GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

जानें, महिलाओं में होने वाली मुख्य 5 स्वास्थ्य समस्याएं

गीता सिंह

8th April 2019

महिलाएं अपनी सेहत की परवाह किए बिना दिनभर घर व बाहर के कामों में जुटी रहती हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपसे जुड़ी सभी महिलाओं को स्वास्थ्य सदा बेहतर बना रहे तो इसके लिए आपको महिलाओं को होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी होना आवश्यक है।

जानें, महिलाओं में होने वाली मुख्य 5 स्वास्थ्य समस्याएं

महिलाएं एक साथ बहुत सी जिम्मेदारियों को निर्वाहन करती हैं,वो भी बिना कोई शिकायत किए हुए। घर के किसी भी सदस्य के बीमार पड़ जाने पर वो उनकी सेवा में जुटी रहती हैं, पूरे घर-परिवार का इतना ध्यान रखने वाली महिलाओं के बारे में शायद ही किसी को इस बात का खयाल आता होगा कि इंसान होने के नाते उन्हें भी बहुत सी स्वास्थ्य  समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एक महिला की शरीरिक बनावट इस तरह की होती है कि उन्हें पुरूषों के मुकाबले स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अधिक सामना करना पड़ता हैं, वो भी ऐसी समस्याओं का, जो बाहरी तौर पर किसी की दिखाई भी नहीं देती हैं।


पीएमएस :- यह महिलाओं को पीरियड से पहले होने वाला समय होता है,  जब महिला के पेट में दर्द, सूजन और ऐंठन जैसी दिक्कते होती हैं। इसके अलावा पीएमएस के दौरान उनकी ब्रेस्ट में पेन, जोड़ो में दर्द और मांसपेशियों में दर्द भी होता है। पीएमएस की परेशानी अधिकतर सभी महिलाओं को अपने जीवन में झेलनी पड़ती है वो भी हर महीने।


पेल्विक इंफलेमेट्री डिसीज पीआईडी :- यह एक तरह का संक्रमण होता है जोकि महिलाओं के एक से ज्यादा अंगों में होता है जैसे-फेलोपिय टयूब्स, बच्चेदानी में व सेरविक्स में। पीआई समान्यतः सेक्स सम्बंधित संक्रमण के कारण होता है और इसका इलाज एंटीबाॅयोटिक के जरीये किया जाता है।


इंडोमेट्रिओसिस :- जब-जब हर महिने महिलाओं को पीरियड्स आते हैं उसी दौरान उनकी इंडोमेट्रियम की कोशिकाओं में सूजन आ जाती है जिससे ,कोशिकाएं सख्त व मोटी हो जाती हैं। अर्थात इंडोमेट्रिओसिस वो अवस्था होती हे जब इंडोमेट्रियल सेल बढ़कर शरीर के अन्य हिस्सों में पहुँच जाती हैं खासतौर पर पेट की सतह पर। इसकी वजह से पीरियड्स के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग और पेट दर्द जैसी समस्याएं होने लगती  हैं।


सरवाइकल पाॅलीप्स :- सरवाइकल पाॅलीप्स, एंडोसेरविकल केनोल और गर्भाश्य के मुंह पर हो जाते है, ये देखने में काफी छोटे होंते हैं किन्तु इनके बनने के कारण महिलाओं को पीरियड्स के दौरान ब्लीडिंग ज्यादा होती है और दर्द भी अधिक होता है। इस परेशानी का कारण यौन अंगो में संक्रमण को माना जाता है।


वजाइनल इंफेक्शन होना :-  इस समस्यां से महिलाएं सबसे ज्यादा त्रस्त रहती हैं, इसके चलते गुप्तांग में खुजली, जलन,अनियमित योनि स्त्राव, बदबू आना, टाॅयलेट करते वक्त जलन व दर्द होने जैसी परेशानियां होती हैं। ये समस्याएं अधिकतर महिलाओं की  शारीरिक बनावट के चलते अधिक होती है।  क्योंकि शारीरिक बनावट के चलते उन्हें यौन-संक्रमण बहुत जल्दी अपनी चपेट में ले लेता है।

ऐसी बहुत सी परेशानियों को महिलाएं अनदेखा करते हुए घर के सभी कामों को अंजाम देती रहती हैं। किंतु बहुत बार ऐसा होता है कि उनकी यह अनदेखी किसी बड़ी बीमारी का कारण बन जाती है। आपके घर की महिलाओं के साथ ऐसा ना हो इसके लिए आवश्यक है कि आप उनकी परेशानियों को समझें । साथ ही अपने घर की महिला सदस्यों की समय-समय पर डाॅक्टरी जांच अवश्य करवाते रहें।

ये भी पढ़े-

खतरे की घंटी है, प्रेगनेंसी के समय बढ़ा वजन

वर्किंग वुमन को क्यों डर लगता है मां बनने से

मोटापे की वजह से भी सी‒सैक्शन करना पड़ता है

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं





 

 

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription