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खजुराहो की खूबसूरती देखने लायक

शिखा जैन

3rd July 2019

खजुराहो का प्राचीन नाम खजूरपरु और खजूरवाहिका था कहा जाता है कि इस नगर के द्वार पर खजूर के पेड़ थे इसलिए इस नगर का नाम खजुराहों रखा गया यहां हिंदुओं और जैनों के बहुत से एतिहासिक मंदिर है जिसके लिए यह शहर प्रसिद्ध है यह भारत में विश्व के यूनेस्को धरोहर स्थलों में से एक है मंदिरों की नक्ककाशी मूर्तिकला पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती है यदि आप कला के सच्चे कद्रदान हैं तो आपको एक बार खजुराहों जरूर आना चाहिए मध्य प्रदेश में स्थित खजुराहों में आते ही एक बात आकर्षित करती हें कि यहां का रेलवे स्टेशन भी मंदिर की तरह से डिजाइन किया गया है।

खजुराहो की खूबसूरती देखने लायक

खजुराहो का मंदिर तीन समूहों में वर्गीकृत है: पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी समूह। पश्चिमी समूह का मंदिर पूरी तरह से हिंदूओं का मंदिर है। इस मंदिर में खजुराहो की सबसे बेहतरीन वास्‍तुशिल्‍प को दर्शाया गया है। इस समूह में सबसे बड़ा मंदिर केंद्रीय महादेव मंदिर है जो खजुराहो का सबसे भव्‍य मंदिर है। खजुराहो के पूर्वी समूह में हिंदू और जैन मंदिर स्थित है। यह मंदिर, पश्चिमी मंदिरों की तरह नक्‍काशीदार नहीं है लेकिन इनका वैभव और आकर्षण इसे अलंकृत करता है। पार्श्‍वनाथ मंदिर इस समूह का सबसे बड़ा जैन मंदिर है। पश्चिमी समूह में दो मंदिर स्थित है - धुलादेव मंदिर और चर्तुभुज मंदिर। इन मंदिरों की मूर्तियों में वास्‍तुशिल्‍प के स्‍पर्श की कमी है, ये और भी बेहतरीन बनाई जा सकती थी।

लक्ष्मण मंदिर- इस मंदिर का मुख्य आकर्षण इसका सुसज्जित प्रवेश-द्वार है।द्वार के शीर्ष पर भगवती महालक्ष्मी की प्रतिमा है। उसके बाएँ स्तम्भ पर प्रजापति ब्रह्मा एवं दाहिने पक्ष पर शिव के संहारक स्वरूप की मूर्तियाँ हैं।

चौसठ योगिनी मंदिर- पहली बात तो यह कि इस मंदिर में कोई मंडप या छत नहीं है। संभवत: यह इस कारण है क्योंकि योगनियाँ गगनचारी होती हैं और अपनी इच्छा से कहीं भी उड़कर जा सकती हैं। इसकी दूसरी विशेषता है आम हिन्दू मंदिरों से अलग इसका उत्तरपूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर उन्मुख होना। इसकी तीसरी ख़ास बात यह है कि खजुराहो का यह एकमात्र मंदिर है, जो पूरी तरह अनगढ़ गे्रनाइट पत्थरों का बना है और चौथी विशेषता यह कि अन्य मंदिरों से अलग इस मंदिर-परिसर में कोई भी मिथुन शिल्पाकृति नहीं है।

पार्श्वनाथ मन्दिर- पार्श्वनाथ मंदिर खजुराहो में बने जैन मंदिरों की श्रेणी में सबसे उपर है तथा यहां जितने भी जैन मंदिर बने हैं उन सब से यह सबसे विशाल एवं सुंदर माना जाता है. दिर में प्रवेश करने के लिए सप्तशाखायुक्त द्वार बनाए गए हैं जिन पर महीन कारीगरी की गई है जिसमें पुष्पों के चित्र, व्यालों, मिथुनों, बेलबूटों, गंगा और कूमवाहिनी यमुना की आकृतियाँ बनाई हुईं हैं. मंदिर के अंदर उत्कीर्ण की गई मूर्तियों में विभिन्न मुद्राओं में गंधर्व, यक्ष, मंजिरा, शंख, मृदंग तथा वाद्य बजाते हुए देवियों को देखा जा सकता है. मंदिर में शैव तथा वैष्णव प्रतिमाओं के उत्कृण होने से यह धर्म के प्रति उनके समभाव को दर्शाता है.

पन्ना राष्ट्रीय उद्यान- मंदिरों की सैर के अलावा आप खजुराहो में प्राकृतिक खूबसूरती का भी आनंद ले सकते हैं। यहां स्थित पन्ना राष्ट्रीय उद्यान राज्य के मुख्य पर्यटन गंतव्यों में गिना जाता है। विभिन्न वन्यजीव प्रजातियां के साथ यह एक नेशनल पार्क है जिसे भारत के प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में का भी दर्जा प्राप्त है। यहां बाघों की अधिकता है। टाइगर के अलावा आप यहां तेंदुआ, लकड़बग्गा, भेड़िया और कई अन्य जंगली जानवरों को देख सकते हैं। आप यहां किराए पर लेकर जीप सफारी का रोमांचक आनंद ले सकते हैं। आप यहां हाथी सफारी और नौकायन का आनंद भी उठा सकते हैं। नदी के माध्यम से जंगल का भ्रमण सैलानियों को काफी हद तक रोमांचित करता है।

रानह फॉल्स- खजुराहों से 20 किमी की दूरी पर स्थित राज्य के सबसे अद्भुत रनेह जलप्रपात की सैर कर सकते हैं। खूबसूरत जंगलों से घिरा यह जलप्रपात कुदरत के अद्बभत दृश्यों को पेश करता है। बारिश के मौसम यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है। इस दौरान आप यहां की यात्रा कर सकते हैं। यहां के सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य काफी रमणीय होते हैं।

अजिगढ़ किला- मंदिरों और राष्ट्रीय उद्यानों के अलावा आप यहां प्राचीन किलों किलों की सैर का भी आनंद ले सकते हैं।यहां का अजिगढ़ किला राज्य के मुख्य पर्यटन गंतव्यों में गिना जाता है, जो विंध्य पर्वत श्रृंखला पर 206 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह किला पहाड़ी के समतल बिंदू पर बनाया गया है जहां से आप केन नदी के लुभावने दृश्यों को आसानी से देख सकते हैं।

कैसेट गाइड- यहां की एक और मजेदार व्यवस्था कैसेट गाइड हैं। इसे आप बाकी भारत में शायद ही कहीं और पाएं। मुझे तो यह कहीं देखने को नहीं मिला। इसमें आपको मामूली जमानत राशि लेकर एक वाकमैन व हेडफोन दे दिया जाता है। वाकमैन में एक कैसेट लगी होती है जो मंदिर घूमने के निर्देश देती रहती है और जरूरी जानकारी भी बताती है। कैसेट से घूमने वालों की मदद के लिए समूचे मंदिर परिसर में संकेत चिह्न लगे हैं। कैसेट सुनते रहें, संकेत देखते रहें और आपको मंदिर के बारे में हर जानकारी मिल जाएगी। कैसेट हिंदी व अंग्रेजी, दोनों में उपलब्ध रहती है। इसमें  कोई तथ्य बार-बार सुनने-समझने का भी मौका रहता है।

यहां साइकिल पर करें सैर- यहां घूमने के लिए साइकिल किराये पर मिल जाती हैं, जोकि रिक्शा या ओटो की तुलना में काफी अच्छी थी. इस तह साइकिल पर घूमने से वहां के स्थानीय जीवन को भी काफी करीब से महसूस किया जा सकता है और आनंद भी ज्यादा आता है.

भोजन में है बहुत कुछ- यहां शाकाहारी और मारवाड़ी रेस्टोरेंट की भरमार है. इसके अलावा यहां चाइनिज, जापानी, कोरियन, इटेलियन फूड की भी भरमार थी. वह शायद इसलिए क्योंकि यहां विदेशी पर्यटक बहुत ज्यादा आते हैं. शापिंग के लिए- यहां ज्यादातर दुकानें हस्तशिल्प, एंटीक वस्तुएं, पारंपरिक परिधान, पिक्टोरियल्स बुक्स तथा पिक्चर पोस्टकार्ड आदि की है. यही सब चीजें यहां से खरीदी जा सकती हैं वैसे यहां पर छोटे छोटे मंदिर भी बने हुए बिकते हैं जिसे काफी पसंद किया जाता है.

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