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क्या आप जानते हैं एक रंग दूर कर सकता है आपके घर के बिगड़े वास्तु दोषों को, जानिए कौन है सा है वो रंग?

प्रीती कुशवाहा

5th August 2019

घर छोटा हो या बड़ा हर किसी के लिए उसका घर सपनों का महल होता है। वहीं ऐसे में अगर आपके घर में वास्तु दोष हो तो आपको अच्छा नहीं लगेगा। घर का हर कोना हमारे लिए बेहद खास होता है। फिर चाहे वो बेडरूम हो या फिर बाथरूम। हर जगह का वास्तु सही होना बहद जरूरी है।

क्या आप जानते हैं एक रंग दूर कर सकता है आपके घर के बिगड़े वास्तु दोषों को, जानिए कौन है सा है वो रंग?
लेकिन क्या आप जानते हैं कि महज एक रंग आपके किचन, बाथरूम के वास्तु दोषों को दूर कर सकता है। इसमें सबसे ज्यादा असर दिखाता है आपके बाथरूम का बिगड़ा हुआ वास्तु। जो चलिए जानते हैं इस विषय के बारे में विस्तार से...

बाल्टी और मग का रंग ये होना चाहिए

वास्तुशास्त्र के अनुसार, बाथरूम में अगर हम नीले रंग का सामान है नीली बाल्टी, मग और बैठने वाला पाटा रखें तो वह हमारे घर के वास्तु को सही करने का काम करता है। वहीं ये हमारे घर में सुख-शांति और समृद्धि भी बढ़ाता है। लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कभी बाल्टी खाली नहीं छूटनी चाहिए, उसमें चाहे एक मग पानी हमेशा भरा रहना चाहिए। ऐसा करने से घर में धन की कभी कमी नहीं होती। 
 
न करें पानी को बर्बाद
पानी हमारे लिए बेहद अमूल्य है। इसे बर्बाद कभी नहीं करना चाहिए। वहीं वास्तु के अनुसार भी पानी को बर्बाद करना बहुत बुरा माना जाता है। स्नानघर या शौचालय में यदि पानी की बर्बादी होती है तो इससे धन-संपत्ति की हानि होती है। जो लोग जरुरत से ज्यादा पानी का इस्तेमाल करते हैं उन्हें किसी न किसी शारीरिक बीमारी के चलते अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं।  

सही होनी चाहिए शौचालय की दिशा

शौचालय में बैठने की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि शौच करते वक्त आपका मुख दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर हो। इससे भी कई तरह की शारीरिक कष्ट खत्म होते हैं।
 
बाथरुम के सामने शीशा है खराब
स्नानघर के दरवाजे के ठीक सामने लगा शीशा घर और आपकी सेहत के लिए अशुभ माना जाता है। यदि आप स्नान के तुरंत बाद शीशे को देखते हैं तो इसका नेगेटिव असर आपकी सेहत पर पड़ता है। बाथरुम का खुला दरवाजा बाहरी नकारात्मक ऊर्जा को खींचने का काम करता है इसलिए कुछ देर स्नानघर को हवा लगने के बाद दरवाजा बंद करना मत भूलें।

एक साथ नहीं होना चाहिए स्नानघर-टॉयलेट 

आधुनिक यानि मार्डन जीवनशैली के चलते आजकल स्नानघर और शौचालय एक साथ बनवाने का फैशन सा चल पड़ा है। मगर शास्त्रों के अनुसार स्नानघर चंद्रमा और शौचालय राहु का प्रतीक है, इन दोनों के इकट्ठा होने से परिवार के सदस्यों में मनमुटाव, वाद-विवाद, रोग, आर्थिक समस्या बनी रहेगी। यहां तक कि राहु के प्रभाव से स्नानघर का जल विष हो जाएगा और उस जल से नहाने से स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न होंगी। 

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