GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

जायके के जरिए महिलाओं के करियर को दे रही हैं पंख

शालू अवस्थी

27th June 2018

जिंदगी की सबसे बड़ी सीख हमें किताबों में नहीं मिलती, वो हमें अनुभवों से ही मिलती है। और ये सीख हमें स्कूल के टीचर्स भी नहीं सिखा सकते।

जायके के जरिए महिलाओं के करियर को दे रही हैं पंख

हमें कुछ सीखें अनुभवों से ही मिलती हैं। ये मानना है उस शख्स का, जिनकी आज हम बात करने वाले हैं। शालिनी लाल लखनऊ का एक जाना माना नाम है, जिन्हें देश के कई बड़े शेफ जानते हैं। दरअसल, उन्होंने लखनऊ में एक नए तरह की मुहीम की शुरुआत की, जिसकी वजह से उनकी चर्चा दूरदराज तक होती है। उन्होंने महिलाओँ को कुकिंग के जरिए सशक्त करने का बीड़ा उठाया है।

शालिनी लाल बताती हैं कि बात उस समय की है, जब मैं 12 साल की थी। उस समय मुझे खाने में लौकी से परहेज था। मेरा और लौकी का छत्तीस का आंकड़ा इतना बड़ा था कि मैं भूखी रह सकती थी लेकिन लौकी नहीं खा सकती थी। तब मेरे पापा ने मुझे लगातार 3 दिनों तक लौकी खिलाई। उनका कहना था कि आज हम संपन्न है, जो तुम चाहो खा सकती हो लेकिन हमेशा स्थिति ऐसी नहीं होती। क्या पता एक वक्त ऐसा आए कि तुम्हारे पास च्वाइस न हो। तब क्या होगा, इसीलिए हमेशा खुद को तैयार रखना चाहिए। उसी दिन मुझे जिंदगी के सारे सबक आ गए और अब मैं अपनी बेटियों को भी यही समझाती हूं।

शालिनी ने महिला सशक्तिकरण के लिए फेसबुक पेज बनाया जिसका नाम है लखनऊ शेफ, आज उस पेज से लाखों followers जुड़े हैं। शालिनी बताती हैं कि इस पेज का मकसद उन महिलाओं के सश्कत करना है जो दिन के 12-14 घंटे काम करती है लेकिन उसके इस काम को कोई नहीं पूछता और न ही इस काम की सराहना होती है। क्योंकि वो हाउसवाइफ होती हैं। शालिनी उन महिलाओं को प्लेटफॉर्म देती हैं, जो खाना बनाने में माहिर होती हैं लेकिन उन्हें कोई गाइड करने वाला नहीं होता।

शालिनी ने पंख फाउंडेशन नाम से एक संस्था की शुरुआत की, जिसका मकसद जायके (कुकिंग) के जरिए महिलाओं को एक पहचान दिलाना है। शालिनी बताती हैं कि इस संस्था का मुख्य मकसद महिलाओं को कुकिंग के फील्ड में आगे बढ़ाना है। दूसरों के लिए मदद करने के साथ साथ शालिनी खुद भी 9-5 की नौकरी करती हैं और उसके बाद गरीब जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाती हैं। शालिनी बताती हैं कि मेरी जिंदगी तब बदल गई जब, मैं शेफ रनबीर बरार से मिली और उन्होंने मुझे महिलाओं के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित किया। शालिनी कहती हैं वे लखनऊ में एक ऐसा रेस्त्रां शुरू करने वाली हैं, जो पूरी तरह महिलाएं ही चलाएंगी। वो कहती हैं वे जल्द ही मोबाइल ट्रक भी शुरू करेंगी, जो ऑफिस तक जाएगी और लोगों को घर का खाना पहुंचाएगी। शालिनी के इस प्रयास के लिए उन्हें कई जगह सम्मानित भी किया गया। शालिनी कई जगह महिलाओँ के लिए कॉन्टेस्ट भी करवाती रहती हैं। उन्हें आस्था और वीरांगना फाउंडेशन की ओर से श्री सम्मान अवॉर्ड मिल चुका है। अगर आप भी कुकिंग में दिलचस्पी रखते हैं तो आप भी इस पेज से जुड़ सकते हैं, जिसमें आपको कुकिंग कॉन्टेस्ट से जुड़ी जानकारी मिलती रहेगी।

 

ओर भी पढें-

वेज स्ट्यू 

अवधी वेजीटेबल बिरयानी एंड बुरानी रायता

5 हैल्दी किचन एप्लाइंसेज

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर  सकती हैं।

 

 

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription