GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

जानिए कब खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, कैसे पहुचें यहां 

शिखा पटेल

25th April 2019

बद्रीनाथ हिन्दुओं के चार धाम में से एक है।

जानिए कब खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, कैसे पहुचें यहां 
भगवान विष्णु को समर्पित बद्रीनाथ मंदिर उत्तराखंड में चमोली जिले में स्थित है। हिन्दू धर्म में चार धाम यात्रा को बहुत महत्व दिया गया है। कहते हैं कि इंसान जब इस लोक पर अपने सारे कर्तव्यों से मुक्त हो जाता है, तो निकल पड़ता है वह चार धाम की यात्रा पर। मान्‍यता है कि केदारनाथ धाम, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा के बाद अगर आपने बद्रीनाथ धाम की यात्रा नहीं की तो आपकी चारधाम यात्रा अधूरी मानी जाती है। सर्दियों में इस मंदिर के कपाट बंद हो जाने के बाद दोबारा अप्रैल-मई में श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाते हैं। तो इस बार कब से खुल रहे हैं बद्रीनाथ के कपाट आइए जानते हैं-
 
इस दिन खुल रहे हैं कपाट 
 
विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट इस साल 10 मई 2019 को सुबह सवा चार बजे खोल दिए जाएंगे। भक्त 10 मई 2019 से भगवान बदरीनाथ के दर्शन कर पाएंगे। चारों धाम (बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम) हिमालय पर ऊंचाई में स्थित होने के कारण सर्दियों में भारी बर्फवारी की चपेट में रहते हैं और इसलिए उन्हें श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए बंद कर दिया जाता है।
 
बद्रीनाथ मंदिर की स्थापना
 
पौराणिक कथा के अनुसार यह जगह भगवान शिव भूमि के रूप में व्यवस्थित था। भगवान विष्णु अपने ध्यानयोग के लिए एक स्थान ढूंढ रहे थे और उन्हें अलकनंदा के पास शिवभूमि का स्थान बहुत भा गया। उन्होंने वर्तमान चरणपादुका स्थल पर (नीलकंठ पर्वत के पास) ऋषि गंगा और अलकनंदा नदी के संगम के पास बालक रूप धारण किया और रोने लगे। उनके रोने की आवाज़ सुनकर माता पार्वती और शिवजी उस बालक के पास आए और उस बालक से पूछा कि बेटा तुम्हे क्या चाहिए तो बालक ने ध्यान करने के लिए शिवभूमि (केदार भूमि) मांग ली। इस तरह से रूप बदलकर भगवान विष्णु ने शिव पार्वती से केदार भूमि को अपने ध्यान करने के लिए प्राप्त कर लिया। यही पवित्र स्थान बाद में बद्रीविशाल के नाम से भी जाना जाने लगा।
 
 
कैसे जाएं बद्रीनाथ धाम
 
बद्रीनाथ जाने के लिए रानीखेत से, कोटद्वार होकर पौड़ी (गढ़वाल) से ओर हरिद्वार होकर देवप्रयाग से तीन ओर से रास्ता है। ये तीनों रास्ते कर्णप्रयाग में मिल जाते है। राष्ट्रीय NH7 बद्रीनाथ से होकर गुजरता है। यह राजमार्ग पंजाब के फाजिल्का नगर से शुरू होकर भटिण्डा और पटियाला से होता हुआ हरियाणा के पंचकुला, हिमाचल प्रदेश के पाओंटा साहिब और उत्तराखण्ड के देहरादून, ऋषिकेश, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, चमोली और जोशीमठ इत्यादि नगरों से होते हुए बद्रीनाथ पहुंचता है और यहां से आगे बढ़ते हुए भारत-चीन सीमा पर स्थित ग्राम माणा में पहुंचकर समाप्त हो जाता है। केदारनाथ की ओर से भी गौरीकुंड से गुप्तकाशी, चोक्ता (चोटवा), गोपेश्वर और जोशीमठ होते हुए सड़क मार्ग को लगभग 221 किमी की दूरी तय कर बद्रीनाथ मन्दिर तक पहुंचा जा सकता है। हवाई यात्रा के लिए सबसे नजदीक जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है, जिसकी दूरी बद्रीनाथ से लगभग 311 किमी है। 
 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription