GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

सावन शिवरात्रि पर महिलाएं इस पूजन विधि द्वारा भगवान शिव को करें प्रसन्न 

पूनम रावत

29th July 2019

सावन शिवरात्रि का अपना महत्‍व होता है। इस दिन शिवभक्‍त पूरे साल सावन शिवरात्रि की प्रतीक्षा करते हैं। सावन का महीना आते ही बोल बम के नारे लगाते हुए हरिद्वार और गौमुख की ओर निकल पड़ते हैं। भोले बाबा तो केवल जलाभिषेक से ही खुश हो जाते हैं। सावन शिवरात्रि की बात की जाए तो उस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करना बेहद शुभ माना जाता है।

सावन शिवरात्रि पर महिलाएं इस पूजन विधि द्वारा भगवान शिव को करें प्रसन्न 

माना जाता है कि इस दिन शिवभक्‍त सच्‍चे मन से शिव की पूजा करते हैं उनके सारे दुख दूर और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि सावन शिवरात्रि के कैसे पूजा कर भगवान शिव को प्रसन्न किया जाए:

पूजन विधि:

  • दुख दूर करने के लिए शिवलिंग पर भांग चढ़ाएं।
  • मनचाहा वर पाने के लिए चने की दाल का भोग लगाएं। 
  • पंचामृत, शिवलिंग पर बेल पत्र, फल और फूल चढ़ाते वक्त ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।
  • इस दिन सुबह जल्‍दी उठकर स्‍नान कर के, साफ- सुथरे वस्त्र पहने। 
  • घर के मंदिर या मंदिर जाकर भगवान शिव पर पंचामृत यानी दूध, शहद, दही, घी और मिश्री चढ़ाएं।
  • पापों का नाश करने के लिए सावन शिवरात्रि पर भोलेनाथ को तिल चढ़ाएं।
  • घर में सुख-शांति लाने के लिए धतूरे के फूल चढ़ाएं। 

ये भी पढ़ें -

भगवान शिव के श्रृंगार के पीछे छिपे हैं ये रहस्य, आप अवश्य ही जानना चाहेंगे

जानिए गंगा की कहानी तस्वीरों की जुबानी

जानिए शिव के 18 रूप और नामों की कहानी

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription