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आप भी तो नहीं करते हैं पूजा के दौरान ये गलतियां, जाने पूजा-पाठ के आसान 15 नियम

शिखा पटेल

30th March 2019

रोजाना पूजा करने के बाद भी अगर आपका मन अशांत रहता है तो इसका मतलब है कि आप कि पूजा-पाठ में कहीं कुछ गड़बड़ी है। मन की शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए पूजा के नियम भी जानने जरूरी हैं।

आप भी तो नहीं करते हैं पूजा के दौरान ये गलतियां, जाने पूजा-पाठ के आसान 15 नियम
भगवान की कृपा हम पर बनी रहे और सोच में सकारात्मकता आए। इसके लिए लोग डेली पूजा-अर्चना करते हैं। पूजा करने के भी कुछ नियम-कायदे होते हैं जिनका अगर पालन किया जाए, तो भगवान को खुश करना आसान हो जाता है। किस भगवान की पूजा में कौन-सा फूल चढ़ाना चाहिए या फिर दीपक को किस दिशा में जलाना शुभ होता है? इन सब बातों की जानकारी ही पूजा काे सफल बनाती है।
 
पूजा के 15 जरूरी नियम
 
1. शिवजी, गणेशजी और भैरवजी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए।
 
2. तुलसी का पत्ता बिना नहाए नहीं तोड़ना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना नहाए तुलसी के पत्तों को तोड़ता है तो पूजन में ऐसे पत्ते भगवान द्वारा स्वीकार नहीं किए जाते हैं।
 
3. तुलसी के पत्तों को 11 दिनों तक बासी नहीं माना जाता है। इसकी पत्तियों पर हर रोज जल छिड़कर पुन: भगवान को अर्पित किया जा सकता है।
 
4. रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रान्ति और शाम के समय तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए।
 
5. सूर्य देव को शंख के जल से अर्घ्य नहीं देना चाहिए।
 
6. सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु, ये पंचदेव कहलाते हैं। इनकी पूजा सभी कार्यों में अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। प्रतिदिन पूजन करते समय इन पंचदेव का ध्यान करना चाहिए। पूजा तभी सफल होती है।
 
7. मां दुर्गा को दूर्वा (एक प्रकार की घास) नहीं चढ़ानी चाहिए। यह गणेशजी को विशेष रूप से अर्पित की जाती है।
 
8. दूर्वा (एक प्रकार की घास) रविवार को नहीं तोडऩी चाहिए।
 
9. बुधवार और रविवार को पीपल के वृक्ष में जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
 
10. प्लास्टिक की बोतल में या किसी अपवित्र धातु (एल्युमिनियम और लोहे) के बर्तन में गंगाजल नहीं रखना चाहिए। गंगाजल तांबे के बर्तन में रखना शुभ रहता है।
 
11. केतकी का फूल शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए।
 
12. किसी भी पूजा में मनोकामना की सफलता के लिए दक्षिणा अवश्य चढ़ानी चाहिए।
 
13. मूर्ति स्नान में मूर्ति को अंगूठे से न रगड़ें।
 
14. हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी दीपक से दीपक नहीं जलाना चाहिए। दक्षिणाभिमुख दीपक को न रखें। देवी के बाएं और दाहिने दीपक रखें। दीपक से अगरबत्ती जलाना भी दरिद्रता का कारक होता है।
 
15. घर के मंदिर में सुबह एवं शाम को दीपक अवश्य जलाएं. एक दीपक घी का और एक दीपक तेल का जलाना चाहिए।
 

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