GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

इस स्वतंत्रता दिवस बच्चों को सिखाएं आजादी का महत्त्व, सुनाएं देशभक्ति की कहानियां और दिखाएं आजादी की फिल्में 

संविदा मिश्रा

14th August 2019

एक समय था जब स्वतंत्रता दिवस को एक आम दिन की तरह नहीं बल्कि ख़ास दिन की तरह मनाया जाता था।  बच्चों के स्कूल्स में प्रोग्राम्स होते थे और देश भक्ति के गीत गाए जाते थे और उन शहीदों को याद किया जाता था जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी।  लेकिन आजकल स्वतंत्रता दिवस के सेलिब्रेशन की जगह बच्चे घर  में बैठ कर इडियट बॉक्स यानि कि टेलीविज़न में डोरेमॉन  और मोटू पतलू देखना ज्यादा पसंद करते हैं। ज्यादातर स्कूल में 15 अगस्त को छुट्टी होती है और बच्चे अपने देश की और शहीदों की इम्पोर्टेंस जान ही नहीं पाते हैं। 

इस स्वतंत्रता दिवस बच्चों को सिखाएं आजादी का महत्त्व, सुनाएं देशभक्ति की कहानियां और दिखाएं आजादी की फिल्में 
 
 
ऐ वतन ऐ वतन हमको तेरी कसम..... गाना सुनते ही हमारा रोम-रोम आजादी के रंगों में रंग जाता है। दिल आजादी के दिन को याद करके ख़ुशी से खिल उठता है और उन शहीदों को नमन करता है जिन्होंने आजादी की लड़ाई में अपना योगदान दिया। आजादी का दिन यानि की 15 अगस्त का दिन कई मायने में हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है। 15 अगस्त के दिन ही हमारा देश अंग्रेज़ों के बंधन से आजाद हुआ था और हमारे देश को स्वतंत्र देश का दर्जा मिला था। लेकिन आजकल के बदलते परिवेश में बच्चों के लिए स्वतंत्रता दिवस का मतलब सिर्फ छुट्टी का दिन है।  बच्चे इस दिन भी आम छुट्टी के दिनों की तरह अपना पूरा दिन डोरेमॉन और छोटा भीम देखते हुए टीवी के साथ बिताते हैं। उन्हें इस दिन के मायने क्या हैं , इस दिन क्या हुआ था ये तक नहीं पता होता है। स्कूल में स्वतंत्रता दिवस का सेलिब्रेशन तो होता है लेकिन ये सिर्फ बच्चों को एक एक्टिविटी कराने  का तरीका बनता जा रहा है। आजकल के  बच्चे आजादी के और शहीदों की कुर्बानियों के बारे में कुछ भी नहीं जानते और उनके पेरेंट्स भी इतने व्यस्त रहते हैं कि वो भी बच्चों को आजादी का महत्त्व बताना ज़रूरी नहीं समझते हैं। 
 
जिन अमर शहीदों के योगदान से हमारा देश स्वतंत्र हुआ है उनकी कहानियां सुनाने  और उन शहीदों पर बनी फ़िल्में दिखाने से ही बच्चों को आजादी का महत्त्व पता चलेगा। बच्चों को स्वतंत्रता दिवस की कहानी और उसका महत्त्व बताने के लिए कुछ ख़ास तरीके अपनाएं -
 
 
बच्चों को आजादी की फिल्में साथ में बैठकर दिखाएं 
स्कूल में भले ही छुट्टी क्यों न हो लेकिन बच्चों को साथ में बैठाकर आजादी पर बनी हुई फिल्में दिखाएं। फिल्मों के साथ -साथ उसमे निभाए गए किरदारों का आजादी की लड़ाई में क्या योगदान था ये भी बताएं। बच्चों को एनिमेटेड फ़िल्में दिखाएं क्योकि उनकी रूचि कार्टून्स में ज्यादा होती है। बच्चों का मन बहुत कोमल होता है इसलिए उनके मन में हम जो कुछ भी लिखना चाहें लिख सकते हैं। कोशिश करें कि फिल्मों के साथ-साथ बच्चों  को आजादी के गाने भी सिखाएं। 
 
बताएं तिरंगे  के कलर्स का महत्त्व 
आमतौर पर देखा गया है कि बच्चे फ्लैग होस्टिंग तो  जानते हैं लेकिन ये नहीं जानते कि तिरंगे के सारे कलर्स का क्या महत्त्व है,और बीच में बना चक्र किस बात का प्रतीक है।  हो सके तो स्वतंत्रता दिवस वाले दिन बच्चों को ट्राई कलर्स ड्रेस पहनाएं। इससे बच्चे को इस दिन में कुछ ख़ास तो लगेगा ही साथ ही वो इस दिन के महत्त्व के बारे में जागरूक भी हो जाएगा। 
 
 
किसी हिस्टोरिकल प्लेस पर धुमाने ले जाएं 
 
आप भले ही किसी दिन भी छुट्टी मिलने पर बच्चों को शोप्पिंग या राइड्स कराने के लिए मॉल या पार्क ले जाने की बजाय किसी हिस्टोरिकल प्लेस पर घुमाने के लिए ले जाएं। 
 
 
 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

पोल

अगर पेपर लीक हो जाए तो क्या फिर से एग्ज़ाम होना चाहिए?

गृहलक्ष्मी गपशप

इनडोर प्लांटिंग : सुंदरता भी, फायदे भी

इनडोर प्लांटिंग...

अपने घर में पौधे लगाना जहां घर के सौंदर्य में चार...

स्मार्ट करियर गोल्स बनाने की सलाह देती हैं गृहलक्ष्मी ऑफ द डे दीपशिखा वर्मा

स्मार्ट करियर गोल्स...

गृहलक्ष्मी ऑफ द डे

संपादक की पसंद

फिक्स्ड डिपॉजिट करने के पहले जान लें ये जरूरी बातें

फिक्स्ड डिपॉजिट...

वर्तमान में कम निवेश में अधिक रिटर्न के लिए वर्तमान...

तेजाब खोखला नहीं कर पाया मेरे हौसलों को

तेजाब खोखला नहीं...

लड़कियों के चेहरे पर तेजाब डालने वालों के लिए ये कविता...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription