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यूं सजाएं किराए के अपने आशियाने को

दामिनी यादव

18th August 2018

मकान चाहे किराये का ही क्यों न हो, उसे 'घर बनाता है आपका व्यक्तित्व और नज़रिया। जब आपको रहना हो किराये के मकान में तो हमारे कुछ टिप्स आपके बहुत काम आएंगे। आज़मा कर देख लीजिए-

यूं सजाएं किराए के अपने आशियाने को

दो दीवाने शहर में,

रात में या दोपहर में

आबो-दाना ढूंढ़ते हैं

एक आशियाना ढूंढ़ते हैं...

और जब दो दीवाने मिलकर किसी शहर में अपना आशियाना ढूंढ़ लेते हैं तो अगला सवाल होता है कि उसे कैसे सजाएं कि उसका हर कोना गुलज़ार नज़र आए। अगर घर अपना है, तब तो कोई बात ही नहीं, आप अपने घर को कल्पनाओं की लंबी उड़ान से सजा-संवार सकते हैं, लेकिन अगर वह आशियाना आपने किराये पर लिया है, यानी वह घर किराये का है, तब ज़रा सोच-विचार करने की ज़रूरत पड़ जाती है। यहां इस बात से कोई बहुत बड़ा फर्क नहीं पड़ता कि घर किराये का है या अपना, घर बनता है, उस घर में रहने वालों से। उन्हीं की अभिरुचि ये बताती है कि उस घर में कौन रहता है। किराये का होने भर से उसे उपेक्षित थोड़ा छोड़ा जा सकता है। यहां एक मसला ये है कि उस घर में बात चाहे इंटीरियर की हो या डेकोरेशन की, आप उसे एक हद तक ही अपने अनुकूल बना सकते हैं। बस, ज़रूरत इस बात की होती है कि तब उसकी सजावट कुछ खास बातों पर ध्यान देते हुए करनी है। तो चलिए, हम कुछ बातों से मदद करते हैं आपके किराये के आशियाने को सजाने में।

कैसा हो रंगों का ढंग

घर को सजाने के लिए पर्याप्त साफ-सफाई के बाद बात आती है वॉल पेंट की। ज़्यादातर ये होता है कि किराये का मकान एक साल या ग्यारह महीने की लीज पर मिलता है, जो कि मकान मालिक और किरायेदार की सहुलियत के हिसाब से एक्सटेंड होता रहता है, इसलिए पेंट कराते समय आप प्राथमिकता प्लास्टिक पेंट को दीजिए। ये डिस्टेंपर के मुकाबले किफायती भी होते हैं, टिकते भी ज़्यादा हैं और दिखने में भी बहुत खूबसूरत लगते हैं। इसे हल्के डिस्टेंपर के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है और इसमें शेड और कलर्स की भरमार मिल जाती है।

फर्नीचर आफत नहीं, आराम दे

किराये के घरों में फर्नीचर का चुनाव बहुत ही सावधानी से करें। जहां ज़्यादा या भारी फर्नीचर आपके लिए सिरदर्द बन सकते हैं, वहीं बहुत ही साधारण फर्नीचर आपके बाकी तालमेल को खराब कर सकते हैं। अगर आपके पास पहले से ही बड़े बॉक्स वगैरह हैं तो उनका इस्तेमाल आप स्टायलिश सेंटर टेबल या साइड सिटिंग अरेंजमेंट

के रूप में कर सकती हैं। सारी खूबी उसे कवर करने की है। एक उदाहरण के तौर पर देखिए कि आपके घर की दीवारें मान लीजिए कि क्रीम या ऑफ व्हाइट कलर की हैं और पर्दे आपने मरून लगाएं हैं। आप इस बॉक्स को सेंटर या साइड टेबल के रूप में उपयोग में लाती हैं तो उसकी कवरिंग के लिए राजस्थानी या गुजराती स्टाइल की डेकोरेटेड क्लोद का इस्तेमाल कर सकती हैं। ज़्यादातर कोशिश इस बात की कीजिए कि आपका फर्नीचर मल्टी-पर्पज़ हो, यानी सोफा कम बेड या अल्मारी कम फोल्डिंग स्टडी टेबल। बेड या शेट्टी भी इसी तरह से बॉक्स वाले हों, जिनके खाली हिस्से का प्रयोग सामान रखने में किया जा सके। यहां आप ड्राइंग रूम में पूरा सोफा रखने की बजाय फ्लोर सिटिंग अरेंजमेंट कर सकती हैं या फिर वज़न में हल्की स्टायलिश चेयर्स के साथ कॉफी टेबल रख सकती हैं, यानी कंफर्ट भी और स्टाइल भी।

लाइलिंग से करिए लुक को ब्राइट

लाइटिंग किसी भी घर की सजावट में बहुत अहम रोल अदा करती है। इसके लिए हमारा सुझाव है कि आप बहुत ज़्यादा फैंसी लाइट की बजाय सूदिंग लाइट को प्राथमिकता दीजिए। पूरे रूम में ब्राइट लाइटिंग की बजाय छोट-छोटे

टेबल लैंप इसका बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। इन लैंप को आप उन स्थानों पर लगा सकती हैं, जिन्हें आप ज़्यादा उभारना चाहती हैं, जैसे- पूजाघर या आराधना स्थल, साइट कॉर्नर, सेंट्रल पार्ट, बुक शेल्फ या फिर कोई खास पेंटिंग या फोटो। अगर आपको रोमानियत भाती है तो कैंडल लाइट से कोनों को रोशन कीजिए। ये खूबसूरती, खुशबू, रंगों और किफायत का बेहतरीन कॉम्बिनेशन होती हैं। लॉन्ग टर्म या पर्मानेंट लाइटिंग व्यवस्था करने से बचें।

वास्तु से बनाइए संतुलन

वास्तु के अनुसार घर चुनना अब ज़्यादातर लोगों को भाने लगा है, मगर इसमें दुविधा यह है कि जो मकान आप किराये पर ले रही हैं, ज़रूरी नहीं कि वह वास्तु के अनुसार ही बना हो। अपने तौर पर भी आप उसमें कोई $खास बदलाव या छेड़छाड़ नहीं कर सकती हैं। बस जो है, उसी को संवारना है। किसी भी घर में पूजाघर या आराधना

स्थल का होना सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत होता है। यह दिलो-दिमाग को शांत भी रखता है। कोशिश कीजिए कि घर का ये सेक्शन अपनी इस विशेषता को बरकरार रख सके। प्रवेश द्वार भी तस्वीरों, पौधों या मूर्तियों की मदद से ऐसा बनाया जा सकता है कि घर में दाखिल होते हुए ही एक सकारात्मकता का एहसास हो। पौधे सकारात्मकता और सुंदरता, दोनों गुणों से भरपूर होते हैं। भारी या बेकार सामान घर में न रखें। किसी नल से अगर पानी टपकता रहता है तो उसे ठीक कराएं। लाइटिंग चाहे जैसी हो, कोई भी कोना अंधेरा नहीं छूटना चाहिए। पुराने

कैलेंडर, बंद घडिय़ां, टूटे या चटखे हुए सामान जैसी चीज़ें अपने-आप में ढेर सारी नकारात्मकता समेटे होती हैं। ये कुछ ऐसे उपाय हैं, जिनसे आपका किराये का आशियाना भी रहेगा खिला-खिला, क्योंकि हर घर कुछ कहता है और ये बात एशियन पेंट भी कहता है।

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