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कहें फंगल इंफेक्शन को बाय-बाय.....

भारती तनेजा, डायरेक्टर ऑफ ऐल्प्स ब्यूटी क्लीनिक एंड एकेडमी

16th July 2018

बारिश के मौसम में न भीगने से बचना आसान होता है, न ही फंगल इंफेक्शन से बचना। जानिए, इस मौसम से जुड़ी कुछ ज़रूरी सावधानियां-

कहें फंगल इंफेक्शन को बाय-बाय.....
बरसात में भीगना बहुत से लोग पसंद करते हैं, लेकिन कुछ लोगों के लिए बरसात फंगल इंफेक्शन की प्रॉब्लम्स और त्वचा संबंधी परेशानियां लेकर आती है। फंगल इंफेक्शन का सबसे आम कारण नमी है, जिसके कारण डर्माटाइटिस, त्वचा का लाल होना या सूजन आना और बालों में रूसी जैसी समस्या होती है। बारिश के उमस भरे इस मौसम में इंफेक्शन होना आम होता है, क्योंकि इन दिनों हवाओं में बैक्टीरिया ज्यादा हो जाते हैं। बारिश की बूंदों का खुशनुमा एहसास आपकी त्वचा को भी लुभाए, इसके लिए ये जरूरी है कि आप खुद को फंगल इंफेक्शन से बचाकर रखें। 
 
फेस इंफेक्शन से बचें
 
आप अपने फेस को इस बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाए रखने के लिए घर पर मिंट का इस्तेमाल भी कर सकती हैं। पुदीने की पत्तियों का रस मुंहासों पर लगाएं और जब वह सूख जाए तो उसे पानी से धो दें। ऐसा करने से मुंहासे कुछ ही दिनों में सूख जाएंगे। फेस इंफेक्शन की समस्या को दूर करने के लिए हर समय शरीर को सूखा रखने की कोशिश करें। फंगल इंफेक्शन की संभावना कम करने के लिए नहाने के बाद शरीर को सूखे तौलिए से तुरंत सुखाएं।
 
बालों में इंफेक्शन
 

बाल गीले होने पर बाहर न निकलें, क्योंकि उस दौरान क्यूटिकल्स खुले होते हैं और बाहरी प्रदूषण की वजह से कई मिनरल्स जैसे सल्फेट, फॉसफोरस, पोटैशियम व सोडियम नमी में शामिल हो जाते हैं, जो बालों को कमजोर बना देते हैं। सिर को सूखा रखना चाहिए। बारिश में भीगने के बाद अगर आपने बालों को सही तरीके से नहीं सुखाया तो यह बालों में नमी का कारण बनता है। यही फंगल संक्रमण का भी कारण है। बारिश के चलते यदि बाल भीग जाएं तो उन्हें तुरंत माइल्ड शैंपू से वॉश करें, क्योंकि बारिश का पानी प्रदूषण युक्त होता है, जिससे बालों का कलर और बाल दोनों खराब हो सकते हैं। अक्सर सिर में फंगल इंफेक्शन होने के कारण डैंड्रफ की प्रॉब्लम भी बढ़ जाती है। रूसी  से निजात पाने के लिए आप किसी अच्छे कॉस्मेटिक क्लीनिक से बायोप्ट्रॉन और ओजोन की सिटिंग्स ले सकती हैं। जिससे रूसी भी खत्म होती है और बालों का गिरना भी बंद हो जाता है। इसके अलावा फास्ट व इफेक्टिव रिज़ल्ट के लिए ओजोन ट्रीटमेंट भी करवा सकती हैं। इसमें एंटी फंगल और एंटी सेप्टिक गुणों के होने से इंफेक्टेड स्किन जल्दी ठीक हो जाती है। 

 पैरों में इंफेक्शन
 
जब भी मोज़े पहनें, उससे पहले पैरों की उंगलियों को अच्छे से पोंछ लें। उसके बाद उनके बीच में टैल्कम पाउडर लगाएं। फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए पैरों की साफ.-सफाई का खास ख्याल रखें। मॉनसून में फंगल इंफेक्शन से बचने का सबसे अच्छा तरीका सफाई है। ऐसे में एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल पाउडर इस्तेमाल करें। त्वचा के लिए एंटीबैक्टीरिया वाला साबुन प्रयोग करें। हर्बल उत्पादों का अधिक प्रयोग करें। इस सीजन में अक्सर पांव बारिश के गंदे पानी में भीग जाते हैं, इसलिए ये जरूरी है कि आप खुले व आरामदायक फुटवियर को ही चुनें, जिससे पैरों को हवा मिल सके और वे जल्दी सूख सकें। समय-समय पर किसी अच्छे कॉस्मेटिक क्लीनिक से टीण्ट्री पैडीक्योर करवा लें। इसमें शामिल एंटी सेप्टिक, एंटी फंगल व डिसइंफेक्टेंट गुण पांव को एलर्जी, कॉर्न व फटने से बचाते हैं। यदि किसी लापरवाही या अन्य किसी कारण से इंफेक्शन हो जाएं तो किसी अच्छे डर्माटॉलिजि़स्ट से जरूर संपर्क करें।
 
 
 
 

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