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कम हो गया है अब प्रसव के दौरान एपिसिओटॉमी, फोरसैप के इस्तेमाल का चलन

गृहलक्ष्मी टीम

17th May 2019

कम हो गया है अब प्रसव के दौरान एपिसिओटॉमी, फोरसैप के इस्तेमाल का चलन

‘‘मैंने सुना है कि आजकल एपिसिओटॉमी का चलन नहीं रहा (क्या यह सच है)’’

आपने सही सुना है। आजकल योनि व गुदा मार्ग के बीच के हिस्से को फैलाने के लिए चीरा नहीं दिया जाता । आजकल बिना वजह चीरा लगाने से बचा जाता है।

हमेशा से ऐसा नहीं था। चीरा लगाने के बाद ही शिशु बाहर आते थे लेकिन अध्ययनों से पता चला कि औसतन प्रसवों में इसके बिना भी काम चल जाता है। माँ रक्तस्राव व संक्रमण के डर से बच जाती हैं।

कई बार यह चीरे इतने बड़े हो जाते थे कि इनसे खतरा पैदा हो जाता था। हालांकि अब भी अगर शिशु बड़ा हो, फोरसैप या वैक्यूम डिलीवरी करनी हो या फिर आपातकाल हो, तो चीरा लगाना पड़ सकता है।

चीरे से पहले आपको लोकल दर्द निवारक इंजेक्शन दिया जाएगा। नीचे का हिस्सा सुन्न होने की वजह से आपको कोई दर्द महसूस नहीं होगा। शिशु व प्लेसेंटा की डिलीवरी के बाद डॉक्टर इस चीरे पर टाँका लगा देंगे।

कई दाइयाँ इससे बचाव के लिए पैरीनियम मालिश की सलाह देती हैं। उनका मानना है कि पहली बार माँ बनने वाली महिलाओं को प्रसव से कुछ सप्ताह पहले से इस हिस्से की मालिश करनी चाहिए।

वैसे डिलीवरी के दौरान डॉक्टर आपके पैरीनियम पर हल्का दबाव देकर सहारा देते हैं ताकि शिशु का सिर अचानक बाहर आने से अनावश्यक चीरा न पड़ जाए।

आप डॉक्टर से इस बारे में राय ले सकती हैं याद रखें कि पहले से सब तय नहीं होता। कई फैसले डिलीवरी रूम में जाने के बाद ही लिए जाते हैं।

फोरसैप 

क्या मुझे डिलीवरी के दौरान फोरसैप की जरूरत पड़ेगी?’’

वैसे आजकल फोरसैप की मदद से शिशु को निकालने की बजाय वैक्यूम की मदद ली जाती है। आप निश्चिंत रहें कि फोरसैप भी वैक्यूम या ऑप्रेशन की तरह सुरक्षित होता है।

जब माँ जोर लगाकर इतनी थक जाए कि शिशु बाहर न आ रहा हो तो शिशु को परेशानी से बचाने के लिए फोरसैप की मदद ली जा सकती है। आपके गर्भाशय का मुँह पूरी तरह खुला होना चाहिए। मूत्राशय खाली हो और पानी की थैली फटी हो। फिर आपको लोकल एनस्थीसिया से सुन्न किया जाएगा। हो सकता है कि योनि मार्ग में चीरा भी देना पड़े। कई बार इसी वजह से शिशु के सिर पर खरोंच या सूजन आ जाती है, जो कुछ दिन में ठीक हो जाती है। अगर फोरसैप का प्रयास भी असफल रहता है तो ऑपरेशन करना पड़ सकता है।

वैक्यूम का दबाव

मेरी सहेली को शिशु की डिलीवरी के लिए वैक्यूम एक्सट्रेक्टर की मदद लेनी पड़ी। क्या यह भी फोरसैप की तरह होता है?’’

इसमें शिशु के सिर पर प्लास्टिक की एक कैप लगाते हैं व धीरे से उसे बाहर की ओर खींचा जाता है। इस खिचाव से शिशु को बाहर आने में मदद मिलती है। कई बार तो यह फोरसैप और ऑप्रेशन से भी बचा लेता है। खिचाव के दौरान योनि मार्ग पर चीरा नहीं लगाना पड़ता। ऐसे जन्म लेने वाले कुछ शिशुओं के सिर पर हल्की सूजन आ जाती है जो कुछ दिन के इलाज से ठीक हो जाती है।

वैक्यूम एक्सट्रेक्टर

यदि वैक्यूम से भी बात न बने तो डिलीवरी के लिए आप्रेशन की मदद लेनी पड़ सकती है। कई बार डॉक्टर दर्द के दौरान आराम की सलाह भी देते हैं ताकि आप पूरी ताकत व ऊर्जा बटोरकर फिर से जोर लगा सकें। आप अपनी पोजीशन बदल कर भी कोशिश कर सकती हैं। कई बार गुरुत्वाकर्षण की मदद से भी बात बन जाती है। प्रसव-पीड़ा आरंभ होने से पहले डॉक्टर से पता कर लें कि कैसी स्थिति में कैसा फैसला लेना पड़ सकता है।

 

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