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रमज़ान में उपवास करते हुए मधुमेह के मरीज़ रखे ऐसे अपना ख्याल

गीता सिंह

21st May 2018

रमज़ान का पाक महीना शुरू हो चुका है और लोग अपने धर्म की मान्यता के अनुसार पूरा महीना रोज़े पर रहेंगे। जो लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं वे तो बिना किसी दिक्कत के पूरा महीना रोजा करके निकाल लेते हैं किंतु जो कुछ खास बीमारियों से ग्रस्त होते हैं उनके लिए पूरा महीना रोजे में रहना थोड़ा मुश्किल होता है क्योंकि उनकी सेहत पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है। खासतौर पर जिन्हें डायबिटीज हैं उनके लिए तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी हो सकती है। क्योंकि रमज़ान के दौरान सुबह से लेकर शाम तक उपवास रखा जाता है और डॉक्टर्स की मानें तो मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति के लिए 12 से 14 घंटों तक भूखा रहना उचित नहीं होता है।

रमज़ान में उपवास करते हुए मधुमेह के मरीज़ रखे ऐसे अपना ख्याल

जाने स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभाव

मधुमेह के मरीज यदि उपवास करते हैं तो इससे उनके शरीर के मेटाबोलिजम में बदलाव आ जाता है। साथ ही मधुमेह के मरीजों में इंसुलिन हार्मोन घट या बढ़ जाता है। उनके खून में शुगर की अधिकता या कमी हो सकती है। यदि ब्लड में शुगर का लेवल कम हो जाता है तो मरीज को हाइपोग्लाइसेमिया हो सकता है, जिससे मरीज को बेहोशी आ सकती है और नजर का धुंधलापन, सिरदर्द, थकान व तेज प्यास लगने जैसी समस्याएं हो सकती है। टाइप 1 मधुमेह से पीड़ित लोग जिन्हें पहले से ही हाइपोग्लाइसेमिया रहा  है, उन्हें खाली पेट रहने से खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा उनमें थ्रोमबोसिस विकसित हो सकता है, जिसके कारण खून जम सकता है। इसलिए यह बेहद जरूरी हो जाता है कि रोज़े के पूरा एक महीना और कुछ दिन बाद तक मधुमेह के मरीज डाॅक्टर के संपर्क में रहें और उनकी सलाह के अनुसार अपना खानपान, इंसुलिन की मात्रा व दवाइयों का प्रयोग करें।

मधुमेह के मरीज रोजो़ में  इस  तरह रखें अपन ख्याल

1. शहरी के दौरान कम मात्रा में खाना खाएं। इस वक्त अधिक प्रोटिन वाली चीजें खाएं जैसे अंडे, दाल व बींस इत्यादि जो एनर्जी को धीरे-धीरे रिलीज करते हैं।

2. कम कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन करें। चावल, मिठाइयां, तले हुए  स्नैक्स, अधिक नमक या अधिक चीनी वाले खाद्य-पदार्थो का सेवन करने से बचें।

3. कुल मिलाकर संतुलित भोजन ग्रहण किया जाए, जिसमें फल, सब्जियां, और सलाद शामिल हों और खाना बेक या ग्रिल करके खाएं तो सेहत के लिए अच्छा रहता है।

4. शर्बत व जूस की बजाए फलों का सेवन करें। दही में चीनीं डालकर ना खाएं।

5. जितनी भूख हो उतना ही खाएं, रोज़ा समझकर ज्यादा खाने का प्रयास ना करें।

6. इस बात का ध्यान रखें की शरीर में पानी की उचित मात्रा बनी रहें।

7. खाने के तुरंत बाद सोने से बचें।

8. अपनी डायबिटीज की जांच लगातार करते रहें यदि शुगर की मात्रा 70 से कम हो जाए या 300 तक पहुंच जाएं तो तुरंत रोज़ा खोल लेना चाहिए और डाॅक्टर के पास जांच के लिए तुरंत जाना चाहिए।

9. रमज़ान में डायबिटीज व अन्य मरीजों को रोज़े में छूट की धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखना चाहिए और डाॅक्टरी परामर्श लेते रहना चाहिए, ताकि सुरक्षित और सेहतमंद रहकर रमज़ान मनाया जा सकें।

 
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