GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

संतान की ईच्छा है तो करें कामदा एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त 

शिखा पटेल

29th March 2019

चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहते हैं। कामदा एकादशी को फलदा एकादशी भी कहा जाता है।

संतान की ईच्छा है तो करें कामदा एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त 
 
चैत्र मास (अप्रैल) के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी कहते हैं। इसे फलदा एकादशी भी कहा जाता है। हिन्दू धर्म में एकादशी का व्रत महत्वपूर्ण माना जाता है। फलदा एकादशी को श्री विष्णु का उत्तम व्रत कहा गया है। इस व्रत को करने से इंसान को पापों से मुक्ति मिलती है। हर साल 24 एकादशी होती है, अधिकमास या मलमास के आने पर इनकी संख्या 26 हो जाती है। 
 
शुभ मुहूर्त 
 
एकादशी तिथि प्रारंभ- सुबह 07:08, 15 अप्रैल 2019
पारणा मुहूर्त- दोपहर 01:38:31 से 4:12:54,16 अप्रैल 2019 
 
कामदा एकादशी व्रत विधि 
 
  • एकादशी के अगले दिन यानि द्वादशी को व्रत का पारण करना चाहिए।
  • इस दिन प्रात:काल स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें और भगवान की पूजा-अर्चना करें।
  • पूरे दिन समय-समय पर भगवान विष्णु का स्मरण करें और रात्रि में पूजा स्थल के समीप जागरण करना चाहिए।
  • एकादशी व्रत में ब्राह्मण भोजन और दक्षिणा का महत्व है इसलिए पारण के दिन ब्राह्मण को भोजन कराएं व दक्षिणा देकर विदा करें। इसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।
 
व्रत का महत्व 
 
एकादशी व्रत में ब्राह्मण भोजन और दक्षिणा का बड़ा ही महत्व है इसलिए द्वादशी के दिन ब्राह्मण को भोजन करवाकर दक्षिणा सहित विदा करने के बाद ही भोजन ही ग्रहण करें। इस प्रकार जो चैत्र शुक्ल पक्ष में कामदा एकादशी का व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है।
 
ध्यान रखें 
 
एकादशी के व्रत को समाप्त करने को पारण कहते हैं। एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना बेहद जरूरी है। अगर द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो गयी हो तो एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही होता है। द्वादशी तिथि के भीतर पारण न करना पाप करने के समान होता है।
 
संतान की कामना 
 
1. संतान की प्राप्ति करने वालों के लिए कामदा एकादशी बेहद लाभकारी है।
2. पति-पत्नी संयुक्त रूप से भगवान कृष्ण को पीला फल और पीले फूल अर्पित करें।
3. संतान गोपाल मंत्र का कम से कम 11 बार माला का जाप करें।
4. माला जपने के बाद संतान प्राप्ति की कामना करें।
5. फल को पति-पत्नी प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
 
क्या न करें?
 
  • यदि आप किसी कारण व्रत नहीं कर पा रही हैं, तो आप तिथि पर भगवान विष्णु की माता लक्ष्मी के साथ पूर्ण विधि-विधान से पूजा करें। 
  • एकादशी के दिन चावल न खाएं। साथ ही लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा जैसी तामसिक चीजों का सेवन न करें। पूरे दिन शांत मन से कार्य करें। 
  • चुगली या बुराई जैसी बातों से दूर रहें। 
  • शाम के समय घर में देसी घी का दीया जलाकर पूजा-कीर्तन करें और परिवार में सभी को प्रसाद खिलाएं।

ये भी पढ़ें - 

सुनकर हैरान रह जाएंगे चरण स्पर्श करने के इन फायदों से

जानिए क्या है तुलसी विवाह का महत्व और पूजन विधि

आज है योगिनी एकादशी, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त और पारण पारण मुहूर्त...

सिर्फ अशुभ ही नहीं फलदाई भी होती है शनि की दशा

आप हमें फेसबुक , ट्विटर और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription