GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

पत्नी की डिलीवरी के बाद पुरुष के सामने होते हैं ये इमोशनल मुद्दे

गृहलक्ष्मी टीम

10th July 2019

पत्नी की डिलीवरी के बाद पुरुष के सामने होते हैं ये इमोशनल मुद्दे

माना कि जीवन में काफी बड़ा बदलाव आया है। एक नन्हे से शिशु ने आप दो लोगों के जीवन का पूरा रुटीन बदल दिया है और भावनात्मक रूप से काफी कमजोर महसूस कर रहे हैं। इस समय हिम्मत हारने से काम नहीं चलेगा। यह बदलाव तो एक न एक दिन आना ही था। अवसाद से ऊपर उठें। शिशु के साथ समय बिताएँ, हंसें,गुनगुनाएँ। हर कठिन दौर की तरह यह वक्त भी निकल जाएगा और आप हर हाल में समझौता करना सीख जाएँगे।

आप लोगों का रिश्ता उतना ही गहरा और मजबूत होता जाएगा। अध्ययनों से पता चला है कि पिता का बेटी पर वैसे भी ज्यादा स्नेह होता है। पिताजी मातृत्व भाव रखते हैं। इस रिश्ते को पोसने के साथ-साथ अपनी पत्नी पर ध्यान देना न भूलें। उसे भी समय-समय पर एहसास दिलाएँ कि आप उसे कितना चाहते हैं। उस पर भी पूरा ध्यान दें।

‘‘शिशु जन्म के चार दिन बाद मुझे उससे हल्का-सा प्यार महसूस हुआ लेकिन अब तक सच्चा लगाव नहीं बन पाया।’’

हालांकि पहले आलिंगन से ही आप दोनों का रिश्ता बन गया था। यह एक शुरूआत थी।जैसे-जैसे समय बीतेगा आपके प्यार का नाता और भी गहराएगा और आप लोगों का संबंध मजबूत होता जाएगा। जब भी आप उसे गोद में लेंगे, डायपर बदलेंगे, नहलाएँगे, हाथों में लेकर सुलाएँगे या अपने हाथों से कुछ खिलाएंगे।यह संबंध व अपनापन बढ़ता ही जाएगा। उसे गोद में झुलाते समय अपनी त्वचा का संपर्क होने दें। हालांकि यह संपर्क शुरूआत में एकतरफा होगा। केवल आप ही बातें करेंगे व मुस्कुराएँगे लेकिन धीरे-धीरे वह भी आपको प्रतिक्रिया देगा।

  जब आपकी पत्नी उसके सारे काम कर रही हो तो आप स्वयं काम का हिस्सा बनने के लिए आगे आएँ। पत्नी को घर से बाहर जाना हो तो आप शिशु के साथ समय बिताएँ। यदि आप बाहर जा रहे हैं तो उसे बड़े मजे सेस्ट्रॉलर या कार सीट में बिठाएँ। डायपर बैग बनाएँ व साथ ले जाएँ।

 डिलीवरी के बाद

‘‘मेरे शिशु की डिलीवरी काफी तकलीफ देह रही। लगता है कि इसी वजह से मेरी सेक्स में रुचि नहीं रही।’’

इंसान की सेक्स में रुचि एक नाजुक मसला है।

प्रसव के बाद सेक्स

माना आपकी पत्नी को सेक्स के लिए डॉक्टर ने इजाजत दे दी है लेकिन अब भी उसका शरीर पूरी तरह नहीं संभला। जब तक वह न चाहे आप उसे मजबूर न करें।उसके हामी भरने के बाद भी सब कुछ काफी संभाल कर करना होगा। उसकी भावनाओं को जानना होगा। नौ महीने के दौरान उसके शरीर में काफी बदलाव आए हैं इसलिए यहाँ उसे थोड़ी परेशानी हो सकती है। यदि आप उसकी परेशानी समझ कर कदम आगे बढ़ाएँगे तो यह एक सराहनीय कदम होगा।

हो सकता है कि उस समय शिशु की डिलीवरी देखने के बाद आपका मन सेक्स से विमुख हो गया हो। आपको थकान हो गई हो, शिशु की नींद टूटने का डर हो, अपनी पत्नी के शरीर को चोट पहुँचाने का डर हो, या फिर अपनी जिंदगी के इस बदलते दौर में, ऊर्जा को शिशु से जुड़े कामों पर ही केंद्रित करना चाहते हों।कुदरतन आपके मन में सेक्स की इच्छा घटी हुई है ताकि आप अपनी प्राथमिकता पर ध्यान दे सकें।

दूसरे शब्दों में, आपकी इच्छा इसलिए भी मर गई है क्योंकि आपकी पत्नी भी मानसिक व शारीरिक रूप से ऐसा नहीं चाहतीं। आप दोनों इसके लिए कब तक राजी होंगे, इस बारे में कोई भी अंदाजा लगाना मुश्किल है। हालात पर काफी हद तक निर्भर करता है। कुछ सप्ताह में धीरे-धीरे सब सामान्य होने लगता है। योनि को सेेक्स के अलावा दूसरा खास काम भी निपटाना है और अपने उस काम के बाद उसे सेक्स के लिए तैयार होने में थोड़ा समय लगता है।

इस दौरान आप अपनी पत्नी से भावनात्मक निकटता बनाए रखने की पूरी कोशिश करें।यदि वह सेक्स में रुचि नहीं ले रही, तो भी आप उसे इतना तो जता ही सकते हैं कि वह कितनी सुंदर और सेक्सी दिखती है। शिशु सो जाए तो कुछ सुगंधित मोमबत्तियाँ जलाएँ ताकि डायपर की गंदी बदबू हट जाए।

हल्का संगीत चलाएँ। एक दूसरे के साथ थोड़ा रूमानी होने में कोई हर्ज नहीं हैं।

‘‘मेरी पत्नी इन दिनों स्तनपान करा रही है और अब मुझे उसका वक्षस्थल इतना सेक्सी नहीं लगता।’’

इन दिनों वक्षस्थल अपने व्यावहारिक रूप में है। स्तन शिशु को दूध पिलाने का काम कर रहे हैं। कई दंपत्तियों को ऐसे स्तनों को सेक्सी मानने में परेशानी होती है। उन्हें लगता है कि वे अपने आनंद के लिए शिशु के भोजन के स्रोत के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।

हालांकि यह सारी सोच सामान्य है। यदि आपको वह हिस्सा कामुक नहीं लग रहा तो इस बारे में अपनी पत्नी से साफ शब्दों में बात करें। तब तक शरीर के दूसरे अंगों पर ध्यान दें। इसी वजह से शिशु पर अपना गुस्सा न उतारें। आपको कुछ समय इंतजार करना होगा लेकिन गोल मटोल शिशु भी तो आपका ही कहलाएगा।

मूड पर रखें नजर

यदि नई माँ शिशु के काम के बोझ से इतना दब जाए कि उसे अपने खाने-पीने या सोने का होश न रहे तो उसकी मदद करें। उसके मूड को बिगड़ने न दें। यदि वह डिप्रेशन में है तो उसका ध्यान रखें।उसके न कहने के बावजूद उसे डॉक्टर के पास ले जाएँ। हो सकता है कि इलाज से उसे आराम मिले। तब वह मन ही मन आपका आभार मानेगी।

नानी-नानी का मुद्दा

‘‘मैं और मेरी पत्नी इस बारे में बहस करते रहते हैं कि हमें अपने शिशु के जन्म के बाद उसके माता-पिता को देखभाल के लिए बुलाना चाहिए या नहीं!’’

उन दिनों में अगर आपको किसी अनुभवी वृद्ध या वृद्धा का सहारा मिल जाएगा तो बहुत बेहतर होगा। आप कई तरह की परेशानियों से बच जाएँगे। वे लोग घर के कामकाज में भी मदद करेंगे और बहुत सी ऐसी बातें भी बताएँगे जिनके बारे में आप अब तक नहीं जानते थे। हालांकि इस तरह थोड़ा नुकसान भी होगा। आप अपने तरीके से शिशु का पालन नहीं कर सकते। आपको उनके कहे अनुसार ही चलना होगा। आपको न तो गलतियाँ करने का मौका मिलेगा और न ही उनसे उबरने का! घर में ज्यादा लोगों का काम होने से थकान बढ़ेगी, आपकी गोपनीयता घटेगी और नए शिशु की माँ पर काम का अतिरिक्त बोझ आ जाएगा। अगर वे दूर रहते हैं तो उन्हें शिशु जन्म के कुछ समय बाद बुलाएँ ताकि शिशु और माँ दोनों थोड़ा संभल जाएँ इस तरह आप उन्हें अपना समय भी दे पाएँगे।

यदि वे स्थानीय हैं तो उनसे कहें कि वे दिन में कुछ घंटों के लिए आया करें। इस दौरान वे शिशु को संभाल लेंगे और आप एक साथ कुछ समय बिता पाएँगे, कोई मूवी देखने भी जा सकते हैं।

वैसे दादा-दादी, नाना-नानी को साथ रखने या न रखने का फैसला आप दोनों ही कर सकते हैं क्योंकि यह काफी हद तक आपके परिवार की जरूरतों, प्राथमिकताओं व हालात पर भी निर्भर करता है। आपकी अपने माता-पिता के साथ मधुर संबंधों की पहल काफी मायने रखती है।

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription