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जानिए क्या हैं ऑटिज्म के लक्षण ....कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं है इसका शिकार ?

संविदा मिश्रा

17th July 2019

ऑटिज्म जन्म से लेकर तीन वर्ष की आयु तक विकसित होने वाला रोग है जो सामान्य रूप से बच्चे के मानसिक विकास को रोक देता है। ऐसे बच्चे समाज में घुलने-मिलने में हिचकते हैं, वे प्रतिक्रिया देने में काफी समय लेते हैं और कुछ में ये बीमारी डर के रूप में भी दिखाई देती है।

जानिए क्या हैं ऑटिज्म के लक्षण ....कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं है इसका शिकार ?
 
खेलना-कूदना, शरारतें करना, ज्यादा प्रश्न पूछना और जल्दी किसी बात से संतुष्ट न होना आदि आम  बच्चों की फितरत में शुमार होता है। लेकिन कुछ ऐसे भी बच्चे होते हैं जो  इससे हटके  अपनी गुमसुम दुनिया में व्यस्त रहना ज्यादा पसंद करते हैं। वो आपके चेहरे के हावभाव को देखकर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हैं। आवाज सुनते हैं लेकिन  न तो खुश होते हैं और न ही कोई  जवाब देते हैं।  अगर आपके बच्चे में भी ये लक्षण हैं तो हो सकता है कि वह ऑटिज्म से पीड़ित हो।

 

ऐसे कुछ बच्चे बहुत इंटेलिजेंट  होते हैं या उनका आईक्यू सामान्य बच्चों की तरह ही होता है, पर उन्हें बोलने और सामाजिक व्यवहार में परेशानी होती है। कुछ ऐसे भी होते हैं, जिन्हें सीखने-समझने में परेशानी होती है और वे एक ही तरह का व्यवहार बार-बार करते हैं। जैसे एक ही बात या किसी शब्द को बार-बार दोहराना और दूसरों की बातों को नज़रअंदाज़ कर देना। ऑटिस्टिक बच्चे  दूसरों तक अपनी भावनाएं नहीं पहुंचा पाते या उनके हाव-भाव व संकेतों को समझ नहीं पाते । कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं जो थोड़े से बदलाव से ही हाइपर हो जाते हैं । ऐसे बच्चों की परवरिश में बहुत धैर्य रखने की ज़रुरत है। 
जानिए क्या है ऑटिज्म ?
ऑटिज्म एक मानसिक बीमारी है जिसके लक्षण बच्चे में बचपन से ही नजर आने लगते हैं।  इस रोग से पीड़ित बच्चों का विकास तुलनात्मक रूप से धीरे होता है। ऑटिज्म जन्म से लेकर तीन वर्ष की आयु तक विकसित होने वाला रोग है जो सामान्य रूप से बच्चे के मानसिक विकास को रोक देता है।  ऐसे बच्चे समाज में घुलने-मिलने में हिचकते हैं, वे प्रतिक्रिया देने में काफी समय लेते हैं और कुछ में ये बीमारी डर के रूप में भी दिखाई देती है।
जानिए क्या हैं लक्षण?
  • अगर आपका बच्चा नौ महीने का होने के बावजूद न तो मुस्कुराता है और न ही कोई प्रतिक्रिया देता है तो वह ऑटिस्टिक हो सकता है।
  • ऑटिज्म पीड़ित बच्चे अपने आप में ही खोए रहते हैं वे किसी एक ही चीज में केंद्रित रहते हैं ।
  • सामान्य तौर पर देखा गया है कि बच्चे अपने आस-पास मौजूद लोगों का चेहरा देखकर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं पर ऑटिज्म पीड़ित बच्चे किसी से भी जल्दी नजरें नहीं मिलाते हैं ।
  • तेज़ आवाज सुनने के बाद भी ऑटिज्म से पीड़ित बच्चे  कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हैं।
  • उनकी सोच बहुत विकसित नहीं होती है. इसलिए वे रचनात्मकता से दूर ही नजर आते हैं।
  • अगर बच्चा बोलने के बजाय अजीब-अजीब सी आवाजें निकाले तो यह ऑटिज्म का संकेत हो सकता है।   

 

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