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डॉक्टर, इंजीनियर से आगे जहान और भी हैं..

महिमा निगम

25th June 2019

आज अगर हम टीनएजर्स के करियर की बात करें तो उनका शौक भी एक मज़बूत करियर विकल्प बन सकता है। जानिए कैसे--

डॉक्टर, इंजीनियर से आगे जहान और भी हैं..

 

 

अब 'पढ़ोगे-लिखोगे बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे होगे खऱाब। पुराने समय की ये कहावत आज के माहौल में सही नहीं रह गई। अब पढऩे.लिखने के साथ-साथ खेल कूदकर भी बच्चे अच्छा करियर बना रहे हैं।

समय वैसा नहीं रहा, जब पेरेंट्स अपने बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर ही बनाना चाहते थे, अब कोई अपनी बेटी को माधुरी दीक्षित जैसा डांसर बनाना चाहता है तो कोई सचिन जैसा मास्टर ब्लास्टर। आज हम आपको कुछ ऐसे ही करियर के बारे में बता रहे हैं, जिसकी डिमांड बढ़ी है और जिसमें बच्चों पर मानसिक दबाव भी कम रहता है।

 

डासिंग

बच्चे अब न सिर्फ पढ़ाई तक सीमित हैं, बल्कि डांस में भी रुचि दिखा रहे हैं। जहां पहले सिर्फ क्लासिकल की डिमांड थी, वहीं अब बच्चे और पेरेंट्स बॉलीवुड, कंटेम्पररी, हिप हॉप, फ्रीस्टाइल जैसे डांस फॉम्र्स भी सीखने में रुचि दिखा रहे हैं। डांस कोरियोग्राफर बताते हैं कि अब पेरेंट्स बच्चों को एक या दो फॉम्र्स तक ही नहीं सीमित रखना चाहते, बल्कि उन्हें हर तरह के डांस फॉम्र्स सिखवाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से छोटे शहर का टैलेंट भी रिएलिटी शोज तक पहुंच रहा है।

एक्टिंग 

अब जहां कई बच्चे थोड़े बड़े हुए नहीं, उनमें एक्टिंग के गुर आ जाते हैं। टीवी और फिल्मों में देख कर वे एक्टर्स की नकल उतारने लगते हैं। ये कहना है लखनऊ के थिएटर आर्टिस्ट प्रवीण चंद्रा का, जो पिछले दस साल से लखनऊ में अभिनय की क्लास देते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पेरेंट्स अपने बच्चों को एक्टिंग सिखाने में बहुत रुचि लेते हैं। ज्यादातर समर वैकेशन्स में पेरेंट्स अपने बच्चों को एक्टिंग स्कूल भेजते हैं।