GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

आपके हक की हिफाज़त है आरटीआई कानून

अनुजा कपूर, कानून विशेषज्ञ

15th May 2019

सूचना का अधिकार कानून एक ऐसा रास्ता है, जो सरकार और व्यवस्था को जवाबदेह और पारदर्शी बनाता है, जिससे एक भ्रष्टाचार मुक्त समाज बन सकता है। जानिए इसी कानून के बारे में-

आपके हक की हिफाज़त है आरटीआई कानून
इस देश का प्रत्येक नागरिक जब एक छोटी सी छोटी सुई खरीदने से लेकर हवाई यात्रा तक करता है तो वह किसी न किसी रूप में टैक्स अदा करता है। यहां तक कि अगर कोई भीख मांगने वाला व्यक्ति भी बाज़ार से कोई चीज़ खरीदता है तो अप्रत्यक्ष रूप से टैक्स का भुगतान करता ही है। इसी टैक्स के आधार पर सरकार अपने नागरिकों के लिए सभी सुविधाएं और सुरक्षा मुहैया कराती हैं। यहां पर समस्या तब आती है, जब किसी भी प्रकार की जवाबदेही के चलते सरकारें और
व्यवस्था अपने काम में ईमानदारी बरतना बंद कर देती हैं और जन्म लेता है, एक भ्रष्टाचारयुक्त समाज। ऐसे समय में सूचना के अधिकार, यानी राइट टू इंफॉर्मेशन (आरटीआई) कानून का महत्त्व बहुत ही ज़्यादा बढ़ जाता है।
 
सूचना का अधिकार कानून इस देश के हर नागरिक को यह हक देता है कि वह अपनी सरकार और व्यवस्था से अपने द्वारा दिए जाने वाले टैक्स के बदले मिलने वाली सुविधाओं और अधिकारों पर सवाल उठा सके। अपने अधिकार में की जा रही कटौती या गड़बड़ी के बारे में जान सके। इससे व्यवस्था में कुछ अपवादों को छोड़कर अधिकांश कार्यों के प्रति जवाबदेही का माहौल बनता है। जब कोई इस सच को समझ लेता है कि किसी जि़म्मेदार पद पर बैठकर वह कुछ भी मनमाना करके यूं ही बचकर नहीं निकल सकता तो पारदर्शिता भी बढ़ती है और भ्रष्टाचार भी कम होता है।
 
यह भी सच्चाई है कि भ्रष्टाचार एक ऐसा अपराध है, जो प्रशासन और सरकार के गुप्त संरक्षण में तेज़ी से फल-फूल रहा है, लेकिन सूचना का अधिकार कानून इस भ्रष्ट व्यवस्था की राह का बाधक बन गया है।
 
आरटीआई एक ऐसा कानून है, जिसे मुख्य रूप से भ्रष्टाचार दूर करने के लिए 12 अक्टूबर, 2005 को लागू किया गया था। इस कानून में न सिर्फ केंद्र सरकार के सरकारी प्राधिकरणों को शामिल किया गया है, बल्कि इसमें राज्य और स्थानीय स्तर के सार्वजनिक प्रधिकरणों (जम्मू-कश्मीर को छोड़कर, जिसे इसके विशेष राज्य के दर्जे की वजह से केंद्रीय कानून में शामिल नहीं किया गया है।) को भी समेखित किया गया है। यह उस बुराई के उन्मूलन के लिए सामूहिक तौर पर दो महत्त्वपूर्ण माध्यमों 'स्पष्टता और जि़म्मेदारी' पर ज़ोर देता है, जो एक अच्छे प्रशासन की राह में रोड़ा बनी हुई है।
 
आरटीआई कानून सूचना के अधिकार के साथ सार्वजनिक हितों को सौहार्दपूर्ण बनाने में मदद करता है। हालांकि कुछ ऐसे विभाग भी हैं, जहां सुनिश्चित किया गया है कि शासन के कुछ खास दायरों को इस एक्ट के नियम से अलग रखा जाना है।
आवेदन करने के लिए दिशा-निर्देश
 
1. जैसाकि इस कानून में कहा गया है, किसी तरह की जानकारी चाहने वाला व्यक्ति हिंदी, अंग्रेज़ी या क्षेत्र की आधिकारिक भाषा में लिखित या इलेक्ट्रॉनिक मोड के ज़रिये अपील करने का हकदार है। आवेदकों को ज़रूरी सहायता मुहैया कराना पब्लिक इंफॉर्मेशन ऑफिसर की जि़म्मेदारी है।
 
2. आरटीआई एक्ट की धारा 4 के अनुसार, नागरिक के तौर पर हमें अग्रिम तौर पर अपॉइंटमेंट के ज़रिये संबंधित कार्यालय का दौरा करने, फाइलों और आधिकारिक records को जानने और आगामी संदर्भ के लिए फोटोकॉपी लेने की अनुमति हासिल है।
 
3. आरटीआई आवेदन करने के लिए सामान्य तौर पर 10 रुपये का मामूली आवेदन शुल्क लगता है, जो काउंटर पर नकदी के तौर पर चुकाया जा सकता है। आवेदन शुल्क का प्रमाण आवेदन के साथ दिया जाना चाहिए।
 
4. जानकारी मांगने वाले व्यक्ति को उससे संबंधित ज़रूरी जानकारी के अलावा दूसरी जानकारियां या अतिरिक्त जानकारी के लिए बाध्य नही किया जा सकता।
 
5. पब्लिक इंफॉर्मेशन ऑफिसर द्वारा आवेदन प्राप्त होने के 30 दिन के अंदर मांगी गई ज़रूरी जानकारी मुहैया कराई जानी चाहिए। यदि ज़रूरी जानकारी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित है तो यह आवेदने करने के 48 घंटे के अंदर उपलब्ध करा दी जानी चाहिए।
 
6. यदि पब्लिक इंफॉर्मेशन ऑफिसर निर्धारित अनुरोध के संबंध में तय समय-सीमा के अंदर ज़रूरी जानकारी मुहैया कराने में विफल रहता है तो आवेदक से संबंधित जानकारी मुफ्त में दी जाएगी।
 
आरटीआई एक्ट के संबंध में कुछ शंकाएं हैं कि यह लोगों को सूचना तक पहुंचने के
उनके अधिकार को केवल कागज़ों तक ही सीमित रखता है तो यह सही नहीं है। 
 
 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription