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11 मुखी हनुमान के दर्शन से मिलते हैं कई लाभ, जानें किस मूर्ति की पूजा से कौन सी पूरी होती है मनोकामना 

शिखा पटेल

28th May 2019

11 मुखी हनुमान जी की मूर्ति में सारी शक्तियां निहित हैं। ऐसे में 11 मुखी बजरंगबली की पूजा कई मायनों में बहुत फलदायक है।

11 मुखी हनुमान के दर्शन से मिलते हैं कई लाभ, जानें किस मूर्ति की पूजा से कौन सी पूरी होती है मनोकामना 
हनुमान जी कि शक्तियां जब 11 मुखी हनुमान जी के साथ जुड़ती हैं तो ये और बढ़ भी जाती हैं। भक्त हनुमान जी से एक साथ कई आर्शीवाद पाने की चाह में 11 मुखी हनुमान जी की आराधाना करते हैं। क्योंकि बजरंगबली का हर एक मुख अपनी अलग शक्तियों के लिए जाना जाता है, इसलिए भगवान हनुमान की पूजा से अलग-अलग फल की प्राप्ति होती है। हालांकि 11 मुखी हनुमान जी की मूर्ति या मंदिर हर जगह आसानी से नहीं मिलती जबकि एक मुखी हनुमान जी हर जगह मौजूद हैं। आइए, आज भगवान के इन मुखों से उनकी शक्ति और व्यक्तित्व के बारे में जानें।
 
 फायदे 
 
1. पूर्वमुखी हुनमान जी- पूर्व की तरफ मुख वाले बजरंबली को वानर रूप में पूजा जाता है। इस रूप में भगवान को बेहद शक्तिशाली और करोड़ों सूर्य के तेज के समान बताया गया है। शत्रु से अगर आप पर हावी हो रहे तो पूर्वमूखी हनुमान की पूजा शुरू कर दें। हनुमान जी के दुर्लभ रुपों का दर्शन कराती हैं ये मूर्तियां 
 
2. पश्चिममुखी हनुमान जी- पश्चिम की तरफ मुख किए हनुमानजी की मूर्ती को गरूड़ का रूप माना जाता है। इस रूप को ही संकटमोचन का स्वरूप माना गया है। मान्यता है कि भगवान विष्णु का वाहन गरुड़ अमर है उसी के समान बजरंगबली भी अमर हैं। यही कारण है कि कलयुग के जाग्रत देवताओं में बजरंगबली को सर्वोपरि माना जाता है।
 
3. उत्तरामुखी हनुमान जी- उत्तर दिशा की तरफ मुख वाले हनुमान जी की पूजा शूकर के रूप में होती है। वैसे भी उत्तर दिशा यानी ईशान कोण देवताओं की दिशा मानी गई है, जो कि शुभ और मंगलकारी होती है। इस दिशा में स्थापित बजरंगबली की पूजा से इंसान की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। इस ओर मुख किए भगवान की पूजा लंबी आयु के साथ ही आपको रोग मुक्त बनाती है।
 
4. दक्षिणामुखी हनुमान जी- दक्षिण मुखी हनुमान जी को भगवान नरसिंह का रूप माना जाता है। इस दिशा में हनुमान जी की पूजा से डर, चिंता और दिक्कतों से मुक्ति मिलती है। 
 
5. ऊर्ध्वमुख- इस ओर मुख किए हनुमान जी को ऊर्ध्वमुख रूप यानी घोड़े का रूप माना गया है। इस स्वरूप की पूजा करने वालों को दुश्मनों और संकटों से मुक्ति मिलती है। इस स्वरूप को भगवान ने ब्रह्माजी के कहने पर धारण किया था।
 
6. पंचमुखी हनुमान- पंचमुखी हनुमान के पांच रूपों की पूजा की जाती है। इसमें हर मुख अलग-अलग शक्तियों का परिचायक है। रावण ने जब छल से राम लक्ष्मण बंधक बना लिया था तो हनुमान जी ने पंचमुखी हनुमान का रूप धारण कर अहिरावण से उन्हें मुक्त कराया था। पांच दीये एक साथ बुझाने पर ही श्रीराम-लक्षमण मुक्त हो सकते थे इसलिए भगवान ने पंचमुखी रूप धारण किया था। उत्तर दिशा में वराह मुख, दक्षिण दिशा में नरसिंह मुख, पश्चिम में गरुड़ मुख, आकाश की तरफ हयग्रीव मुख एवं पूर्व दिशा में हनुमान मुख में वे विराजे हैं।
 
7. एकादशी हनुमान- ये रूप भगवान शिव का स्वरूप माना जाता है। एकादशी रूप रुद्र यानी शिव का 11वां अवतार है। ग्यारह मुख वाले कालकारमुख के राक्षस का वध करने के लिए भगवान ने एकादश मुख का रुप धारण किया था। चैत्र पूर्णिमा यानी हनुमान जयंती के दिन उस राक्षस का वध किया था। यही कारण है कि भक्तों को एकादशी और पंचमुखी हनुमान जी की पूजा से सारे ही भगवानों की उपासना सामान माना जाता है।
 
8. वीर हनुमान- हनुमान जी के इस स्वरूप की पूजा भक्त साहस और आत्मविश्वास पाने के लिए करते हें। इस रूप के जरिये भगवान के बल, साहस को जाना जाता है। भगवान श्रीराम के काज को सवारने वाले भगवान हनुमान जी अपने भक्तों के काज और कष्ट को भी दूर कर देते हैं।
 
9. भक्त हनुमान- भगवान का यह स्वरूप में श्रीरामभक्त का है। इनकी पूजा करने से आपको भगवान श्रीराम का भी आर्शीवद मिलता है। बजरंगबली की पूजा अड़चनों को दूर करने वाली होती है। इस पूजा से भक्तों में एकाग्रता और भक्ति की भावना जागृत होती है।
 
10. दास हनुमान- बजरंबली का यह स्वरूप श्रीराम के प्रति उनकी अनन्य भक्ति को दिखाता है। इस स्वरूप की पूजा करने वाले भक्तों को धर्म कार्य और रिश्ते-नाते निभाने में निपुणता हासिल होती है। सेवा और समर्णण का भाव भक्त इस स्वरूप के जरिए ही पाते हैं।
 
11. सूर्यमुखी हनुमान- यह स्वरूप भगवान सूर्य का माना गया है। सूर्य देव बजरंगबली के गुरु माने गए हैं। इस स्वरूप की पूजा से ज्ञान, प्रतिष्ठा, प्रसिद्धि और उन्नति का रास्ता खुलता है क्योंकि श्रीहनुमान के गुरु सूर्य देव अपनी इन्हीं शक्तियों के लिए जाने जाते हैं।
 
अगर आपकी बहुत सी मनोकामनाएं हैं जिन्हें आप एक साथ भगवान हनुमान से पूरी कराने की चाह रखते हैं तो 11 मुखी हनुमान जी की पूजा करना आपके लिए फलदायी होगा। यह पूजा हमेशा मंदिर में ही करनी चाहिए।
 

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