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योग देता है शारीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी   

सुचि बंसल, योगा एक्सपर्ट एवं डाइटीशियन

29th August 2018

योग देता है शारीरिक के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी   

एक मजबूत और लचीला शरीर, सुंदर दमकती त्वचा, शांत और प्रसन्न मन, बेहतर स्वास्थ्य - जो कुछ भी हम चाहते हैं योग हमें वह देता है। योग सिर्फ आसन-प्राणायाम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह बहुत ही व्यापक है। योग स्वस्थ व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य और रोगी को उस बीमारी से छुटकारा दोनों ही दिलाने में मदद करता है। आइये जानते हैं योग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में-

शरीर का लचीलापन बढ़ाता है

रोजाना योग का अभ्यास करने से शरीर की मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं और उनमें फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है। इससे आगे चलकर जोड़ों में दर्द या मसल्स में स्टिफनेस जैसी समस्या नहीं होती और साथ ही जिन लोगों को गठिया या जोड़ों की समस्या है उनको आराम मिलता है। मसल्स में लचीलापन आ जाने से किसी तरह की इंजरी या चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

रोजाना योग का अभ्यास शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। प्राणायाम और ध्यान के अभ्यास से शरीर की इम्यूनिटी डिवैलप होती है जिससे शरीर बाहरी रोगों और बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम होता है। साथ ही कई तरह की एलर्जी और इन्फ़ैकशन से भी बचाव होता है, जिससे दवाइयों से निर्भरता कम होती है।

रक्त संचार को बेहतर बनाता है

शरीर में रक्त संचार सही से हो तो सभी अंगों में ऑक्सीज़न और पोषक तत्व सही से पहुँचते हैं जिसके कारण सभी अंग अच्छे तरीके से अपने कार्य को करते हैं। योगासनों और प्राणायाम के द्वारा शरीर में ब्लड का सरकुलेशन बेहतर तरीके से होता है। प्राणायाम के द्वारा लंबी गहरी श्वास लेने और छोड़ने से लंग्स में उचित मात्रा में ऑक्सीज़न पहुँचती है जो ब्लड को शुद्ध करने का काम करती है।

गर्भावस्था को आसान बनाता है

प्रेग्नेंसी के दौरान आने वाली समस्याओं जैसे- बैकपेन, अनिद्रा, गैस और अपच की समस्या और पैरों में दर्द की समस्या में योग के द्वारा बहुत आराम मिलता है। यह तनाव और थकान को दूर करने में मदद करता है, साथ ही शरीर को रिलेक्स भी करता है। इस दौरान योग का अभ्यास करना सिर्फ होने वाली माँ की सेहत पर ही नहीं, बल्कि होने वाले बच्चे की सेहत पर भी पॉज़िटिव इफैक्ट डालता है। योग में कुछ आसन ऐसे भी होते हैं जो प्रसव के समय होने वाली तकलीफ को कम करते हैं।

बच्चों में एकाग्रता बढ़ाता है

नियमित योग का अभ्यास बच्चों में एकाग्रता को बढ़ाता है। जिससे बच्चे किसी काम को फटाफट और बेहतर तरीके से कर सकते हैं। योगासनों के अभ्यास से उनकी मेमोरी पावर भी बढ़ती है। जिससे पढ़ाई के साथ –साथ और भी कई एक्टिविटीज में उनकी क्षमता बढ़ती है। इससे शरीर में स्टेमिना भी बढ़ता है जिससे बच्चे गेम्स की फील्ड में भी बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।  

तनाव और डिप्रेशन को दूर करता है

दिन भर की भाग- दौड़ और काम का बढ़ता प्रैशर तनाव के स्तर को बढ़ा देता है। आजकल पूरे विश्व में तनाव और डिप्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में दिन भर में कुछ मिनट का योग और ध्यान दिन भर की चिंताओं से मुक्त कर देता है। मेडिटेशन से तनाव दूर होकर मन शांत होता है, एकाग्रता बढ़ती है, नींद अच्छी आती है और किसी कार्य को करने की कैपेसिटी भी बढ़ती है।

शरीर का संतुलन बेहतर करता है

कई बार शरीर के गलत पोश्चर के कारण शरीर बैलेंस नहीं हो पाता है, खासकर वृद्धावस्था में यह समस्या ज्यादा होती है। जिसके कारण अचानक गिर जाना, फ्रेक्चर और रीढ़ की हड्डी से संबन्धित समस्याएँ हो जाती हैं। योग के द्वारा इस खोये हुए संतुलन को वापस लाया जा सकता है।

 

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