश्चित समय के लिए ही दिया जाता है तो क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तभी करें जब बहुत जरूरी हो।  
 
तो अब प्लास्टिक मनी से छोड़ें और इस नई तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ें।

 

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